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मामला एक यूनियन नेता के सेवक का

भोपाल

भेल में 50 हजार रूपये से ज्यादा वेतन पाने वाले कर्मचारी किस तरह एक पॉवर फुल यूनियन नेता की सेवा में लगे हैं, इसका नजारा भेल नगर प्रशासन विभाग में देखने को मिला। इसकी खबर जब नगर प्रशासन विभाग के मुखिया को लगी तो उनका सब्र का बांध फूट पड़ा। उन्होंने ताबड़तोड़ ऐसे कर्मचारी को न केवल फटकार लगाई बल्कि विभाग से ही बाहर कर दिया। मामला बेदखली अमले में काम कर रहे एक ऐसे कर्मचारी का है जो एक यूनियन में पदाधिकारी हैं। चर्चा है कि वह विभाग में सिर्फ चार टाईम में थंब (पंच) लगाकर बाहर घूमते रहते थे।

जब इस बारे में मुखिया ने पता किया तब पता चला कि यह कर्मचारी एक यूनियन के नेेताजी को ड्यूटी समय में घर लाने ले जाने का काम करते थे। इसको लेकर यूनियन नेता और मुखिया के बीच काफी नोंक-झोंक भी हुई। चर्चा है कि येनकेन प्रकारेण यूनियन के वरिष्ठ नेता ने एडीएम बिल्ंिडग के थर्ड फ्लोर पहुंचकर अपने चेले का तबादला कारपूल में करा लिया, यहीं नहीं नेताजी अपने चेले को कारपूल में ज्वाईन कराने के लिए खुद पहुंचे। यह सुनकर अन्य यूनियन के नेता कहने लगे कि अब तो नेताजी को लाने ले जाने का काम और भी सरल हो जायेगा। खबर तो यह भी है कि नेताजी के एक और चेले ने एक भेल के व्यापारी की दुकान खाली कराने का मामला नेताजी को लीक कर दिया। चर्चा है कि अब इनका नंबर भी जल्द ही लगने वाला हैं।

गोविन्दपुरा में कई नये दावेदार भी

गोविन्दपुरा विधान सभा क्षेत्र में मिशन 2018 में भाजपा के कई टिकट के दावेदारों के नाम चर्चाओं में हैं। यूं तो यह सीट पूर्व मुख्यमंत्री और विधायक बाबूलाल गौर के खाते में ही रही है, लेकिन उनकी पुत्रवधू पूर्व महापौर व भाजपा नेत्री श्रीमती कृष्णा गौर का नाम भी कुछ ज्यादा ही चर्चाओं में है। इस बार पूरी ताकत के साथ सांसद आलोक संजर, महापौर आलोक शर्मा, मप्र पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष तपन भौमिक, भाजपा के वरिष्ठ नेता मनोरंजन मिश्रा, दीपक विजयवर्गीय के अलावा एमआईसी मेम्बर केवल मिश्रा और विनय तिवारी भी टिकट के लिए दावेदारी जताने से नहीं चूक रहे हैं। यहां के पार्टी कार्यकर्ताओं ने दावेदारों के नाम चर्चाओं में आने के बाद असमंजस की स्थिति बनी हुई है, इनके समर्थक कहां जाये कहां न जाये की स्थिति में है। वह इन दावेदारोंं से भीतर ही भीतर सम्पर्क बनाने में लगे हुए हैं। कुछ भाजपा समर्थक तो यह भी कहने से नहीं चूक रहे हैं कि यह सीट भाजपा के लिए सुरक्षित होने के कारण कहीं खुद सीएम यहां से चुनाव लडऩे का मूड न बना लें। जैसे-जैसे चुनाव का समय करीब आता जा रहा है वैसे-वैसे टिकट के दावेदारों ने म्यान से तलवार बाहर निकालना शुरू कर दी है। साफ जाहिर है कि इस क्षेत्र में इस बार भारी गुटबाजी से इंकार नहीं किया जा सकता।

नये महाप्रबंधकों को मिलेगा काम

भेल कारखाने में कुछ अफसरों को दो-दो विभाग का काम संभालना पड़ रहा है। इसका दबाव भी सीधे मुखिया को झेलना पड़ रहा है। उन्हें अब इन विभागों का बंटवारा कर नये महाप्रबंधकों को देना पड़ेगा। महाप्रबंधक टीके बागची टीसीबी और पीएंडडी, महाप्रबंधक एमएस किनरा क्वालिटी और मानव संसाधन, विनय निगम टीसीबी और वक्र्स इंजीनियरिंग, महाप्रबंधक विपिन मिनोचा एमएम और लॉजिस्टिक जैसे महत्वपूर्ण विभागों का डबल काम देख रहे हैं, वही इस यूनिट पर टारगेट भारी लोड है। ऐसे में भेल के मुखिया एजीएम से नये जीएम बनने वाले को महाप्रबंधकों के बीच काम का बंटवारा करेंगे। वैसे भी महाप्रबंधक ओपी सारस्वत रिटायरमेंट ले चुके हैं और एम हलदर इसी साल रिटायर हो जायेंगे, ऐसे में इनकी जगह भी तलाशना होगी। यूं तो कार्पोरेट इस यूनिट में एजीएम से जीएम का कोटा चार से ज्यादा नहीं बढ़ा पा रहा है और चार ही महाप्रबंधक के पास दो-दो विभाग का काम संभाल रहे हैं। चर्चा है कि इधर हाइड्रों के महाप्रबंधक राजीव सिंह और टीसीबी और पी एंड डी के महाप्रबंधक टीके बागची को जीएमआई बनाया जा सकता है। इस पर भी 6 महाप्रबंधक अगले साल रिटायर हो जायेंगे।

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