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और भेल के साहब की सुरक्षा

भोपाल

भेल कारखाने में एक पॉवर फुल अफसर काफी चर्चाओं में हंै। इन पॉवर फुल साहब को और पॉवर फुल करने के लिए टीएसडी के अलावा मानव संसाधन विभाग दे डाला। जब यह मानव संसाधन विभाग संभाल रहे थे तब इनकी मनमानी के चर्चे सिर्फ यूनियन के नेता ही नहीं बल्कि कर्मचारी भी करते नहीं थकते। इससे भले ही मानव संसाधन विभाग के सभी से रिलेशन क्यों बिगड़ गये हो लेकिन इसका असर इन पर बिलकुल नहीं पड़ा। सुरक्षा की दृष्टि से भेल प्रशासन ने इन्हें केबिन के साथ चौबीसों घंटे सुरक्षा गार्ड भी मुहैया करा दिए। जब मानव संसाधन विभाग का चार्ज किसी दूसरे अफसर ने ले लिया तब भी पॉवर फुल साहब का अपने बंगले पर सुरक्षा गार्ड लगाने का मोह नहीं छूटा। जब इसकी चर्चाएं कारखाने में होने लगी तब कही जाकर इन साहब ने एक सप्ताह पूर्व अपने बंगले से सुरक्षा गार्ड को हटा लिये, लेकिन गार्डों का केबिन आज भी खड़ा है।

सऊदी अरब से भेल में वापसी

भेल की सेवाओं को अलविदा कह चुके टीसीबी, टेस्ंिटग ब्लॉक, यूएचवी लेब के एक अफसर की सऊदी अरब से वापस भोपाल वापसी चर्चाओं में है। दरअसल यह साहब भेल भोपाल कारखाने से सऊदी अरब जाकर एक बड़ी कंपनी में भेल की नौकरी को ठेंगा दिखाते हुए ज्वाईन कर चुके थे लंबे समय तक सऊदी अरब में नौकरी करने के बाद अचानक फिर से टीसीबी विभाग में काम करते हुए विभाग के कर्मचारियों में दांतों तले ऊंगली दबा ली। चर्चा है कि विभाग के कर्मचारियों को आज भी यह समझ में नहीं आ रहा है कि जो आदमी भेल जैसी महारत् न कंपनी को बुरा भला कहता था वह एक लंबे अर्से बाद वापस ड्यूटी पर कैसे आ गया। इसके पीछे क्या गणित किसी के समझ में नहीं आ रहा है।

जब एचआर ने लगाई फटकार

भेल कारखाने में ही नहीं बल्कि उद्योग नगरी के बाहर भी महाप्रबध्ंाक मानव संसाधन ने अफसरों की क्लास लेना शुरू कर दी है। पहले एक कर्मचारी नेता को सस्पेंड करने फिर कुछ कर्मचारी नेताओं के विभागों में फेरबदल करना चर्चाओं का विषय बना हुआ है। हाल ही में एचआर साहब ने भेल के कस्तूरबा अस्पताल पहुंचकर अधिकारी-कर्मचारियों को फटकार लगा डाली। दरअसल मामला अस्पताल प्रमुख से जुड़ा हुआ है। कुछ समय पूर्व एक महिला सफाई कर्मी के मामले को लेकर एचआर साहब क्लास लेने अस्पताल पहुंचे थे। चर्चा है कि एचआर साहब ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब अस्पताल में एक अपर महाप्रबध्ंाक सहित सात एक्जीक्यूटिव तैनात हैं तो ऐसे में अस्पताल प्रमुख को सफाई व्यवस्था देखना गले नहीं उतर रहा है। चर्चा है कि ठेकेदार और अफसरों की मिलीभगत से सफाई व्यवस्था पर पलीता लगाया जा रहा है।

सामान खरीदी से खुश भेल के अफसर

भेल कारखाने में नट-बोल्ट खरीदी के मामले को प्रशासनिक स्तर पर चर्चाओं का बाजार गर्म है। इस मामले में मलाईदार काम के मजे ले रहे कुछ अफसर खुश हैं। दरअसल कारखाने के हर ब्लॉक में हार्डवेयर का सामान नट-बोल्ट लाखों की तादाद में खरीदे जाते हैं। जब यह भेल के प्रवेश द्वार से कारखाने के भीतर आता है तब इसे गिनने वाला कोई नहीं होता है। सालों से चल रहे इस घपले का सच यह है कि यदि 1 हजार नट-बोल्ट खरीदी का आर्डर है तो उसमें 800 ही होते हैं। चाहे सीआईएसएफ के जवान है या फिर विभाग के अधिकारी सिर्फ पेपर की इंट्री ही चेक करते हैं। पेटी के अंदर कितना सामान है इसे चेक करने की जरूरत ही नहीं समझते हैं, इससे भेल को सालों से लाखों की चपत लब रही है। एक खबरीलाल ने इसकी खबर भेल की विजिलेंस को तो दी थी

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