Monday , April 22 2019
Home / राजनीति / दिनेश त्रिवेदी का केंद्र सरकार पर हमला- 56 इंच का सीना नहीं, दिल बड़ा होना चाहिए

दिनेश त्रिवेदी का केंद्र सरकार पर हमला- 56 इंच का सीना नहीं, दिल बड़ा होना चाहिए

नई दिल्ली,

अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में बोलते हुए तृणमूल कांग्रेस के सांसद दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि आज लोकतंत्र खतरे में है. केंद्र सरकार शुतुरमुर्ग की तरह सिर छुपाए हुए है और वह सच नहीं देखना चाहती. यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम जजों ने भी माना कि लोकतंत्र पर खतरा है.

पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने लोकसभा में कहा कि हमारी पार्टी और नेता ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस टीडीपी तथा आंध्र प्रदेश की जनता के साथ हैं. आज क्या आलम हो गया है कि बीजेपी के सहयोगी रह चुकी टीडीपी को सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना पड़ रहा है. बीजेपी से जुड़े एक के बाद एक लोग अलग हो रहे हैं.

उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव पर बहस करते हुए कहा कि हमने सोमवार को चर्चा कराने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने मांग नहीं मानी. उन्होंने कहा कि गांधी जी का सीना बड़ा नहीं था, लेकिन दिल बड़ा था. सरकार इस चर्चा को आगे टाल भी सकती थी, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं होने दिया.

सांसद दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि आज लोकतंत्र खतरे में है. सरकार आज शुतुरमुर्ग की तरह सिर छुपाए हुए है और सच नहीं देखना चाहती. सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम जजों ने भी कहा कि लोकतंत्र पर खतरा है. आज मॉबोक्रेसी का दौर चल रहा है और लोगों के बीच डर का माहौल है.

उन्होंने कहा कि बीजेपी धर्म की दुहाई देती है, लेकिन वह जानती भी नहीं धर्म क्या है. नंबर के बारे में हमसे पूछा जाता है, लेकिन महाभारत की लड़ाई के वक्त कौरव के पास बड़ी संख्या थी, लेकिन पांडवों के पास संख्या नहीं थी आखिर में जीत सत्य की ही हुई. हो सकता है कि आज यह प्रस्ताव आंकड़ों की कमी से गिर जाए, लेकिन आखिर में सत्य ही जीतेगा.

दिनेश त्रिवेदी ने बीजेपी राम के नाम राज करना चाहती थी, लेकिन राम खुद राज छोड़ कर चले गए. आपके लिए राम सिर्फ अयोध्या में हैं, लेकिन हमारे लिए कण-कण में राम हैं. आप तो राम पर भी कब्जा करना चाहते हैं लेकिन हम सभी में राम को देखते हैं. आप हर सवाल का जवाब देते हैं कि हिन्दू-मुसलमान, भारत-पाकिस्तान, श्मशान-कब्रिस्तान आपके पास सिर्फ यही जवाब है.

उन्होंने कहा कि आज रुपया बेहद कमजोर हालत में है, अर्थव्यवस्था का बुरा हाल है. जीडीपी का अनुमान गलत तरीके से लगाया जाता है, निवेश और निर्यात दोनों घटे हैं, रोजगार में कमी आई है और बैंक कर्ज में चले गए हैं.

टीएमसी सांसद ने कहा कि आप तमाम योजनाओं का ढोल पीटते हैं, लेकिन सच नहीं बताते क्योंकि इससे आपकी पोल खुल जाएगी. स्पीकर ने त्रिवेदी से अपनी बात जल्द खत्म करने की अपील की. इसपर त्रिवेदी ने आपत्ति जताई और कहा कि मुझे कम वक्त क्यों दिया जा रहा है.

टीएमसी सांसद त्रिवेदी ने कहा कि मॉब लिंचिंग हमारा भारत नहीं हो सकता, असली देशभक्त आज दुखी-नाराज हैं. नोटबंदी का तय लक्ष्य पूरा नहीं हुआ. शोषित, दलितों की लिंचिंग हो रही है और उन्हें इसकी वजह तक नहीं पता.

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

सिब्बल बोले- दिल्ली में मुकाबला त्रिकोणीय, कांग्रेस की जीत मुश्किल

नई दिल्ली, लंबे इंतजार और आम आदमी पार्टी से गठबंधन के कयासों को विराम देते …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)