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सहारनपुर हत्या: क्यों सचिन की हत्या की कहानी लोगों के गले नहीं उतर रही?

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सहारनपुर

गुरुवार को सहारनपुर में भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल वालिया के घर पर संवेदना व्यक्त करने के लिए भारी संख्या में लोग इकट्ठा हुए थे. थोड़ी देर पहले ही वालिया अपने सबसे छोटे भाई सचिन का अंतिम संस्कार कर के लौटे थे. राज्य प्रशासन को लोग अविश्वास की भाव से देख रहे थे. ऐसा लग रहा था मानो पुलिस 22 साल के सचिन वालिया की मौत की जांच को दबाने की कोशिश कर रहे हो.

भीम सेना के स्थानीय मीडिया प्रभारी सचिन को 9 मई को ऊपरी होंठ और नाक के बीच गोली मार कर हत्या कर दी गई थी. सचिन वालिया को महाराणा प्रताप जयंती स्थल से कुछ ही दूरी पर गोली लगी. जिसके बाद उन्हें तुरंत जिला हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था. हालांकि, गोली कैसे लगी या किसने मारी इसका पता अभी नहीं चल सका है.

ये घटना महाराणा प्रताप जयंती पर हुई थी. इसी दिन यानी पिछले साल 2017 सहारनपुर में दंगे भी हुए थे. इस साल महाराणा प्रताप की जयंती में कई राजपूत संगठनों ने प्रशासन से जश्न मनाने की अनुमति मांगी थी. भीम सेना ने इसका विरोध किया था और कहा था कि इससे कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है.

ऐसे में प्रशासन ने सिर्फ 200 लोगों की एक सभा कराने की अनुमति दी. लेकिन आरएएफ, पीएसी और पुलिस की भारी तैनाती के बावजूद, हिंसक घटना को रोका नहीं जा सका. भीम सेना के एक नेता के मुताबिक महाराणा प्रताप जयंती समारोह हिंदू युवा वाहिनी ने भी हिस्सा लिया था. इस संगठन के रिश्ते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हैं.

भीम सेना के अनुसार, ये एक राजनीतिक हत्या थी. उनके मुताबिक निशाने पर कमल थे, जो भीम सेना के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद के आदमी हैं. नाम न बताए जान की शर्त पर एक पुलिस ऑफिसर ने कहा कि हम अंतिम रूप से कुछ भी नहीं कह सकते क्योंकि पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है. लेकिन पहली बार में तो यही लगता है कि यह एक दुर्घटना थी.

सचिन अपने घर पर बंदूक की सफाई कर रहा था और उसी समय बंदूक चल गई. लेकिन सचिन के घर वालों कहना है कि पुलिस झूठ बोल रही है. अगर सचिन ने खुद ही अपने आपको गोली मारी है तो वो बंदूक कहां गई? गोली कहां है? क्या घर में खून का कोई धब्बा था? कमल ने कहा कि पुलिस झूठ बोल रही है. वो इसकी फोरेंसिक जांच करा सकती है. मेरे भाई को राजपूतों ने मारा है और पुलिस अपनी कमी को छिपाने के लिए अब झूठ बोल रही है.

सचिन के दोस्त रॉबिन गौतम का कहना है ” मैं और सचिन साथ में बैठे हुए थे कि तभी लोकल इंटेलीजेंस को कुछ ऑफीसर वहां आए और सचिन को अपने साथ लेकर गए. बाद में सचिन के भाई ने बताया कि उसको गोली लगी है और उसे अस्पताल ले जाया गया है. उसने कहा कि सचिन को घर के करीब 200 मीटर की दूरी पर मेन रोड पर गोली मारी गई थी. लोगों ने जब खून देखा तो उसे साफ कर दिया ताकि मक्खियां न आ जाएं.”

भीम आर्मी का कहना है कि वास्तव में निशाना तो कमल को बनाना था क्योंकि चंद्रशेखर और भीम आर्मी के अध्यक्ष दोनों इस समय जेल में है. कमल ने कहा ” मैं और मेरा भाई बिल्कुल एक जैसे दिखते थे. हो सकता है कि उन्हें गलतफहमी हो गई हो जिससे उन्होंने मेरी जगह मेरे भाई को मार दिया. क्योंकि घटना के एक दिन पहले ही मैने एक वीडियो देखा था जिसमें एक राजपूत नेता दलितों और भीम आर्मी को धमकी दे रहा था. चूंकि उसमें मै सबसे आगे था इसलिए मुझे टारगेट किया गया.”

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