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दिल्ली में 9 फरवरी को राजनीतिक दल का ऐलान करेंगे प्रवीण तोगड़िया

अयोध्या

अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद (एएचपी) के चीफ डॉ प्रवीण भाई तोगड़िया अपने नए राजनीतिक दल का ऐलान 9 फरवरी को दिल्ली में करेंगे। कार्यक्रम में भारी भीड़ जुटाने के लिए एएचपी के कार्यकर्ताओं ने पूरे देश में जगह-जगह बैठकें भी शुरू कर दी हैं। गुरुवार को अयोध्या के सीताराम रामानंद धर्मशाला में पूर्वी यूपी के प्रमुख कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। बैठक के मुखिया एएचपी के अंतरराष्ट्रीय संगठन मंत्री महावीर प्रसाद ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 9 फरवरी को प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से ज्यादा से ज्यादा संख्या में कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचें, इसकी रणनीति बनाई जा रही है और इसके लिए युवाओं की भर्ती की जा रही है।

महावीर प्रसाद ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तर्ज पर अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद भी चुनाव नहीं लड़ेगा। यह केवल नए राजनीतिक दल को जन्म देगा। उन्होंने नई पार्टी के अजेंडे की जानकारी देते हुए कहा, ‘2014 में भारी बहुमत से चुनाव जीतने से पहले बीजेपी ने गोहत्या, देश में सभी के लिए एक कानून सहित प्रमुख मुद्दा आयोध्या में राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण की बात कही थी, लेकिन इनमें से एक भी वादा पूरा नहीं हो सका है।’

एएचपी नेता ने दावा किया कि नई पार्टी इन सभी मुद्दों पर चुनाव लड़ेगी और सरकार बनते ही सात दिनों में ही सभी घोषणाएं पूरी की जाएगीं। उन्होंने बताया कि एएचपी में हजारों की संख्या में नौजवानों की भर्ती की जाएगी और उन्हें देशभक्ति के संस्कार सिखाए जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘अगर आज के युवाओं को देशभक्ति के संस्कार नहीं दिए गए तो हैदराबाद में रोहित वेमुला और जेएनयू में कन्हैया और उमर खालिद जैसे नौजवान ही पैदा होंगे, जो भारत विरोधी नारे लगाएंगे।’

वहीं, डॉ प्रवीण भाई तोगड़िया ने एक विडियो जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘रामलला टेंट में हैं और मोदी पार्लियामेंट में बैठे हैं। उनको मुस्लिम स्त्रियों की चिंता है लेकिन तंबू में बैठे राम की चिंता नहीं है।’ उन्होंने कहा कि मोदी अयोध्या आने से हमेशा कतराते रहे हैं। बीजेपी राम के नाम प्रयोग सिर्फ चुनाव में माहौल बनाने के लिए करती है। अब केवल ‘राम मंदिर नहीं तो वोट नहीं’ का नारा गांव-गांव में गूंजेगा। उन्होंने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट द्वारा डेट टालने का अर्थ है कि मोदी सरकार के कार्यकाल में राम मंदिर नहीं बनेगा। बीजेपी ने सरकार बनने के बाद राम मंदिर मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया। सरकार बनने के बाद देवालय के पहले शौचालय की बात कही, तभी स्पष्ट हो गया था कि यह हिंदू विरोधी सरकार है।’

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