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शपथ लेने के बाद भी 24 घंटे में जा सकती है येदियुरप्पा की कुर्सी!

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नई दिल्ली,

कर्नाटक में बीएस येदियुरप्पा के मुख्यमंत्री पद के शपथ को रोकने के लिए कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंची. कोर्ट में आधी रात के बाद करीब साढ़े तीन घंटे चली बहस के बाद येदियुरप्पा को राहत मिली, जिसके बाद वे आज सुबह 9 बजे सीएम पद के लिए शपथ लेकर सत्ता के सिंहासन पर काबिज हो जाएंगे. लेकिन 24 घंटे के अंदर उन्हें अपने विधायकों की लिस्ट कोर्ट को देनी है. बीजेपी के लिए 112 विधायकों की लिस्ट सौंपना आसान नहीं है. ऐसे में येदियुरप्पा को एक बार फिर अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ सकती है. इससे पहले भी बहुमत नहीं होने के कारण 2007 में येदियुरप्पा को 7 दिन के अंदर कुर्सी छोड़नी पड़ी थी.

बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव की 222 सीटों पर आए नतीजों में बीजेपी को 104 सीटें मिली हैं, जो कि बहुमत से 8 विधायक कम हैं. कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 37, बसपा को 1 और अन्य को 2 सीटें मिली हैं. ऐसे में बीजेपी भले ही सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी हो, लेकिन बहुमत से वो दूर है. जबकि कांग्रेस और जेडीएस ने नतीजे आने के बाद हाथ मिला लिया है.

बीजेपी ने जहां सबसे बड़ी पार्टी होने के चलते सरकार बनाने का दावा पेश किया, ती वहीं जेडीएस और कांग्रेस ने गठबंधन करके विधायकों की पर्याप्त संख्या होने का हवाला देकर सरकार बनाने का दावा पेश किया. इसके बाद बुधवार की शाम कर्नाटक के राज्‍यपाल वजुभाई वाला ने बीजेपी को सरकार बनाने का न्‍योता भेजा और येदियुरप्‍पा को 15 दिन में बहुमत साबित करने का समय दिया. येदियुरप्‍पा के लिए गुरुवार सुबह 9 बजे मुख्यमंत्री पद का शपथ लेने का वक्त तय हुआ.

राज्यपाल के बीजेपी को सरकार बनाने के न्योता देने के बाद येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण को रोकने के लिए कांग्रेस बुधवार को रात में ही सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई. कोर्ट में करीब साढे तीन घंटे बहस चली. इसके बाद कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक भाजपा को कुछ देर के लिए ही सही लेकिन बड़ी राहत दी है और येदियुरप्पा की शपथ पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है.

हालांकि कोर्ट ने येदियुरप्पा की राह में एक बड़ा रोड़ा जरूर अटका दिया. सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी से समर्थक विधायकों की लिस्ट मांगी है. साथ ही राज्यपाल को दिए गए समर्थन पत्र की भी मांग की है. मामले में अब शुक्रवार की सुबह 10.30 बजे दोबारा सुनवाई होगी. ऐसे में येदियुरप्पा को अपनी 112 विधायकों की लिस्ट सौंपनी है. जबकि उनके पास 104 विधायक ही हैं. ऐसे में 8 विधायकों का समर्थन हासिल करना अपने आप में एक टेढ़ी खीर है.

बीजेपी शुक्रवार को सुबह 10.30 बजे अपने 112 विधायकों की लिस्ट नहीं सौंपती हैं, तो ऐसी हालत में येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है और उनकी कुर्सी जा सकती है. बीजेपी बहुमत के लिए जरूरी विधायकों की संख्या को पूरा करने में अगर दो अन्य विधायक और एक बसपा विधायक का समर्थन हासिल कर लेती है तो उसकी संख्या 107 ही पहुंचती है. इसके बाद भी बहुमत के लिए 5 विधायकों की जरूरत पड़ेगी, जिसे पूरा करना आसान नहीं है.

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