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वॉलमार्ट डील: फ्लिपकार्ट के कई कर्मचारी हो गए मालामाल

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मुंबई/बेंगलुरु

वॉलमार्ट डील से फ्लिपकार्ट के ईसॉप्स (एंप्लॉयी स्टॉक ओनरशिप प्लान) यानी शेयर रखने वाले एंप्लॉयीज मालामाल हो गए हैं। अमेरिकी रिटेल कंपनी भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स फर्म को 22 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर खरीद रही है। इससे भारत की कंपनियों के इतिहास में कर्मचारियों के लिए सबसे अधिक संपत्ति बनेगी। इस सौदे से फ्लिपकार्ट के एंप्लॉयी स्टॉक ओनरशिप प्लान की वैल्यू बढ़कर करीब 13,455 करोड़ यानी 2 अरब डॉलर हो गई है। फ्लिपकार्ट के 100 मौजूदा और पूर्व एंप्लॉयीज के पास जो ईसॉप्स हैं, उनमें से हरेक के लिए इसकी वैल्यू 1 करोड़ डॉलर (करीब 65 करोड़ रुपये) से अधिक होगी।

कई बनेंगे करोड़पति
सूत्रों ने बताया कि वॉलमार्ट मच्योर ईसॉप्स के लिए 100% बायबैक का ऑफर लाएगा। यानी, कंपनी के जिन एंप्लॉयीज के पास जितने भी शेयर हैं, उन्हें प्रति शेयर 150 डॉलर (10,000 रुपये) की दर से बेचने का विकल्प दिया जाएगा। इस ऐलान के बाद फ्लिपकार्ट ग्रुप के जो एंप्लॉयीज करोड़पति बननेवाले हैं, उनमें फोनपे के सीईओ और संस्थापक समीर निगम, फ्लिपकार्ट के पूर्व चीफ टेक्नॉलजी ऑफिसर आमोद मालवीय, वेबफॉर्म उड़ान में ऑपरेशंस डिपार्टमेंट के पूर्व प्रेजिडेंट सुजीत कुमार आदि शामिल हैं। फ्लिपकार्ट ने ये स्टॉक ऑप्शंस चार साल में दिए थे। इसमें एक साल के बाद एंप्लॉयीज को हर महीने इन्हें भुनाने का ऑप्शन दिया गया था। इस बारे में पूछे गए सवालों का फ्लिपकार्ट ने तुरंत जवाब नहीं दिया।

इन्फोसिस सबसे आगे
फ्लिपकार्ट का एंप्लॉयी स्टॉक ऑप्शंस पूल अब ऐक्सिस बैंक (5,065 करोड़), एचसीएल टेक (5,498 करोड़) और विप्रो (3,040 करोड़) के कंबाइंड ईसॉप्स पूल के बराबर हो गया है। एंप्लॉयी की संपत्ति बढ़ाने में इन्फोसिस देश की नंबर वन कंपनी रही है। कंपनी शुरू होने के बाद से 2011 तक उसने 50,000 करोड़ से अधिक के स्टॉक ऑप्शंस कर्मचारियों को दिए थे। साल 2000 में इन्फोसिस ने 2,000 से अधिक एंप्लॉयीज को ईसॉप्स ऑफर किए थे, जिनमें से कई करोड़पति बन गए। 2016 में 13 साल के गैप के बाद इन्फोसिस ने फिर से जूनियर और मिड लेवल मैनेजमेंट एंप्लॉयीज के लिए ईसॉप स्कीम शुरू की थी। इन्फोसिस का ईसॉप पूल अभी 2,693 करोड़ रुपये का है। भारतीय कंपनियों में ईसॉप पूल को राइट्स, बायबैक या स्टॉक स्पिलट से अजस्ट नहीं किया जाता।

फ्लिपकार्ट ने भी दिए चार मौके
फ्लिपकार्ट ने ईसॉप्स रखनेवाले एंप्लॉयीज को समय-समय पर इसे बेचने का मौका दिया है। पिछले साल दिसंबर में कंपनी ने चौथा ईसॉप रीपरचेज प्रोग्राम पूरा किया था। इसमें कंपनी ने 10 करोड़ डॉलर (करीब 6.5 अरब रुपये) के शेयर बायबैक किए थे। यह देश में किसी प्राइवेट कंपनी की तरफ से इस तरह का सबसे बड़ा बायबैक प्रोग्राम था। इसमें कंपनी के 3,000 मौजूदा और पूर्व अधिकारियों ने हिस्सा लिया था। इनमें मिंट्रा और जबॉन्ग के एग्जिक्युटिव्स भी शामिल थे।

स्विगी, पेटीएम ने लाया था बायबैक प्रोग्राम
2015 में फ्लिपकार्ट ने एंप्लॉयी ट्रस्ट फंड के 240 करोड़ के शेयर अमीर निवेशकों को बेचे थे। भारत की डिजिटल कंपनियों ने एंप्लॉयीज के लिए 4-5 अरब डॉलर की वेल्थ क्रिएट की है। इसमें अकेले फ्लिपकार्ट का योगदान 20 प्रतिशत से अधिक है। कई कंपनियों के 18,000 एंप्लॉयीज को एंप्लॉयी स्टॉक ऑप्शंस और शेयर बायबैक स्कीम्स का फायदा मिला है। हाल में फूड डिलीवरी कंपनी स्विगी ने 40 लाख डॉलर (करीब 26 करोड़ रुपये) का एंप्लॉयी शेयर बायबैक प्रोग्राम पेश किया है। पिछले साल पेटीएम के 47 एंप्लॉयीज ने 100 करोड़ के शेयर बेचे थे। पेटीएम में करीब 500 एंप्लॉयीज के पास पैरंट कंपनी के 4 प्रतिशत शेयर हैं।

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