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अटल की समाधि के लिए 1.5 एकड़ जमीन, मुखाग्नि से पहले ये कार्यक्रम

नई दिल्ली

ठन गई, मौत से ठन गई… बरसों पहले इन शब्दों को कागज पर दर्ज कर चुके अटल बिहारी वाजपेयी की सचमुच मौत से ठन गई और वह अनंत यात्रा पर चले गए. पूर्व प्रधानमंत्री का निधन एम्स में गुरुवार की शाम 5 बजकर 5 मिनट पर हुआ. वाजपेयी को 11 जून 2018 को एम्स में भर्ती कराया गया था और डॉक्टरों की निगरानी में पिछले 9 हफ्ते से उनकी हालत स्थिर बनी हुई थी. पिछले 36 घंटों में बिगड़ी और उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया था. लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद देश ने आज सबको साथ लेकर चलने वाला नेता खो दिया.

निधन के बाद एम्स से वाजपेयी का पार्थिव शरीर उनके आवास कृष्णा मेनन मार्ग पर ले जाया गया है. गुरुवार की रात पार्थिव शरीर को यहीं पर रखा जाएगा. उनके चाहने वाले रात 9 बजे से अंतिम दर्शन कर पाएंगे. एक तरह के इस आवास पर उनकी ये आखिरी रात होगी.

शुक्रवार सुबह 9 बजे वाजपेयी का पार्थिव शरीर को बीजेपी मुख्यालय लाया जाएगा, जहां करीब 4 घंटे तक रखा जाएगा. यहां उन्हें पार्टी नेताओं समेत तमाम हस्तियां नम आंखों से श्रद्धांजलि देंगी. बीजेपी के झंडे को पार्टी मुख्यालय में आधा झुका दिया गया है. पार्टी की ओर अंतिम विदाई के बाद दिन के एक बजे अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा निकाली जाएगी. जो बीजेपी दफ्तर से राष्ट्रीय स्मृति स्थल तक जाएगी. और फिर शाम के 4 बजे स्मृति स्थल में वाजेपयी का अंतिम संस्कार किया जाएगा.

स्मृति स्थल के आसपास भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं. एसपीजी को भी तैनात किया गया है. स्मृति स्थल राजघाट से बिल्कुल करीब है. बीएसएफ पहले से राष्‍ट्रीय स्‍मृति की निगरानी करती रही है.स्मृति स्थल में वाजपेयी का स्मारक बनाने के लिए डेढ़ एकड़ जमीन दी गई है. फिलहाल राष्ट्रीय स्मृति में जोर-शोर से सफाई अभियान चलाया जा रहा है.राष्ट्रीय स्मृति स्थल में ही पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा और के आर नारायणन की भी समाधि है.

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