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‘SP-BSP गठबंधन से NDA पर कोई फर्क नहीं’ : ओम प्रकाश राजभर

आजमगढ़

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर समय-समय पर बीजेपी और उसके नेतृत्‍व पर हमला करते रहते हैं। हालांकि शनिवार को उन्‍होंने समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन पर कहा कि एनडीए को इससे घबराने की जरूरत नहीं है। राजभर ने कहा कि उनकी पार्टी बीजेपी के साथ है और यदि बीजेपी चाहती है कि हमारी पार्टी उनके साथ बनी रहे तो हम उनके साथ बने रहेंगे।

उन्‍होंने कहा कि यदि बीजेपी नहीं चाहती है तो हमने उन्‍हें 100 दिन का समय दिया है। इसमें 12 दिन पहले ही बीत गए हैं। 100 दिन बाद अगर ओबीसी आरक्षण में विभाजन के वादे को बीजेपी ने पूरा नहीं किया तो हम सभी 80 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। राजभर ने कहा कि यह देश गठबंधन के दौर से गुजर रहा है। पिछली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार 38 दलों के गठबंधन से बनी थी।

ओमप्रकाश राजभर शनिवार को महाराजा सुहेलदेव की मूर्ति का अनावरण करने के लिए आजमगढ़ के अहिरौला बाजार में पहुंचे थे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ’27 प्रतिशत आरक्षण में अगर विभाजन नहीं होगा तो 100 दिन का हमने बीजेपी को अल्टिमेटम दिया है। आज 12 दिन बीत गए हैं और इसके बाद हम 80 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़ा करेंगे। पूरब से लेकर पश्चिम तक और उत्तर से लेकर दक्षिण तक हम अपना काम कर रहे हैं।’

ओमप्रकाश राजभर ने कहा, ‘अभी तमाम राज्यों में चुनाव हो रहे हैं वहां भी गठबंधन को लेकर ही चुनाव हो रहे हैं तो यह कोई नई चीज नहीं है। मैं यह कहूंगा कि एसपी और बीएसपी अपने में घोर विरोधी दल थे। दोनों दल मिले हैं। एनडीए को इससे घबराने की जरूरत नहीं हैं।’ उन्होंने कहा, ‘ भारतीय जनता पार्टी को मैं बार-बार समझाने की कवायद में हूं कि उत्तर प्रदेश में 80 लोकसभा सीट है। हर सीट पर 5-6 लाख तक अकेले अति पिछड़ा वोटर हैं।’

राजभर ने कहा, ‘यूपी का पिछड़ा वर्ग पिछड़ी जाति के लिए लागू 27 प्रतिशत आरक्षण में बंटवारा चाहता है। अति पिछड़ा सामाजिक न्याय कमिटी की जो रिपोर्ट आई है, उसको हम लागू कराना चाहते हैं। बीजेपी सरकार उसको लागू कर दे तो लड़ाई ही नहीं रह जाएगी।’ वहीं सवर्णों को दिए गए 10 प्रतिशत आरक्षण के बारे में उन्होंने कहा कि चुनाव के समय कोई भी सही फैसला होता है उसको चुनाव से जोड़ दिया जाता है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अगर फैसला पांच-छह महीने पहले हुआ होता तो इसको कोई चुनावी जुमला नहीं कहता। उन्होंने कहा, ‘फैसला सही है। सब कुछ सही है, लेकिन चुनाव के समय आने से लोग इसे चुनाव से जोड़ कर देख रहे हैं।’

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