Home अंतराष्ट्रीय मस्‍ज‍िद नहीं तोड़ पाया चीन, मुस्‍ल‍िमों के विरोध के आगे झुकी सरकार

मस्‍ज‍िद नहीं तोड़ पाया चीन, मुस्‍ल‍िमों के विरोध के आगे झुकी सरकार

विझाऊ

चीन आधिकारिक तौर पर एक नास्तिक देश है. समय-समय पर सरकार द्वारा कई धार्मिक कर्मकांडों पर पाबंदियां लगाई जाती रही हैं. कई मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चीन की सरकार अब अपने देश में इस्लाम को जड़ से खत्म करने के लिए काम कर रही है. हालांकि अपनी एक कोश‍िश में चीन सरकार को विफलता हाथ लगी है.

चीन का प्रशासन निंक्‍स‍िआ प्रांत के विझाऊ की बड़ी मस्‍जिद (ग्रैंड मस्‍ज‍िद) को ढहाने की कोश‍िश कर रहा है. यह मस्‍ज‍िद HUI मुसलमानों की है. HUI समुदाय ईगर समुदाय के बाद चीन में सबसे ज्‍यादा आबादी वाला मुस्लिम समुदाय है. शुक्रवार को उसने मस्‍ज‍िद ढहाने का नोटिस भी जारी किया था. यह नोटिस चीनी मुस्‍ल‍िमों के बीच सोशल म‍ीडिया पर काफी वायरल हो गई. इसके बाद सैंकड़ों की संख्‍या में HUI समुदाय के मुस्‍ल‍िम मस्‍जिद में जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे.

आपको बता दें कि यह काफी बड़ी मस्‍ज‍िद है और इसका निर्माण हाल ही में हुआ है.राइटर्स की खबर के अनुसार चीन का संविधान वैसे तो किसी भी धर्म का पालन करने की आजादी देता है, लेकिन हाल के दिनों में हिंसा और कट्टरता बढ़ने की आशंका को देखते हुए मुस्‍ल‍िम इलाकों में काफी प्रतिबंध लगाए गए हैं. ऐसे में चीन के प्रशासन के अनुसार विझाऊ की बड़ी मस्‍जिद के निर्माण के लिए जरूरी परमिट नहीं लिए गए थे. इस वजह से 3 अगस्‍त के नोटिस में इसे गिराने का आदेश दिया गया था.

सरकार ने आदेश में यह भी कहा था कि मस्‍ज‍िदों की मीनार को बौद्ध प्रार्थना स्‍थल के पगोडा जैसे ढांचे में बदला जाए. आपको बता दें कि चीन में ज्‍यादातर धार्मिक स्‍थल पगोडा जैसे हैं. हालांकि मुस्‍ल‍िम लोगों ने इसका विरोध किया.हालांकि लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन करने के बाद लोकल हेड ने लोगों को आश्‍वासन दिया कि मस्‍ज‍िद को हाथ नहीं लगाया जाएगा, जब तक इसको डिजाइन बदल कर दोबारा बनाने का प्‍लान पास नहीं हो जाता.

आपको बता दें हाल के दिनों में चीन में मुस्‍ल‍िमों द्वारा यह सबसे बड़ा प्रदर्शन था. य‍ह विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा है.इस मस्‍ज‍िद का निर्माण वुझाऊ में 600 साल पुराने चीन के स्‍टाइल में बने मस्‍ज‍िद के बदले में किया गया था, जिसे चीन की सांस्‍कृतिक लड़ाई के दौरान काफी नुकसान पहुंचा था. लोग यह भी सवाल उठा रहे हैं कि अगर प्रशासन को मस्‍ज‍िद से दिक्‍कत थी तो इसे बनने में 2 साल लगे, तब क्‍यों नहीं आपत्‍त‍ि जताई गई?

आपको बता दें कि चीन की सरकार अपने Sinicise religion (धर्मों की अप्र‍िय रीतियों की काट छाँट करना) पॉलिसी पर काम कर रही है. 2015 के बाद से शी जिनपिंग सरकार सभी धर्मों को चीनी संस्‍कृति के बराबर लाने का प्रयास कर रही है. आपको बता दें कि उईगर समुदाय के खिलाफ पहले से ही चीनी अथॉरिटी ने कई प्रतिबंध लगाए हुए हैं.

आपको बता दें कि कुछ दिन पहले पहले चीन में अब मुस्लिम बच्चों को धर्म और इस्लामिक शिक्षा से दूर रहने की हिदायत दी गई थी. शिंजियांग प्रांत के बाद पश्चिमी चीन के ‘लिटिल मक्का’ (गांसू प्रांत) में नास्तिक सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी मुस्लिम बच्चों को धर्म और इस्लामिक शिक्षा से दूर रखना चाहती है.

चीन में मुस्लिमों को भी कई तरह की पाबंदियों का सामना करना पड़ता है. शिनजियांग प्रांत में हिजाब पहनने, दाढ़ी बढ़ाने और रमजान महीने में रोजा रखने तक पर मनाही है. चीन की सरकार ने ध्वनि प्रदूषण का तर्क देते हुए सभी 355 मस्जिदों से लाउड स्पीकरों को हटाने के लिए पहले से ही आदेश दे चुकी है. मस्जिदों के ऊपर चीन का राष्ट्रीय झंडा लगाने का भी आदेश दिया गया है. वहीं दाढ़ी रखने पर भी पाबंदी लगाई गई है.

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