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सस्‍ते मकान के लिए करना होगा इंतजार! सरकार ने ले लिया फैसला

नई दिल्ली

बीते कुछ दिनों से इस बात की चर्चा थी कि 10 जनवरी को जीएसटी काउंसिल की बैठक में सस्‍ते मकान को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी बुधवार को कहा था कि उन्होंने मध्यम वर्ग के लिए बनने वाले घरों को जीएसटी के 5 प्रतिशत के दायरे में लाने का आग्रह किया गया है.

ऐसे में लोगों की उम्‍मीदें बढ़ गई थीं लेकिन इन उम्‍मीदों पर फिलहाल पानी फिर गया है. यानि अब लोगों को सस्‍ते मकान के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा. आइए जानते हैं कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में आखिर ऐसा क्‍या फैसला हुआ है जिससे कि लोगों का इंतजार बढ़ गया है.

दरअसल, गुरुवार को वित्‍त मंत्री अरुण जेटली की अगुवाई में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्‍स (GST) काउंसिल की 32वीं बैठक हुई. इस बैठक में छोटे-बड़े कारोबारियों को राहत देने के लिए कई अहम फैसले लिए गए. लेकिन उन लोगों के लिए कोई अच्‍छी खबर नहीं निकली जो सस्‍ते घर के इंतजार में थे. इस संबंध में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि अंडर कंस्ट्रक्शन फ्लैट और मकान पर जीएसटी की दर घटाने का फैसला टाल दिया गया है.

उन्‍होंने कहा कि काउंसिल बैठक में रियल एस्टेट पर जीएसटी को लेकर मतभेद सामने आए. ऐसे में इस पर विचार करने के लिए लिए मंत्रियों के समूह की कमेटी बनाई गई है. आसान भाषा में समझें तो यह कमेटी बताएगी कि अंडर कंस्‍ट्रक्‍शन मकानों को जीएसटी के 5 फीसदी स्‍लैब में लाया जाए या नहीं. अभी अंडर कंस्‍ट्रक्‍शन मकानों पर 12 फीसदी जीएसटी लगता है. अगर यह 5 फीसदी के स्‍लैब में आता है तो उन लोगों को राहत मिलेगी जो नए मकान खरीदने की तैयारी में हैं.

इसके अलावा फ्लैट और घर के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले अधिकांश निर्माण उत्पाद, पूंजीगत सामान और सर्विसेज पर 18 फीसदी जीएसटी लगता है, जबकि सीमेंट पर 28 फीसदी का जीएसटी लगता है. काउंसलि मीटिंग में इस स्‍लैब में भी कटौती की उम्‍मीद की जा रही थी.

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