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बीजेपी के ‘गुप्त सर्वे’ से उड़ी सीएम देवेंद्र फडणवीस की नींद

मुंबई

एक तरफ तो बीजेपी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अपनी सरकार के चार साल के कामकाज को कांग्रेस के 70 साल के कामकाज से बेहतर बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र में बीजेपी द्वारा कराए गए गुप्त सर्वेक्षण ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की नींद उड़ा दी है। खबरों के मुताबिक बीजेपी के इस आंतरिक सर्वे के नतीजे बता रहे हैं कि आगामी चुनावों में फडणवीस के हाथ से सत्ता जा सकती है।

2014 में मोदी लहर में महाराष्ट्र में बीजेपी नंबर वन पार्टी बन गई थी और पहली बार राज्य में बीजेपी का मुख्यमंत्री बना था। लेकिन इन चार सालों में मोदी लहर का असर खत्म हो गया है और आगामी चुनावों में बीजेपी को हार का डर सता रहा है। इसीलिए जमीनी हकीकत जानने को राज्य की सभी लोकसभा और विधानसभा सीटों पर ‘गुप्त सर्वेक्षण’ कराए जाने की बात सामने आई है। कहा जा रहा है कि इस सर्वे में जनता से मुख्य रूप से तीन सवाल पूछे गए थे। यह सवाल थे- क्या आप अपने सांसद और विधायक के काम से खुश हैं? क्या आप उन्हें दोबारा चुनेंगे? क्या उन्हें एक मौका और दिया जाना चाहिए? खबरों के मुताबिक इन सवालों के साथ किए गए सर्वेक्षण के नतीजों में महाराष्ट्र में बीजेपी के 8 सांसदों और 40 विधायकों के इस बार चुनाव हारने की पूरी संभावना है।

खबर यह है भी है कि मंगलवार को बीजेपी के सभी सांसदों, विधायकों को सर्वेक्षण से मिले नतीजों से अवगत करा दिया गया है। इसके लिए बीजेपी के दादर स्थित कार्यालय में मुख्यमंत्री ने सभी सांसदों और विधायकों की बैठक बुलाई थी। लेकिन इस बारे में बीजेपी का कोई नेता बोलने को तैयार ही नहीं है। कई सांसद और विधायक तो गुप्त सर्वेक्षण कराए जाने की खबर को ही गलत बता रहे हैं। हालांकि राज्य के एक पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता ने सर्वे को सही बताया है और इसे पार्टी की नियमित प्रक्रिया कहा है।

वैसे अगर गुप्त सर्वेक्षण की खबर और उसके नतीजों को सही माना जाए, तो बीजेपी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के लिए आगामी चुनाव आसान नहीं है। खासकर तब जब कांग्रेस-एनसीपी मिलकर चुनाव लड़ें और शिवसेना, बीजेपी से गठबंधन न करने की अपनी बात पर अंत तक कायम रहे। हालांकि शिवसेना के भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि शिवसेना अलग चुनाव लड़ने का फैसला ले चुकी है।

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