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राजधानी के आला अफसरों के पास है करोड़ों की संपत्ति

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भोपाल

राजधानी के आईएएस व आईपीएस अफसरों में संभागायुक्त (कमिश्नर) व पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) के पास करोड़ों की संपत्ति है। भविष्य के लिहाज से देखा जाए तो कमिश्नर अजातशत्रु की करीब 34 एकड़ जमीन उनके पैतृक गांव बघेलान में तो बंगला भोपाल के रिवेरा टाउन में उन्होंने लिया है। वहीं आईजी प्रसाद ने प्लॉट, खेती की जमीन तो झारखंड के रामगढ़ से लेकर सीहोर और भोपाल में भी ली है, लेकिन 2300 वर्गफीट का फ्लैट उन्होंने गुड़गांव की टाउनशिप में लिया है। दोनों आला अफसरों के अलावा कलेक्टर सुदाम पी खाड़े पैतृक संपत्ति के ही मालिक हैं। तो नगर निगम आयुक्त प्रियंका दास के पास कोई संपत्ति ही नहीं है, जैसा कि उन्होंने दर्शाया है। वहीं डीआईजी धमेंद्र चौधरी करीब दो करोड़ से ज्यादा की संपत्ति के मालिक हैं, जो उन्होंने पैतृक बताई है। गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा देश भर के आईएएस व आईपीएस अधिकारियों की संपत्तियों को ब्यौरा सार्वजनिक किया गया था।

अजातशत्रु श्रीवास्तव, संभागायुक्त भोपाल – सतना के रामपुर बघेलान गांव में 8 एकड़ जमीन 45 लाख रुपए, ढाई एकड़ जमीन 13 लाख रुपए की कृषि भूमि है। साढ़े चार एकड़ जमीन 25 लाख रुपए की चाचा के द्वारा इनकी पत्नी को दी गई थी। सतना में ही 5.40 एकड़ कृषि भूमि 20 लाख रुपए की जमीन है जो 8 लाख 10 हजार रुपए में संयुक्त रूप से दो अन्य भाईयों के साथ 2007 में खरीदी गई थी। रीवा के लक्ष्मणपुर गांव में 35 लाख रुपए की 8.20 एकड़ जमीन, 6.50 लाख रुपए मूल्य का एक एकड़ का बगीचा पिता की वसीयत में प्राप्त हुआ है। रामपुर बघेलन में 14 लाख रुपए का पैतृक मकान है जो दो अन्य भाईयों के साथ हिस्से में प्राप्त हुआ है। सतना जिले में 10 लाख रुपए का मकान निःसंतान होने पर चाचा द्वारा दिया गया है। इंदौर में 1976 में खरीदा गया एक मकान पिता से वसीयत में प्राप्त हुआ है, इसकी कीमत नहीं बताई गई है। इसके अलावा भोपाल के अहमदपुर में 2006 में खरीदे गए 15 लाख रुपए के दो प्लाट हैं। रिवेरा टाउन टीटी नगर में 66 लाख 75 हजार रुपए का बंगला है। जो कि 2007 में 42 लाख रुपए में खरीदा गया है।

सुदाम पी खाडे, कलेक्टर, भोपाल – महाराष्ट्र के सतारा गांव में 4 लाख रुपए का मकान है जो कि पिता के नाम है। वहीं 12.7 एकड़ कृषि भूमि है जिसकी कीमत 50 लाख रुपए है। यह भूमि माता-पिता दोनों के नाम है। इससे सालाना एक लाख 30 हजार रुपए की आय होती है। इसके अलावा एक एकड़ जमीन 4 लाख रुपए की और है जो कि 1980 में 4 हजार रुपए की खरीदी गई थी। यह जमीन माता-पिता और स्वयं के नाम पर संयुक्त रूप से है। इस जमीन से 25 हजार रुपए सालाना आय होती है।

प्रियंका दास, नगर निगम आयुक्त, भोपाल – इनके नाम कोई संपत्ति नहीं है, ऐसा इन्होंने दर्शाया है।

जयदीप प्रसाद, आईजी, भोपाल – झारखंड के रामगढ़ में दो मकान 45 लाख रुपए, एक करोड़ 4 लाख 50 हजार रुपए की कीमत के प्लाट हैं। वहीं मप्र भोपाल में पुलिस कर्मचारी सोसायटी के जरिए खरीदे गए 14 लाख रुपए के दो प्लाट, 76 लाख 10 हजार रुपए कीमत की भोपाल के फंदा व सीहोर जिले के बरखेड़ा में कृषि भूमि है। इसमें सीहोर की एक जमीन के लिए 19 लाख रुपए का लोन बताया गया है। इसके अलावा गुणगांव में 63 लाख रुपए का 23 सौ वर्ग फीट का फ्लैट है, जिसके लिए 50 लाख रुपए का लोन दर्शाया गया है। लोन किस बैंक से लिया गया है इसका उल्लेख नहीं किया गया है। वहीं इन संपत्तियों से सालाना 12 लाख 10 हजार रुपए की आय होना दर्शाया गया है। कुल 12 में से 6 संपत्तियां पत्नी के नाम हैं, जबकि शेष 6 स्वयं के नाम पर हैं।

धर्मेंद्र चौधरी, डीआईजी, भोपाल – मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में 40 लाख रुपए का 2200 वर्ग फीट प्लाट है, जो 1981 में 50 हजार रुपए का खरीदा गया था। इसके अलावा इंदौर में ही एक करोड़ 75 लाख रुपए की पैतृक संपत्ति दर्शाई गई है। जिसमें दो एमआईजी मकान और साढ़े चार एकड़ कृषि भूमि है।

अजय सिंह , एसपी नार्थ – इनके नाम कोई संपत्ति नहीं है।

राहुल लोढ़ा, एसपी साउथ – महाराष्ट्र के जलगांव में 78 लाख रुपए का 6 हजार 789 वर्गमीटर का प्लाट है। जो उनकी माता के नाम है।

विकास सहवाल, एएसपी भोपाल – मध्यप्रदेश के सीधी में पिता के नाम 60 लाख रुपए की खेती की जमीन है और 45 लाख रुपए की कीमत के दो मकान है इनमें से एक मकान 15 लाख रुपए में 2014 में खरीदा गया था।

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