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सुलझेगा विवाद? जजों से मिले बार काउंसिल मेंबर

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नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट के 4 सीनियर जजों की ओर से चीफ जस्टिस के खिलाफ मोर्चा खोले जाने के बाद सुलह की कोशिशें तेजी से चल रही हैं। सुलह की कोशिशों के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल जजों से मुलाकात कर रहा है। रविवार सुबह नाराज चल रहे जजों में सबसे सीनियर जस्टिस जे. चेलामेश्वर से मुलाकात के बाद डेलिगेशन ने कहा कि हम चीफ जस्टिस और तीन अन्य जजों से मुलाकात के बाद ही कोई टिप्पणी करेंगे।

इससे पहले शनिवार शाम को इस विवाद को लेकर मीटिंग के बाद बार काउंसिल की ओर से जजों से बातचीत के लिए 7 सदस्यीय प्रतनिधिमंडल का गठन किया गया था। इस डेलिगेशन को 4 जजों की ओर से लगाए गए आरोपों के मद्देनजर जजों से बातचीत कर मामले को सुलझाने की जिम्मेदारी दी गई थी। 12 जनवरी को चीफ जस्टिस के बाद शीर्ष अदालत के 4 सीनियर जजों जस्टिस चेलामेश्वर, जस्टिस कुरियन जोसेफ, जस्टिस बी. मदन लोकुर और जस्टिस रंजन गोगोई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस दौरान चारों जजों ने चीफ जस्टिस पर मनमाने ढंग से केसों के आवंटन का आरोप लगाया था।

एक तरफ जहां पूरे विवाद को निपटाने के लिए बार काउंसिल की ओर से प्रयास तेज हो गए हैं, वहीं चीफ जस्टिस के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले जज भी नरम दिख रहे हैं। शनिवार को जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि कोई संकट नहीं है। इसके अलावा शीर्ष अदालत के अन्य कई जजों का भी कहना है कि यह न्यायपालिका के भीतर का मामला है और इसे आसानी से निपटा लिया जाएगा।

पूर्व जज सोढ़ी बोले, ये क्या रेवड़ी बंट रही है
इस बीच रिटायर्ड जस्टिस आर.एस. सोढ़ी ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट की विश्वसनीयता को चोट पहुंची है। इस भरोसे को बहाल किए जाने की जरूरत है। सभी जज बेहद समझदार हैं, लेकिन यह कहना कि सभी केस हमें ही मिलने चाहिए और दूसरे लोगों को नहीं मिलने चाहिए, यह गलत है। ये क्या रेवड़ी बंट रही है।

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