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सर्वे: मोदी लहर है बरकरार, राहुल कर पाएंगे पलटवार?

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नई दिल्ली

देश में मोदी लहर अब भी जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं। अगर आज चुनाव हुए तो नरेन्द्र मोदी की अगुआई में एनडीए बड़े बहुमत के साथ दोबारा सरकार बना सकता है। कांग्रेस ने 2014 के मुकाबले स्थिति में थोड़ा सुधार तो किया है, लेकिन अब भी बीजेपी को टक्कर देने की स्थिति में नहीं है। यह बात सामने आई है एक सर्वे में जिससे मूड ऑफ द नेशन यानी जनता का मिजाज पता किया गया। सी वोटर की ओर से यह सर्वे पिछले साल 3 दिसंबर से लेकर इस साल 3 जनवरी तक सभी 543 लोकसभा सीटों के 10 हजार से अधिक लोगों के बीच जाकर किया गया था। सर्वे के अनुसार पूरे देश में मोदी ही केंद्र में हैं और अकेले बीजेपी की गाड़ी खींच रहे हैं।

यूपी में बीजेपी मजबूत लेकिन एसपी की वापसी के आसार
सर्वे के अनुसार यूपी की 80 लोकसभा सीटों पर बीजेपी अपने सहयोगियों के साथ 60 सीट जीतने में सफल हो सकती है, जबकि समाजवादी पार्टी (एसपी) के 16 और कांग्रेस-बीएसपी को दो-दो सीट मिलने का अनुमान जताया गया है। हालांकि इस सर्वे में माना गया है कि एसपी-कांग्रेस लोकसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ेंगे। 2014 के आम चुनाव में एनडीए को 73, एसपी को 5 और कांग्रेस को 2 सीटें मिली थीं।

क्या कहता है सर्वे
सी वोटर के इस सर्वे में आंकड़ों के स्तर पर बीजेपी के लिए राहत की खबर है लेकिन इसके साथ ही दूसरे तथ्य काफी चिंताजनक हैं। कई लोग मानते हैं कि जमीन पर मोदी सरकार ने उन वादों को पूरा नहीं किया जो 2014 में किए गए थे और अब से लेकर 2019 तक मोदी की अगुआई में बीजेपी कितनी बढ़त बनाए रखने में सफल होती है या विफल, वह कितना काम करती है, उस पर निर्भर रहेगा। क्योंकि पार्टी के सपॉर्टरों में भी इस बात को लेकर निराशा है कि काम उस स्तर पर नहीं हुआ जितनी अपेक्षा की थी। सी वोटर के संस्थापक यशवंत देशमुख ने कहा कि अब सरकार के सामने तीन बड़ी चुनौतियां हैं- इकॉनमी, इकॉनमी और सिर्फ इकॉनमी। इस मोर्चे पर परफॉर्म करना ही होगा। इसमें युवाओं की नौकरी और किसानों की समस्या को दूर करना सबसे बड़ी चुनौती है। वहीं इनकी तीन सबसे बड़ी मजबूती है- मोदी, मोदी और मोदी। उन्होंने कहा कि अब भी लोगों को उम्मीद है कि जिस अच्छे दिन का भरोसा नरेन्द्र मोदी ने 2014 में दिया था वह 2019 तक जरूर पूरा होगा। ऐसे में सरकार के सामने इस अपेक्षा पर खरा उतरने की भारी चुनौती है।

सर्वे की 10 खास बातें

  • 1-देश में मोदी लहर सरकार के साढ़े तीन साल बाद भी जारी है। कमोबेश 2014 की ही स्थिति बनी हुई है। कांग्रेस की स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ है, लेकिन अब भी बीजेपी से मुकाबले से बहुत दूर नजर आ रही है।
  • 2-बीजेपी के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात है कि उनके सपॉर्टर भी मान रहे हैं कि जमीन पर काम उस अनुसार नहीं हुआ जिसकी अपेक्षा थी और सरकार के सामने अब अंतिम साल बचा है।
  • 3-2014 में जिन राज्यों में बीजेपी को बड़ी सफलता मिली थी वहां कुछ सीटें कम हो रही हैं लेकिन पार्टी पश्चिम बंगाल, ओडिशा और नॉर्थ-ईस्ट में पकड़ मजबूत करने में सफल होती दिख रही है।
  • 4-दिल्ली में आम आदमी पार्टी के लिए भी चिंता की बात है। दिल्ली की सभी 7 लोकसभा सीट बीजेपी बचाती दिख रही है। 2014 में बीजेपी ने क्लीन स्वीप किया था लेकिन उसके बाद आप ने विधानसभा चुनाव में बाजी मारी थी।
  • 5-करप्शन के खिलाफ उठाए गए कदम पीएम मोदी की लोकप्रियता को बनाने रखने में सबसे बड़ा फैक्टर साबित हो रहे हैं। लोग मौजूदा सरकार को करप्शन से लड़ने वाली सरकार मान रहे हैं।
  • 6- राहुल गांधी को अध्यक्ष बनने के बाद भी लंबा संघर्ष करना है। पीएम मोदी के सामने उनकी लोकप्रियता का ग्राफ काफी नीचे है।
  • 7-अगर कांग्रेस लोकसभा चुनाव से पहले क्षेत्रीय उम्मीदवारों से महाठबंधन बनाने में सफल रही तो तस्वीर पलट भी सकती है। बीजेपी को इस गठबंधन से खतरा हो सकता है।
  • 8-तमिलनाडु में जयललिता के निधन के बाद एआईएडीएमके की स्थिति और कमजोर होती दिख रही है। वहां डीएमके को बड़ी जीत मिल सकती है। रजनीकांत की एंट्री का भी बड़ा असर नहीं होगा।
  • 9-बिहार में नीतीश और बीजेपी का गठबंधन कारगर साबित हो सकता है और 40 में से 36 सीट जीत सकते हैं। रामविलास पासवान की एलजेपी और उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएसपी का गठबंधन पहले से ही बीजेपी से है।
  • 10-राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में अभी बीजेपी मजबूत स्थिति में है लेकिन 2014 के मुकाबले इन राज्यों में कुछ सीटों का नुकसान हो सकता है। कर्नाटक में 2014 के मुकाबले अधिक सीट मिलने का अनुमान है।

प्रधानमंत्री पद के लिए सबसे लोकप्रिय उम्मीदवार
नरेन्द्र मोदी – 62.7%
राहुल गांधी – 12.6%
सोनिया गांधी – 4.4%
डॉ. मनमोहन सिंह – 4.3%
अरविन्द केजरीवाल – 1.6%

अभी चुनाव हुए तो किस दल को कितनी सीटें मिलेंगी
एनडीए- 335 सीट, 39.7 फीसदी वोट
बीजेपी-279 सीट, सहयोगी – 56 सीट
यूपीए – 89 सीट, 23.6 फीसदी वोट
कांग्रेस-60 सीट, सहयोगी-29 सीट
अन्य-119 सीट

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