Home अंतरराष्ट्रीय राजनयिक विवाद: नहीं बाज आ रहा पाकिस्तान

राजनयिक विवाद: नहीं बाज आ रहा पाकिस्तान

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नई दिल्ली

पाकिस्तान में भारतीय राजनयिकों का उत्पीड़न नहीं रूकने पर भारत ने पाकिस्तान से आधिकारिक तौर पर आपत्ति जताई है। पड़ोसी देश में भारतीय उच्चायोग के अफसरों का अज्ञात लोगों द्वारा पीछा किया जा रहा है। यही नहीं, पीछा करते वक्त उनके विडियो भी बनाए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक भारत सरकार ने अपने राजनयिकों के साथ हो रही इस तरह की घटनाओं पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। पाकिस्तान से ऐसे मामलों की जांच करते हुए भविष्य में पुनरावृत्ति पर सख्ती से लगाम लगाने की ताकीद की गई है।

सूत्रों के मुताबिक 18 मार्च को भारतीय उच्चायोग के सेकंड सेक्रटरी को इस तरह की घटना से रुबरू होना पड़ा है। कार पर सवार अज्ञात लोगों ने सेकंड सेक्रटरी का न सिर्फ पीछा किया बल्कि मोबाइल से उनका विडियो भी बनाया। भारतीय राजनयिक उस वक्त चाय खाना रेस्तरां की ओर जा रहे थे। इसी तरह रविवार को भी भारतीय उच्चायोग के 4 अधिकारियों का मोटरसाइकल सवार 2 लोगों ने पीछा किया। भारतीय अधिकारी सरकारी गाड़ी पर सवार थे और अबपारा बाजार की ओर जा रहे थे।

भारतीय उच्चायोग की वेबसाइट का ब्लॉक होना भी रुक-रुक कर जारी है। भारत ने इस तरह की घटनाओं पर आपत्ति दर्ज कराई है। भारत ने पाकिस्तान सरकार से इस मामले की जांच करने को कहा है। साथ ही इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसका ख्याल रखने को भी कहा गया है।

हाल के दिनों में दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों ने एक-दूसरे पर अपने वरिष्ठ राजनयिकों के उत्पीड़न का आरोप लगाया। पाकिस्तान में भारतीय दूतावास के कर्मचारियों के बच्चों को भी प्रताड़ित किया जा रहा है। जिन तरीकों से उत्पीड़न किया जा रहा है, उनमें रात 3 बजे घर के बाहर लगी घंटी बजाना, सुरक्षाकर्मियों द्वारा पूछताछ जैसी कई गतिविधियों से डराया-धमकाया जाना शामिल है।

इस्लामबाद में भारतीय उच्चायोग में काम कर चुके रिटायर्ड राजनयिक विष्णु प्रकाश ने बताया कि इस्लामाबाद में रह रहे भारतीय राजनयिकों के घर की घंटी आधी रात बजना और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI द्वारा पीछा किया जाना काफी आम हो गया है। उन्होंने बताया कि वहां रहते हुए उनके घर की घंटी भी कई बार बजाई गई। प्रकाश ने एक इंटरव्यू में बताया था कि ISI के लोगों से भरी गाड़ी उनका पीछा करती थी।

दोनों तरफ से कथित उत्पीड़न के आरोप हाल के सालों में भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में आई गिरावट को दिखाते हैं। बीते समय में दोनों देशों ने शांति वार्ता की कोशिश जरूर की लेकिन संबंधों को सुधारने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए शुरुआती प्रयास विफल रहे।

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