Home फीचर हिमाचल में बजा चुनावी बिगुल, 9 नवंबर को डाले जाएंगे वोट

हिमाचल में बजा चुनावी बिगुल, 9 नवंबर को डाले जाएंगे वोट

0 36 views
Rate this post

नई दिल्ली

चुनाव आयोग ने गुरुवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। राज्य में एक ही चरण में 9 नवंबर को वोटिंग होगी और 18 दिसंबर को वोटों की गिनती होगी। इस बार राज्य में सभी पोलिंग स्टेशनों पर VVPAT का इस्तेमाल होगा। देश में हिमाचल ऐसा पहला राज्य होगा जहां सभी पोलिंग स्टेशन पर वोटर वेरीफाइड पेपर ऑडिट ट्रायल (VVPAT) मशीन का इस्तेमाल होगा। चुनाव की घोषणा के साथ ही हिमाचल में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।

चुनाव आयोग ने गुजरात विधानसभा चुनावों के लिए आज तारीखों का ऐलान नहीं किया है। हालांकि ये तय माना जा रहा है कि गुजरात चुनाव भी 18 दिसंबर के पहले ही होंगे। पर अभी तारीखों का ऐलान नहीं किया गया है।मुख्य चुनाव आयुक्त अचल कुमार ज्योति ने यहां हिमाचल चुनाव की तारीखों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि राज्य में निष्पक्ष चुनाव के लिए बड़ी तैयारी की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की जाएगी।

चुनाव तारीख

  • 16 अक्टूबर से नामांकन फाइल किया जा सकेगा
  • 23 अक्टूबर तक नामांकन फाइल किया जाएगा
  • 24 अक्टूबर: नामांकन पत्रों की जांच
  • 26 अक्टूबर: नामांकन वापस लेने की तारीख
  • 9 नवंबर: राज्य में वोटिंग
  • 18 दिसंबर: विधानसभा चुनाव की मतगणना

चुनाव आयोग ने हिमाचल चुनाव के लिए राज्य के सभी 7,521 पोलिंग बूथों को ग्राउंड फ्लोर पर रखने का फैसला किया है। सभी पोलिंग स्टेशन पर दिव्यांगों के लिए सुविधा होगी। वोटिंग, नामांकन और चुनावी सभाओं की विडियोग्राफी की जाएगी। काउंटिंग हॉल की भी विडियोग्राफी की जाएगी।

राज्य विधानसभा चुनाव के लिए खर्च की सीमा भी निर्धारित कर दी गई है। हर उम्मीदावर चुनाव के दौरान 28 लाख रुपये खर्च कर सकेंगे। चुनाव परिणाम की घोषणा के 30 दिन के भीतर उम्मीदवारों को खर्च से संबंधित अपना शपथपत्र सौंपना होगा। चुनाव आयोग की इस बार सोशल मीडिया पर पैनी नजर रहेगी। पेड न्यूज के लिए आयोग ने जिला, राज्य और केंद्रीय चुनाव आयोग लेवल तक त्रिस्तरीय कमिटी का गठन किया है। गौरतलब है कि इस समय हिमाचल में कांग्रेस की सरकार है। मौजूदा सीएम वीरभद्र सिंह 6 बार राज्य के सीएम रह चुके हैं। कांग्रेस इस बार भी वीरभद्र के नेतृत्व में चुनाव लड़ रही है।

क्या है वीवीपीएटी?
वीवीपीएटी या वोटर वेरीफाइड पेपर ऑडिट ट्रायल (VVPAT)। इसके जरिए प्रिटेंड पर्ची के जरिए वोटर को यह जानकारी दी जाती है कि उसने जिस उम्मीदवार को वोट दिया है, वह उसे ही मिला है। इस पर्ची को रिकॉर्ड के तौर पर रखा जाता है। पेपर ट्रायल के जरिए EVM पर उठे शंका हटाने का एक जरिया माना जा रहा है। ज्योति ने बताया कि VVPAT पर्ची की रैंडम सैंपलिंग किया जाएगा, ताकि वोट सही पड़े हैं या नहीं इसका मिलान हो सके। वोट देने के बाद वोटर 7 सेकेंड तक के लिए VVPAT पर्ची देख सकता है।

दोस्तों के साथ शेयर करे.....