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वॉट्सऐप मेसेज: हैकर्स यूं कर सकते हैं छेड़खानी

नई दिल्ली

WhatsApp को लेकर एक नई रिपोर्ट से वॉट्सऐप यूजर्स और खुद वॉट्सऐप की चिंता बढ़ सकती है। नई रिपोर्ट के अनुसार, रिसर्चर कंपनी चेकपॉइंट के शोधकर्ताओं को वॉट्सऐप की सुरक्षा में एक कमी (लूपहोल) मिली है। इस कमी से हैकर और अटैकर किसी भी यूजर के मेसेज को पढ़ने के साथ-साथ उससे छेड़छाड़ भी कर सकते हैं।

अपनी वेबसाइट पर लिखे एक ब्लॉग पॉस्ट में कंपनी ने लिखा, ‘यह एक परेशान करने वाला खुलासा है। चेक पॉइंट रिसर्च टीम को वॉट्सऐप की सुरक्षा में एक कमी मिली है। इसका फायदा उठाकर हैकर किसी भी यूजर द्वारा प्राइवेट चैट या किसी ग्रुप में भेजे गए मेसेजेस से छेड़छाड़ कर सकता है।’

ये हैं तीन संभावित तरीके
रिपोर्ट में कहा गया है कि हैकर वॉट्सऐप की सुरक्षा में इस कमी का गलत फायदा उठा सकते हैं। हैकर इन तीन संभावित तरीकों से यूजर्स के मेसेज और चैट्स को प्रभावित कर सकते हैं।

  • – इस लूपहोल से हैकर यूजर के रिप्लाई को बदल सकते हैं। ब्लॉग पोस्ट में कंपनी ने कहा कि ऐसा करके हैकर ऐसी बातें दूसरे को भेज सकते हैं जो असली यूजर ने नहीं कही हैं।
  • – किसी यूजर के मेसेज को ऐसे ग्रुप में भेज सकते हैं जिसका वह मेंबर ही नहीं है। कोई यूजर किसी ग्रुप का पार्ट नहीं है, लेकिन ग्रुप में उस यूजर के मेसेज को कोट करके भेजा जाता है ताकि ऐसा लगे कि यह मेसेज यूजर ने खुद भेजा है।
  • – किसी यूजर को ऐसा मेसेज भेजना जिससे यह ग्रुप कनवर्सेशन लगे, लेकिन असलियत में यह एक प्राइवेट कनवर्सेशन होता है।

वेबसाइट ने आगे लिखा कि चेकपॉइंट ने वॉट्सऐप को इन खतरों के बारे में पहले ही बता दिया है। हालांकि कंपनी (वॉट्सऐप) ने ना तो इसके बारे में कोई सलूशन बताया है और ना ही कोई सार्वजनिक बयान जारी किया है। बता दें, वॉट्सऐप ने हाल ही के दिनों में फर्जी खबरों और फेक लिंक्स से बचने के लिए अपने ऐप में कई बदलाव किए हैं। फिर वह Suspicios Link Detection फीचर को टेस्ट करना हो या फिर मेसेज फॉरवर्ड करने की लिमिट को 5 करना।

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