Wednesday , June 26 2019
Home / Featured / कांवड़ियों के उत्पात पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पुलिस को दिया कार्रवाई का निर्देश

कांवड़ियों के उत्पात पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पुलिस को दिया कार्रवाई का निर्देश

नई दिल्ली

राजधानी दिल्ली समेत कई शहरों में पिछले दिनों कुछ कावंड़ियों द्वारा की गई तोड़फोड़ का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। ऐसे में टॉप कोर्ट ने पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिया है कि जो कांवड़िए तोड़फोड़ की घटनाओं में शामिल हों या जो कानून को अपने हाथों में लें, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। दरअसल, शुक्रवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट का ध्यान कावड़ियों की वजह से कानून व्यवस्था के बिगड़े हालात पर दिलाया था।

AG ने कहा कि हमने विडियो में देखा है कि कांवड़िए सड़क पर वाहनों को पलट रहे हैं, पुलिस ने क्या ऐक्शन लिया है? जस्टिस चंद्रचूड़ ने भी कहा कि इलाहाबाद में कावंड़ियों ने नेशनल हाइवे पर आधा रास्ता ब्लॉक कर दिया। अटॉर्नी जनरल ने कहा कि देश में हर हफ्ते पढ़े-लिखे लोग दंगे कर रहे हैं। कभी मुंबई में मराठा आंदोलन तो कभी SC/ST ऐक्ट को लेकर विरोध प्रदर्शन होते हैं।

उन्होंने कहा कि एक फिल्म की रिलीज के दौरान एक अभिनेत्री को धमकाया गया। इस पर कोर्ट ने AG से पूछा कि इस पर आपका क्या सुझाव है? AG ने कहा, ‘ऐसी स्थिति में पुलिस के आला अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।’ आपको बता दें कि हिंसक भीड़ से निजी संपत्ति को नुकसान के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल ने यह बातें कही। याचिकाकर्ता ने फिल्म से नाराज लोगों के थिअटर पर हमले/धमकी देने का मामला उठाया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखा है।

सरकार बोली- कई जगह खराब हुई कानून व्यवस्था
सावन के महीने में बीते दिनों ऐसी कई तस्वीरें सामने आई हैं जहां कुछ कांवड़ियों ने कानून को अपने हाथ में लिया है. अब इस बात को केंद्र सरकार ने भी माना है. सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल ने कहा है कि कांवड़ियों ने भी कई जगह उत्पात मचाया है, जिससे कानून व्यवस्था की स्थिति खराब हुई है.

सुनवाई के दौरान जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ ने कहा कि इलाहाबाद में नेशनल हाइवे के एक हिस्से को पांच घंटे के लिए ही बंद कर दिया गया. चीफ जस्टिस के सामने दायर की गई इस याचिका में कहा गया है कि किसी भी मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन करने के लिए कुछ निर्देश होने चाहिए. क्योंकि चाहे फिल्म का विरोध हो या फिर सामाजिक मुद्दे का, हर कोई सड़क पर उतर जाता है. याचिका में अपील की गई है कि कोर्ट को इस बारे में गाइडलाइन जारी करनी चाहिए. इस मामले में अभी चीफ जस्टिस की बेंच ने आदेश सुरक्षित रख लिया है.

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

फिर फिसड्डी साबित हुआ बिहार का हेल्थ सिस्टम, केरल टॉप पर

नई दिल्ली बिहार के मुजफ्फरपुर में इंसेफेलाइटिस से 100 से अधिक बच्चों की मौत ने …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)