Tuesday , January 22 2019
Home / राज्य / पोंगल गिफ्ट पर CM ने किरण बेदी को दी धमकी

पोंगल गिफ्ट पर CM ने किरण बेदी को दी धमकी

पुडुचेरी

पुडुचेरी में पोंगल के अवसर पर सभी परिवारों को तोहफा बांटने को लेकर उप-राज्यपाल किरण बेदी और मुख्यमंत्री वी नारायणसामी एक बार फिर आमने-सामने आ गए हैं। किरण बेदी के रुख को लेकर उनपर हमला तेज करते हुए मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने कहा है कि इस मुद्दे पर यदि उप-राज्यपाल ने सरकार का साथ नहीं दिया तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

मुख्यमंत्री की इस चेतावनी पर बेदी ने पलटवार करते हुए कहा कि सीएम अपने भाषण में मर्यादा का ख्याल रखें। नारायणसामी ने कहा कि उन्होंने शुक्रवार को एक फाइल भेजकर बेदी को सूचित किया था कि तोहफे में काजू, किशमिश और इलायची नि:शुल्क उपलब्ध रहेंगे और यह बगैर भेदभाव के हर परिवार को दिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘पोंगल उपहार योजना पर बेदी ने यदि सरकार से सहमति नहीं जताई तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। मैंने साफ कर दिया है कि सभी परिवारों के लिए लाभ उपलब्ध होने चाहिए।’

मुख्यमंत्री ने दिया हाई कोर्ट के फैसले का हवाला
उन्होंने दावा किया कि मद्रास हाई कोर्ट का वह हालिया आदेश पुडुचेरी पर भी लागू होता है, जिसमें तमिलनाडु में सभी राशनकार्ड धारकों को मुफ्त में ‘उपहार’ बांटने की अनुमति दी गई थी। मुख्यमंत्री ने उप-राज्यपाल पर आरोप लगाया कि वह अदालत के आदेश को तोड़-मरोड़ रही हैं और इसकी गलत व्याख्या कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को तोहफे के तौर पर 1,000 रुपये कैश बांटने से रोका था।

नारायणसामी ने कहा, ‘पोंगल के लिए राशन और जरूरी वस्तुओं की नि:शुल्क आपूर्ति के दायरे में सभी परिवार आएंगे और हाई कोर्ट ने भी यह साफ कर दिया है।’ मुख्यमंत्री की चेतावनी पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए बेदी ने एक वॉट्सऐप संदेश में कहा, ‘निजी तौर पर मुझे किसी चीज से डर नहीं लगता। मुख्यमंत्री और उनके सहकर्मियों को समझना चाहिए कि जब भी कोई फाइल मंजूरी के लिए मेरे दफ्तर भेजी जाती है तो नियम कानून देखने होते हैं, दिमाग लगाना होता है, क्योंकि उप-राज्यपाल का दफ्तर कोई रबर स्टैंप नहीं है।’

किरण बेदी ने सीएम को दी चेतावनी
उन्होंने कहा कि सैद्धांतिक तौर पर यह अपेक्षा करना गलत है कि उप-राज्यपाल उनकी मांगों और उनके विचारों पर मुहर ही लगाएंगी। बेदी ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि वह किसी संवैधानिक पद के लिए धमकी भरे शब्द का इस्तेमाल नहीं करें और अपने भाषण और उन्हें लिखे जाने वाले नोट में मर्यादा का ख्याल रखें, वरना वह उन नोट को सार्वजनिक करने के लिए मजबूर हो जाएंगी।

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

योगी सरकार का ऐलान, साधु-संतों को हर महीने मिलेगी 500 रुपये पेंशन

लखनऊ वृद्धावस्था और किसान पेंशन योजना के तहत मिलने वाली राशि को सरकार ने 400 …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)