Home भोपाल बैलट से चुनाव? EVM पर CEC ने कही बड़ी बात

बैलट से चुनाव? EVM पर CEC ने कही बड़ी बात

ग्वालियर

2019 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जहां एक ओर सभी राजनीतिक दल तैयारियों में जुटे हुए हैं वहीं मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने ईवीएम को विश्वसनीय बताया है। दरअसल, शिवसेना, समाजवादी पार्टी (एसपी) और कई अन्य विपक्षी दलों ने बैलट पेपर से चुनाव की मांग की थी, इस पर भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओपी रावत ने रविवार को कहा कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में उच्च न्यायालय ने ईवीएम की फरेंसिक जांच कराई है लेकिन सभी शिकायतें गलत साबित हुई हैं।

ग्वालियर स्थित राष्ट्रीय लक्ष्मीबाई शारीरिक शिक्षा संस्थान के टैगोर सभागार में डॉ. एमपी तिवारी विचार न्यास द्वारा चुनाव आयोग की सीमाएं और मतदाताओं की अपेक्षाएं विषय पर आयोजित ‘सुनो और पूछो’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रावत ने ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर किए गए सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा, ‘महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में उच्च न्यायालय ने ईवीएम की फरेंसिक जांच कराई है। जांच में सभी शिकायतें गलत साबित हुई हैं। इसी तरह मतदाता सूची से नाम काटे जाने की शिकायत भी असत्य पाई गई हैं। केवल उन मतदाताओं के नाम एक जगह से हटाए गए हैं, जिनके नाम मतदाता सूचियों में दो जगह थे।’

‘घर-घर जाकर कराई गई जांच, सामने आई यह बात’
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि कुछ जगहों पर अल्पसंख्यकों के वोट काटने संबंधी शिकायत की जांच घर-घर जाकर कराई गई, तब पता चला कि इन परिवारों के मतदाताओं के नाम दो-दो जगह थे। जाहिर है, एक जगह के नाम हटाए गए। फेरीवाले, मजदूर, कामगार मतदाताओं द्वारा लंबी कतार की वजह से मतदान के लिए न जाने संबंधी सवाल पर रावत ने कहा कि आंध्र प्रदेश में एक ऐसे मोबाइल ऐप का इस्तेमाल हुआ है, जिससे पता चल जाता है कि मतदान केंद्र पर कितनी लंबी लाइन है। आयोग ने ऐसे नए विचारों का प्रयोग सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों से करने के लिए कहा है।

…तो रिटर्निंग ऑफिसर दे सकता है आदेश
वीवीपीएटी की पर्चियों के मिलान संबंधी सवाल के जवाब में रावत ने कहा कि हर निर्वाचन क्षेत्र के एक मतदान केंद्र के वीवीपैट की पर्चियों की अनिवार्यता गिनती कर ईवीएम से मिलान करने का प्रावधान है। इसके अलावा यदि कोई उम्मीदवार शिकायत करता है तो उन मतदान केंद्रों की वीवीपैट पर्चियों का मिलान करने का आदेश संबंधित रिटर्निंग अधिकारी दे सकता है।

‘निर्वाचन आयोग की शक्तियां असीमित’
आधारकार्ड को वोटरकार्ड से लिंक करने संबंधी सवाल के जवाब में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद इस काम को आगे बढ़ाया जाएगा। रावत ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए निर्वाचन आयोग की शक्तियां असीमित हैं। निर्वाचन आयोग हर उस परिस्थिति से निपटने में सक्षम होता है, जिसके लिए कोई कानून नहीं बना है। लोकतंत्र में मतदाता सर्वशक्ति संपन्न होते हैं। वे ही अपना प्रतिनिधि चुनते हैं और प्रतिनिधियों से काम करने के लिए कहते हैं।

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