Thursday , October 18 2018
Home / Featured / राफेल डील: दसॉ की सफाई, रिलायंस को खुद चुना

राफेल डील: दसॉ की सफाई, रिलायंस को खुद चुना

नई दिल्ली

राफेल डील में फ्रांस की इन्वेस्टिगेटिव वेबसाइट मीडियापार्ट के नए खुलासे के बाद फ्रांसीसी कंपनी दसॉ की प्रतिक्रिया सामने आ गई है। भारत को राफेल विमान देने वाली इस कंपनी ने वेबसाइट की रिपोर्ट को खारिज करते हुए बताया है कि उसने जॉइंट वेंचर के पार्टनर के रूप में खुद से ही रिलायंस कंपनी का चुनाव किया था। आपको बता दें कि नए खुलासे में फ्रांसीसी वेबसाइट ने दावा किया है कि दसॉ के पास रिलायंस डिफेंस से समझौता करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं था।

बुधवार को जारी अपने स्पष्टीकरण में दसॉ एविएशन ने कहा कि भारतीय नियमों (रक्षा खरीद प्रक्रिया) के अनुपालन के लिए उसे 50 फीसदी का ऑफसेट अनुबंध करना था। दसॉ ने इसके लिए एक जॉइंट वेंचर के गठन का फैसला किया। कंपनी ने आगे कहा है कि दसॉ एविएशन ने स्वतंत्र रूप से इसके लिए रिलायंस ग्रुप का चुनाव किया। 10 फरवरी 2017 को जॉइंट वेंचर दसॉ रिलायंस एयरोस्पेस लिमिटेड (DRAL) का गठन किया गया।

फ्रेंच रेग्युलेशन का भी हुआ पालन
दसॉ ने बताया है कि बीटीएसएल, DEFSYS, काइनेटिक, महिंद्रा, Maini, SAMTEL जैसी कंपनियों के साथ भी अन्य साझेदारियों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके अलावा 100 अन्य संभावित साझेदारों के साथ बातचीत चल रही है। कंपनी ने कहा है कि इस प्रक्रिया में फ्रेंच रेग्युलेशन का भी पूरा पालन हुआ है। इसके तहत चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर लोइक सेगलन 11 मई 2017 को सेंट्रल वर्क्स काउंसिल को जॉइंट वेंचर के गठन की जानकारी दी।

आपको बता दें कि 59 हजार करोड़ रुपये के 36 राफेल लड़ाकू विमान के सौदे में रिलायंस दसॉ की मुख्य ऑफसेट पार्टनर है। फ्रांस की इन्वेस्टिगेटिव वेबसाइट मीडियापार्ट ने इस डील को लेकर एक नई रिपोर्ट जारी की है। उसमें दावा किया गया है कि वेबसाइट के पास मौजूद दसॉ के कथित डॉक्युमेंट इसकी पुष्टि करते हैं कि उसके पास रिलायंस को पार्टनर चुनने के अलावा कोई और विकल्प नहीं था।

मीडियापार्ट ने ही पूर्व फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के भी उस दावे को प्रकाशित किया था जिसमें उन्होंने कहा था कि राफेल सौदे के लिए भारत सरकार ने अनिल अंबानी की रिलायंस का नाम प्रस्तावित किया था और दसॉ एविएशन कंपनी के पास दूसरा विकल्प नहीं था। राफेल डील को लेकर भारत में राजनीतिक विवाद भी खड़ा हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मोदी सरकार पर घोटाले का आरोप लगा रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने भी मांगी है जानकारी
राफेल डील पर जारी विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से खरीद प्रक्रिया की पूरी जानकारी मांगी है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से सीलबंद लिफाफे में उस फैसले की प्रक्रिया की डीटेल देने को कहा है, जिसके बाद राफेल जेट की खरीद को लेकर फ्रांस की कंपनी दैसॉ एविएशन से डील हुई। कोर्ट ने कहा कि केंद्र 29 अक्टूबर तक सूचनाएं सौंपे। मामले की अगली सुनवाई 31 अक्टूबर को होगी।

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

आजम खान ने दी सरकार को चुनौती, ताजमहल गिराकर शिवमंदिर बनाया जाए

लखनऊ, अपने बयानों के लिए चर्चित समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान ने इलाहबाद …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)