Home भेल मिर्च मसाला नये जीएम एचआर की रहेगी नजर

नये जीएम एचआर की रहेगी नजर

भोपाल

भेल भोपाल यूनिट के नये जीएम एचआर की निगाहें उन कर्मचारियों पर रहेगी जो नेतागिरी की आड़ में कामचोरी का काम कर रहे हैं। दरअसल मामला भेल टाउनशिप से जुड़ा हुआ है। यहां के सिविल विभाग पिपलानी, बरखेड़ा और गोविन्दपुरा मेें काम कर रहे भेल के कर्मचारी, सुपरवाइजर और ठेका श्रमिक सिर्फ मशीन में थम्ब लगाकर दिन भर घर पर आराम कर रहे हैं। इससे भेल को लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। पिपलानी सिविल के तो सबसे बुरे हाल है जिन कर्मचारियों को प्रबंधन भारी भरकम वेतन दे रहा है वह कारखाने में काम करने लायक हैं लेकिन वह दिन में चार बार थम्ब लगाकर घर में आराम फरमा रहे हैं यहीं नहीं पिपलानी के प्रभारी भी इन्हें नजर अंदाज किये हुए है।

चर्चा है कि कुछ पार्कों में भी पिपलानी के साहब की मेहरबानी से कुछ कर्मचारी नेता चांदी काट कर रहे हैं। चर्चा है कि सिविल के साहब ठेकेदारों से मिलने में ही मस्त रहते हैं। उनकी चार पहिया वाहन में बैठकर चाय-नाश्ता करना आम बात हो गई है। इसकी खबर एक मुखबिर ने हाल ही में नये जीएम एचआर तक पहुंचा दी है। साफ जाहिर है कि अब टाउनशिप पर उनकी नजर रहेगी। अब चर्चा है कि कामचोर कर्मचारियों को कारखाने में लाने तैयारी भी शुरू हो गई है।

टिकट की जुगाड़ में कांग्रेस नेता

जैसे-जैसे मिशन 2018 का समय करीब आता जा रहा है वैसे-वैसे गोविन्दपुरा विधान सभा क्षेत्र के कांग्रेस के नेताओं का टिक ट की दावेदारी के लिए नाम सामने आना शुरू हो गये है। भले ही भेल कांग्रेस पिछले पांच साल से निष्क्रिय रही हो लेकिन दावेदार आज भी टिकट पाने के लिए कोई कौर-कसर बाकी नहीं रख रहे हैं। यूं तो पिछले चार दशक से यह सीट भाजपा की झोली में रही है और कांग्रेस की हार का अंतर बढ़ता ही गया। साफ जाहिर है कि इस अंतर को कम करने किसी मैदानी नेता को ही मैदान में उतारा जाये तब ही कांग्रेस का भला हो सकता है। भाजपा इस क्षेत्र सेे किसको उम्मीदवार बनायेगी इसके बाद ही पता चल पायेगा कि कांग्रेस का कौन सा नेता भाजपा पर भारी रहेगा। फिलहाल दो बार इस विधान सभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर पार्षद का चुनाव जीतते रहे युवा नेता गिरीश शर्मा का नाम सबसे ज्यादा चर्चाओं में है। यदि भोपाल की किसी अन्य विधान सभा सीट से टिकट की दावेदारी नहीं करते हैं तो प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष गोविन्द गोयल का नाम फिर से गोविन्दपुरा विधान सभा सीट से चर्चाओं में आ सकता है। इसी विधान सभा क्षेत्र से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आरडी त्रिपाठी, हरिद्वारी लाल शर्मा, राजेन्द्र सिंह यादव, महेश मालवीय, जेपी धनोपिया, पक्ष खाम्बरा, रामबाबू शर्मा और हामिदुल्ला खान आदि के नाम टिकट की दावेदारी के लिए चर्चाओं में हैं।

जीएम-जीएम को करेंगे रिपोर्ट

भेल भोपाल यूनिट के मुखिया ने भले ही दस महाप्रबंधक बनाने में सफलता हासिल कर ली हो लेकिन इनमें से चार तो एक-दो माह में ही रिटायर हो जायेंगे और दो को इस यूनिट से बाहर का रास्ता दिखा दिया है ऐसे में सिर्फ चार महाप्रबंधक इस यूनिट में आगे काम करते रहेंगे। प्रशासनिक स्तर पर चर्चा है कि विभागों के बंटवारे में सिर्फ एक ही महाप्रबंधक एम ईसादोर को मानव संसाधन विभाग सौंपा गया है। जबकि अन्य तीन महाप्रबंधक अपने ही महाप्रबंधक को रिपोर्ट करते रहेंगे, इनमें महाप्रबंधक एमके श्रीवास्तव, नीलम भोगल और मोतीलाल तौरानी के नाम शामिल है इन्हें कोई स्वतंत्र प्रभार नहीं दिया गया है लेकिन इन्हें एमएम का काम सौंपना सीधे मुखिया से रिश्ता होना चर्चाओं में है। यदि दूर की सोचें तो प्रबंधन क ो दिसंबर 2018 में फीडर्स के महाप्रबंधक एम हलदर के रिटायर होने का इंतजार है तो महाप्रबंधक राजीव सिंह और टीके बागची के प्रमोशन का। रही बात दो-दो विभागों की तो अगले सप्ताह एस रामनाथन पीएंडडी विभाग का काम संभालेंगे। महाप्रबंधक विनय निगम को टीसीबी का मुखिया बनाया जा सकता है और विपिन मिनोचा के पास एमएम व लॉजिस्टिक विभाग बना रहेगा। चर्चा है कि एम ईसादोर को छोड़कर तीन जीएम अपने ही विभाग के जीएम को रिपोर्ट करते रहेंगे। स्वतंत्र प्रभार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है ऐसे में मिशन 2022 कैसे सफल होगा।

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