Thursday , December 13 2018
Home / Featured / मोदी सरकार को झटका, ग्रोथ रेट और रुपये पर फिच ने दी डबल टेंशन

मोदी सरकार को झटका, ग्रोथ रेट और रुपये पर फिच ने दी डबल टेंशन

नई दिल्‍ली,

लोकसभा चुनावों से पहले रेटिंग एजेंसी फिच ने गुरुवार को चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को 7.8 प्रतिशत से घटाकर 7.2 प्रतिशत कर दिया। ज्यादा लागत और ऋण उपलब्धता में कमी के चलते फिच ने अनुमान घटाया है। गुरुवार को जारी वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में फिच ने कहा कि साल 2019-20 और 2020-21 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर क्रमश: 7 प्रतिशत और 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है। साथ ही एजेंसी का कहना है कि 2019 के अंत तक रुपया टूटकर 75 रुपये प्रति डॉलर तक कमजोर हो जाएगा। इस समय रुपया 71 रुपये/डालर के आसपास चल रहा है।

पहले क्या था अनुमान?
आपको बता दें कि वित्त वर्ष 2017-18 में देश की अर्थव्यवस्था 6.7 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ी थी। इससे पहले फिच ने सितंबर में वृद्धि दर के 7.8 प्रतिशत और जून में 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था। फिच का नया अनुमान चालू वित्त वर्ष के लिए आरबीआई के 7.4 प्रतिशत के अपने पहले लगाए गए अनुमान से काफी कम है। फिच ने कहा, ‘हमने जीडीपी आंकड़ों में अपेक्षा से कम तेजी, उच्च वित्तपोषण लागत और ऋण उपलब्धता में कमी के चलते अपने अनुमान को घटाया है। हमें लगता है कि मार्च 2019 में समाप्त वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहेगी।’

निवेश को लेकर अच्छी खबर
एजेंसी के मुताबिक जीडीपी वृद्धि दर 2019-20 में सात प्रतिशत और 2020-21 में 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है। एजेंसी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में जीडीपी वृद्धि दर कम होकर 7.1 प्रतिशत पर रही। अप्रैल-जून में यह 8.2 प्रतिशत थी। फिच ने कहा, ‘खपत कमजोर बनी हुई है, यह 8.6 प्रतिशत से गिरकर 7 प्रतिशत पर आ गई है। घरेलू मांग के अन्य कारक बेहतर स्थिति में है, खासकर निवेश 2017 की दूसरी छमाही के बाद लगातार बढ़ा है।’

रेटिंग एजेंसी का कहना है कि अगले साल होने वाले आम चुनावों को देखते हुए भारत की राजकोषीय नीतियां वृद्धि को बढ़ावा देने के अनुकूल रहेंगी। साथ ही साल 2019 के आखिर तक डॉलर के मुकाबले रुपया 75 रुपये प्रति डॉलर तक गिर सकता है।

2019 के अंत तक 75 रुपये प्रति डॉलर होगा?
फिच रेटिंग्स का अनुमान है कि 2019 के अंत तक रुपया टूटकर 75 रुपये प्रति डॉलर तक कमजोर हो जाएगा। फिच ने अपने वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में कहा कि चालू खाते का घाटा बढ़ने तथा वैश्विक वित्त महंगा होने से रुपये में गिरावट आएगी। इस समय रुपया 71 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर चल रहा है। फिच ने कहा कि उसका अनुमान है कि आगामी महीनों में खाद्य वस्तुओं के दाम स्थिर होने से मुद्रास्फीति में कुछ इजाफा होगा। इसके अलावा रुपये में गिरावट से आयात का मूल्य बढ़ेगा।

फिच ने कहा कि चालू खाते का घाटा बढ़ने तथा वैश्विक स्तर पर वित्त की स्थिति सख्त होने से रुपये के नीचे आने का दबाव रहेगा। हमारा अनुमान है कि 2019 के अंत तक रुपया 75 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर होगा। एशिया में इस समय रुपया सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा है। अक्टूबर में रुपया 74 प्रति डॉलर के निचले स्तर तक गया था। 9 अक्टूबर को रुपये ने अपना सर्वकालिक निचला स्तर 74.39 रुपये प्रति डॉलर छुआ था।

अभी भी NPA का उच्च स्तर बरकरार
फिच ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र अभी भी NPA के उच्च स्तर से जूझ रहा है, जबकि नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस IL&FS के डिफॉल्ट्स के बाद लिक्विडिटी की कमी की समस्या झेल रहे हैं.

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

3 राज्य जीतने पर कांग्रेस का तंज, ‘ये है नया स्वच्छ भारत अभियान’

नई दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के किले को ढहा …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)