Home भोपाल/ म.प्र लोकायुक्त ने कहा : संगठन में निर्दोष को परेशान नहीं होने देंगे

लोकायुक्त ने कहा : संगठन में निर्दोष को परेशान नहीं होने देंगे

0 41 views
Rate this post

भोपाल

नवनियुक्त लोकायुक्त जस्टिस एनके गुप्ता ने अपने हाईकोर्ट के अनुभवों के आधार पर बताया कि निर्दोष फंसते हैं। इसका लोकायुक्त संगठन में विशेष रूप से ध्यान रखा जाएगा कि कोई भी निर्दोष परेशान न हो। ऐसे मामले जो अभियोजन स्वीकृति के लिए नहीं भेजे गए हैं,उनकी भी समीक्षा की जाएगी। जस्टिस गुप्ता ने यह बात सोमवार को पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही।

शपथ और कार्यभार ग्रहण के चौथे दिन लोकायुक्त संगठन कार्यालय पहुंचे जस्टिस गुप्ता ने पत्रकारों को आज चर्चा के लिए बुलाया था। चर्चा के पहले लोकायुक्त ने पत्रकारों को नियुक्ति सहित चार मुद्दों को छोड़ कर सवाल पूछने को कहा। चर्चा के दौरान संगठन के सचिव संजीव झा उनके साथ थे। गुप्ता ने चर्चा की शुरूआत करते हुए कहा कि लोकायुक्त में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और किसी भी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कई बार यह होता है कि आपसी झगड़े में शिकायत कर दी जाती है। इसलिए हर शिकायत की बारीकी से जांच की जाएगी। कई बार शिकायत के कारण सरकारी कर्मचारी की पूरी नौकरी निकल जाती है और वो परेशान हो जाता है। मगर इसका भी ध्यान रखा जाएगा कि साक्ष्य की कमी के कारण कोई दोषी छूट न जाए।

नियुक्ति व संगठन संबंधी सवालों को टाला
लोकायुक्त से जब उनकी नियुक्ति में सिंगल नाम, वरिष्ठता पर चल रहे विवाद को लेकर सवाल किए गए तो उन्होंने कहा कि मैं चयन समिति में नहीं था। मुझे कुछ नहीं पता। उनसे जब लोकायुक्त जैसे संवैधानिक पद पर इस तरह की राजनीति और सियासत पर पूछा गया कि तो उन्होंने कहा यह आप लोगों ने की है और छापी है। उन्होंने लोकायुक्त संगठन में लंबित मामलों और स्टाफ की कमी को लेकर किए गए सवालों को भी टाल दिया।

लंबित मामलों की समीक्षा होगी
जस्टिस गुप्ता ने कहा कि ऐसे मामलों की समीक्षा की जाएगी जिनमें एफआईआर दर्ज है और विवेचना अंतिम चरणों में है। जब तक कोई मामले को अभियोजन स्वीकृति के लिए नहीं भेजा जाता तब तक उसकी समीक्षा की जा सकती है। जिनमें चार्जशीट पेश हो चुकी है, उनकी समीक्षा नहीं की जा सकती।

उप लोकायुक्त भोजनावकाश तक रहे ऑफिस में
वहीं नवनियुक्त लोकायुक्त के पहुंचने के बाद उप लोकायुक्त जस्टिस यूसी माहेश्वरी भोजनावकाश के बाद दफ्तर नहीं पहुंचे। उन्होंने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि संगठन विधि के अनुसार चलता था और चलता रहेगा। राज्य शासन का आदेश सर्वोपरि है। संगठन में लोकायुक्त और उप लोकायुक्त का काम अलग-अलग है। वे अपने पूरे कार्यकाल तक काम करेंगे।

दोस्तों के साथ शेयर करे.....