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2019 : मायावती करें नेतृत्‍व, नरेंद्र मोदी की घर वापसी तय: जिग्‍नेश मेवाणी

वाराणसी

दलित कार्यकर्ता और गुजरात के वडगाम से निर्दलीय विधायक जिग्‍नेश मेवाणी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर उनके ही संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जमकर हमला बोला। उन्‍होंने कहा कि देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, योगी आदित्‍यनाथ और अमित शाह की नहीं बल्कि कबीर, बुद्ध और रविदास की विचारधारा चलेगी। इस दौरान मेवाणी ने कहा कि अगर मायावती लोकसभा चुनाव में नेतृत्‍व करती हैं तो नरेंद्र मोदी की घर वापसी तय है।

मानवाधिकारी जननिगरानी समिति की ओर से गुरुवार को कबीर चौरा मूलगादी मठ में आयोजित नवदलित सम्‍मेलन में जिग्‍नेश मेवाणी मुख्‍य वक्‍ता थे। उन्‍होंने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए मोदी, योगी और अमित शाह की तिकड़ी को नेस्‍तनाबूत करना होगा। इसके लिए जरूरी है कि सभी वर्ग, जाति और समुदाय के लोग एक साथ और एक मंच पर आएं।

जिग्‍नेश मेवाणी ने कहा, ‘रोहित बेमुला की हत्‍या करवानेवाले चुनाव नजदीक आने पर दलित प्रेम दर्शाने लगे हैं। दलितों को बरगलाने के लिए संसद में बिल लाया जा रहा है, लेकिन दलित अब झांसे में आने वाले नहीं हैं। केंद्र सरकार ने साढ़े चार साल में अपने कार्य, संस्‍कृति और सोच से यह दर्शा दिया है कि इनके लिए दलित अछूत हैं। उसे न पढ़ने की इजाजत है, न पढ़ाने की और न आगे बढ़ने की।’

मोदी की घर वापसी तय
दलित नेता ने कहा, ‘यूपी में कांग्रेस-एसपी और बीएसपी का गठबंधन हुआ तो मैं उनके मंच से बीजेपी के खिलाफ कैंपेन करूंगा।’ उन्‍होंने बीएसपी सुप्रीमो मायावती से अपील की कि बतौर दलित नेता वह आगे आएं। मेवाणी ने कहा कि वह खुद और भीम आर्मी के चंद्रशेखर रावण उनके साथ दो बाजू के रूप में काम करेंगे तो पीएम मोदी की घर वापसी तय है।

साबरमती वापस बुला रही
जिग्‍नेश ने कहा कि जिस गुजरात मॉडल की 2014 के लोकसभा चुनाव में खूब चर्चा हुई, उसका दम निकल चुका है। पीएम मोदी एक्‍सपोज हो चुके हैं। जिस साबरमती नदी की स्‍वच्‍छता की दुहाई देते थे, सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक वह देश की सबसे प्रदूषित नदी हो गई है। वाराणसी से चुनाव जीतने के बाद कहा था कि मां गंगा ने बुलाया है तो अब साबरमती उन्‍हें वापस बुला रही है।

आगे आए जनता : उर्मिलेश
नव दलित सम्‍मेलन में वरिष्‍ठ पत्रकार उर्मिलेश ने कहा कि केंद्र सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में जनता जुमलों के मकड़जाल में फंसती रही है। अब जनता की जिम्‍मेदारी है कि वह आगे आकर जवाब दे। कार्यक्रम में दिल्‍ली के हिंदू कॉलेज के प्रॉफेसर रतन लाल ने कहा कि जाति का खात्‍मा करने के लिए ब्राह्मणों को जाति विरोधी आंदोलन शुरू करना चाहिए। सम्‍मेलन के आयोजक डा. लेनिन रघुवंशी ने कहा कि भारत में उभरते फासीवाद को नवदलित आंदोलन ही खत्‍म कर सकता है।

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