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15 दिन में नासिक प्रेस ने छापे 500 रुपये के 8 करोड़ नोट

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नासिक

महाराष्ट्र के नासिक स्थित करंसी नोट प्रेस (सीएनपी) ने पिछले 15 दिन में नोटों की छपाई 40 प्रतिशत बढ़ाकर 500 रुपये के लगभग 8 करोड़ नोट रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) को पहुंचा दिए हैं। सिक्यॉरिटी प्रिंटिंग ऐंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसएमपीसीआईएल) हर दिन 1 करोड़ नोटों की जगह 1.4 करोड़ नोट छाप रही है। कुछ समय पहले तक देश के कई हिस्सों में आए कैश-क्रंच को देखते हुए यह बदलाव लाया गया है।

सीएनपी सूत्रों ने बुधवार को बताया कि प्रेस फिलहाल प्रतिदिन 500 के 80 लाख और 50 रुपये के 60 लाख नोट छाप रहा है। यहां तक कि सरकारी छुट्टियों और रविवार को भी काम किया जा रहा है। महाराष्ट्र दिवस (1 मई) को भी यहां छपाई का काम चालू था।

बताया गया है कि 1 अप्रैल से छपाई 1.8 करोड़ नोट रोजाना से नीचे सरक 1 करोड़ नोट प्रतिदिन पर पहुंच गई थी। बाद में प्रशासन से निर्देश मिलने पर इसे बढ़ाकर 1.5 करोड़ नोट प्रतिदिन तक पहुंचाया गया। सूत्रों के मुताबिक कुछ ही हफ्तों में इसे 1.8 करोड़ से 2 करोड़ नोट रोजाना करने की योजना है।

आरबीआई से निर्देश के इंतजार में प्रेस
आरबीआई ने नवंबर 2017 से अप्रैल 2018 तक प्रेस को कोई नया ऑर्डर नहीं दिया, इसलिए 500 रुपये के नोटों की छपाई नहीं की जा रही थी। आरबीआई से नए डिजाइन का इंतजार कर रहे प्रेस ने अप्रैल से 100 और 20 रुपये के नोट भी नहीं छापे हैं। 200 रुपये के नोटों की छपाई का ऑर्डर मध्य प्रदेश के प्रेस को दिए जाने के कारण वे नोट भी नासिक में नहीं छप रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, अप्रैल मध्य में 500 के नए नोटों की छपाई शुरू की गई है। बाजार में जाने के लिए तैयार होने में नोटों को एक हफ्ते के ऊपर का समय लगा। अब हर दिन 500 रुपये के 80 लाख नोट छापे जा रहे हैं और इसे कुछ दिन में 1.2 करोड़ नोट प्रतिदिन पहुंचाने की कोशिश जारी है।

कैश-क्रंच के कारण लोग परेशान
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही देश के अलग-अलग राज्यों में एटीएम से पैसे न निकल पाने के चलते लोगों का काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और गुजरात के कई शहरों में एटीएम से कैश गायब हो गए थे। एक्सपर्ट्स का कहना था कि लोग फाइनैंशल रेजॉलूशन ऐंड डिपॉजिट इंश्योरेंस बिल के बेल-इन क्लॉज के तहत अपने पैसे डूबने के डर के चलते अकाउंट से कैश की निकासी कर रहे हैं। कैश-क्रंच का इसे एक बड़ा कारण माना गया।

वहीं कई एक्सपर्ट्स ने अमीर तबके पर कैश होर्डिंग का शक भी जताया। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि कुछ इलाकों में नोटों की मांग अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई। वित्त मंत्री ने भरोसा दिलाया था कि देश में जरूरत से ज्यादा नोट सर्कुलेशन में हैं और बैंकों में भी पर्याप्त नोट उपलब्ध हैं।

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