Monday , March 25 2019
Home / राजनीति / चुनाव में ऐप और डेटा से ‘शक्ति’ ले रहे राहुल, 300 सीटों पर फोकस

चुनाव में ऐप और डेटा से ‘शक्ति’ ले रहे राहुल, 300 सीटों पर फोकस

नई दिल्ली

आम चुनाव में उतरने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दो चीजों को सबसे अधिक तरजीह दे रहे हैं, डेटा और शक्ति ऐप। पार्टी की रणनीति को अंतिम रूप देने में ये दो फैक्टर सबसे अहम भूमिका निभा रहे हैं। डेटा का विश्लेषण कर कांग्रेस ने आम चुनाव में 300 लोकसभा सीटों पर फोकस करने की योजना बनाई है। ये वे सीटें हैं, जिनपर कांग्रेस ने 2004 से 2014 के बीच हुए आम चुनाव में कम से कम एक बार जीत दर्ज की है।

इनमें 250 से अधिक सीटों पर बीजेपी से सीधा मुकाबला है। बाकी जगहों पर क्षेत्रीय दलों से टक्कर है। इन सीटों को चिह्नित करने के बाद पार्टी ने इन पर उम्मीदवारों की भी तलाश शुरू कर दी है। इस पूरी कवायद को संभाल रहे प्रवीण चक्रवर्ती पार्टी के डाटा विंग को हेड कर रहे हैं। इनवेस्टमेंट बैंक के सीईओ का पद संभाल चुके प्रवीण को कांग्रेस अध्यक्ष ने ऐसा सिस्टम बनाने को कहा था, जिससे वह जमीनी कार्यकर्ताओं से सीधे जुड़ सकें। इसके बाद ही शक्ति ऐप बनाया गया था। अब तक 60 लाख कार्यकर्ता इस ऐप के माध्यम से जुड़ चुके हैं।

100 से अधिक उम्मीदवार भी शॉर्टलिस्ट
सूत्रों के अनुसार लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अब तक 100 से अधिक उम्मीदवारों के नाम शॉर्ट लिस्ट भी कर लिए हैं। इसके लिए शक्ति ऐप पर मिले फीडबैक को आधार बनाया गया। गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों से पार्टी उम्मीदवारी के लिए ऐप पर कार्यकर्ताओं से उनकी पसंद के नाम मांगे गए थे।

गुजरात में लगभग 20 नाम तय भी हो चुके हैं। इस प्रक्रिया से जुड़े एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने एनबीटी को बताया कि शीला दीक्षित को दिल्ली कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के रूप में चुनने से पहले भी इसी ऐप पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं से फीडबैक मांगा गया था। इसमें लगभग 22 हजार सुझाव आए थे, जिसमें 80 फीसदी से अधिक ने शीला दीक्षित को तरजीह दी थी। छत्तीसगढ़ और राजस्थान में सीएम पद के चुनाव में भी ऐप ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। राहुल गांधी हर दिन इस ऐप से मिले फीडबैक पर रिपोर्ट लेते हैं और जिन चीजों पर राय मांगी जाती है, उसके डेटा सिर्फ वही देख सकते हैं।

रियल टाइम सर्वे भी
2014 के आम चुनाव में बीजेपी से तकनीक के मामले में पूरी तरह पिछड़ चुकी कांग्रेस इस बार इस मोर्चे पर चुनौती देने की कोशिश कर रही है। इसके लिए पार्टी ने अपने वॉर रूम में रियल टाइम सर्वे अैर फीडबैक की भी व्यवस्था बनाई है। यहां 24 घंटे काम होता है। इस प्रक्रिया से जुड़े एक सीनियर नेता ने बताया कि आर्थिक आधार पर आरक्षण देने का बिल पास होने के बाद भी पार्टी ने तुरंत देश में इस मुद्दे पर राय ले ली। पार्टी का मानना है कि इस व्यवस्था से किसी मुद्दे पर स्टैंड लेने में मदद मिलती है। हालांकि सीएम जैसे पद पर चुनाव के लिए ऐप के इस्तेमाल को लेकर कुछ सीनियर नेताओं को आपत्ति भी है, लेकिन पार्टी इससे पीछे हटने के मूड में नहीं है।

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

लोकसभा चुनाव : कांग्रेस को झटका, मैदान से हटे राशिद अल्वी

अमरोहा लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की अमरोहा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार राशिद अल्वी ने …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)