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आलोक वर्मा के इस्तीफे के बाद ये हो सकते हैं CBI के नए ‘बॉस’

केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई के पूर्व डायरेक्टर आलोक वर्मा ने पद से हटाए जाने के तरीके पर सवाल उठाते हुए नई जिम्मेदारी स्वीकार करने से इनकार कर दिया. उन्होंने शुक्रवार को नौकरी से इस्तीफा भी दे दिया. आलोक वर्मा के इस्तीफे के बाद सीबीआई के नए डायरेक्टर की तलाश शुरू हो गई है. परंपरा के मुताबिक, सीबीआई डायरेक्टर के रिटायर होने के एक महीने पहले से ही उनके उतराधिकारी की तलाश शुरू कर दी जाती है. सूत्रों की मानें, तो मुख्य सतर्कता आयुक्त (CVC) ने 10 अधिकारियों का एक पैनल तैयार किया है, जिसमें 1983, 1984, 1985 बैच के अधिकारी शामिल हैं.

लिस्ट में नीरा मित्रा के अलावा उत्तर प्रदेश कैडर के 1983 राजीव राय भटनागर का नाम भी शामिल हैं. भटनागर इस समय सीआरपीएफ के जनरल डायरेक्टर हैं. उत्तर प्रदेश कैडर के 1984 बैच के अधिकारी रजनीकांत मिश्रा भी सीवीसी की लिस्ट में जगह बनाने में कामयाब हुए हैं. मिश्रा इस समय बीएसएफ के जनरल डायरेक्टर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. 1984 बैच के आसम-मेघालय कैडर के वाईसी मोदी का नाम भी सीबीआई डायरेक्टर की लिस्ट में शामिल है.

सूत्रों की मानें, तो सीबीआई डायरेक्टर के लिए अंतिम फैसला रीना मित्रा और वाईसी मोदी के बीच हो सकता है. मोदी प्रधानमंत्री कैंप के अधिकारी माने जाते हैं. उन्हें इससे पहले सीबीआई में 10 साल काम करने का अनुभव है. वाईसी मोदी 2002 में गुजरात दंगों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई टीम में भी थे, लेकिन 1984 बैच का होना ही उनकी कमजोर कड़ी मानी जा रही है.

दरअसल, अगर सरकार राकेश अस्थाना को सीबीआई में स्पेशल डायरेक्टर बनाए रखना चाहती है, तो वाईसी मोदी की राह थोड़ी मुश्किल हो सकती है. क्योंकि, अस्थाना और वाईसी मोदी दोनों 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. सरकार के करीबी सूत्र राकेश अस्थाना को सीबीआई डायरेक्टर बनने की संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं, लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने एफआईआर रद्द न कर आगे जांच के आदेश देकर उनकी राह मुश्किल कर दी है.

ऐसे में वाईसी मोदी या किसी और 1984 बैच के अधिकारी सीबीआई डायरेक्टर बनने पर राकेश अस्थाना को सीबीआई से बाहर जाना पड़ेगा. वर्तमान में जनरल डायरेक्टर वीसीएस को छोड़कर डीजी रैंक का कोई पद खाली नहीं है. वाईसी मोदी के सीबीआई डायरेक्टर होने पर एनआईए के जनरल डायरेक्टर का पद भी खाली हो जाएगा.

राकेश अस्थाना के पास इस बार सीबीआई डायरेक्टर बनने का एक और मौका होगा, क्योंकि जो भी सीबीआई का डायरेक्टर बनाया जाएगा, उसका कार्यकाल जनवरी 2021 में खत्म हो जाएगा. जबकि राकेश अस्थाना का रिटायरमेंट जुलाई 2021 में है.सीबीआई कि नियुक्ति में सरकार उस नाम को आगे बढ़ाएगी, जिस पर भारत के मुख्य न्यायधीश की सहमति हो, क्योंकि चुनावी साल में सरकार से सीबीआई डायरेक्टर की नियुक्ति में कांग्रेस से आम सहमति की उम्मीद नहीं कर सकती.

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