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हिंसा की आशंका, मेरठ में बीएसपी नहीं मनाएगी आंबेडकर जयंती

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मेरठ

दलित संगठनों द्वारा दो अप्रैल को बुलाए गए ‘भारत बंद’ के दौरान हुए हिंसा में पार्टी के कई नेताओं के जेल जाने और कई नेताओं पर गिरफ्तारी की लटकी तलवार के कारण बीएसपी इस साल डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती का आयोजन मेरठ में नहीं करेगी। हर साल होने वाला यह मंडल स्तरीय आयोजन पहली बार 14 अप्रैल को गौतमबुद्धनर में होगा।

इसी तरह सहारनुपर मंडल के तीनों जिलों का आयोजन सहारनपुर में रखा गया है। इसके पीछे का कारण पुलिस की उस हिदायत को बताया जा रहा है, जिसमें पुलिस ने कहा है कि दो अप्रैल की हिंसा में शामिल लोगों के आयोजन में देखे जाने पर उनको गिरफ्तार किया जाएगा।

बीएसपी ने 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती से 2019 का चुनावी बिगुल फूंकने की तैयारी कर रखी थी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक लोकसभा की कई सीटों पर पार्टी इस दिन अपने प्रत्याशियों के नाम का ऐलान भी करने वाली थी। इस लिस्ट में उन सीटों को शामिल किया गया था, जिनपर बीएसपी जीतती रही है और एसपी या दूसरे दलों से गठबंधन के बाद जिन सीटों का बीएसपी के खाते में आना पक्का था। इसी क्रम में मेरठ से नामों का ऐलान करने का संदेश पार्टी की तरफ से दे दिया गया था। वर्करों को भी इसके बारे में जनकारी दे दी गई थी। लेकिन दो अप्रैल की हिंसा ने सब गड़बड़ कर दिया।

बीएसपी का मानना है कि हिंसा से मेरठ मंडल के मेरठ और हापुड़ जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। यहां बीएसपी के पूर्व विधायक योगेश वर्मा, दो जोनल कोऑर्डिनेटर समेत कई नेता हिंसा के आरोप में गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इसलिए यहां आयोजन में फिर से भीड़ जुटने पर कुछ असामाजिक तत्व या विरोधी माहौल खराब करने की साजिश कर बीएसपी को बदनाम कर सकते हैं। बीएसपी के जिलाध्यक्ष मोहित कुमार का कहना है कि मेरठ का मंडलीय आयोजन स्थगित कर गौतमबुद्धनगर में रखा गया है। मेरठ में सिर्फ पार्टी कार्यालय पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा।

इस बीच खुफिया विभाग ने रिपोर्ट दी है कि जयंती में शामिल होने वाली भीड़ पर कुछ लोग हमला कर सकते हैं या भीड़ में शामिल लोग ही विवाद खड़ा कर सकते हैं। खुफिया रिपोर्ट के अनुसार आंबेडकर जंयती के मौके पर पुलिस की खास सुरक्षा होनी चाहिए और लोगों के आने वाले मार्गों पर भी खास सतर्कता रहनी चाहिए।

इसी सिलसिले में एडीजी और कमिश्नर के निर्देश पर सभी आयोजनों को अनुमति देते समय सख्त हिदायत दी जा रही है कि अगर कोई गड़बड़ी की गई तो सीधे रासुका के तहत ऐक्शन लिया जाएगा। एडीजी प्रशांत कुमार का कहना है कि हर जिले में 14 अप्रैल के लिए जोन और सेक्टर व्यवस्था लागू कर दी गई है। संवेदनशील पॉइंट बनाकर पुलिस तैनात की जा रही है और किसी को माहौल बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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