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भेल की एक यूनियन का मामला

भोपाल

भेल में एक यूनियन करना कुछ चाह रही थी और हो कुछ और गया। इसको लेकर कर्मचारियों में काफी चर्चाएं है। गत 24 जनवरी को भेल कर्मचारियों के रिटायरमेंट के समय शाम 4 बजे भेल के फाउंड्री गेट पर एक यूनियन वेज रिवीजन को लेकर कर्मचारी हक में काले झंडे लेकर नारेबाजी कर रही थी उस समय भेल की सेवा से अलविदा हुए कर्मचारियों को यह बात नागवार गुजरी। इसको लेकर यूनियन और कर्मचारी के परिजनों के बीच काफ ी विवाद खड़ा हो गया। इसे दूसरी यूनियनों ने मुद्दा बनाकर प्रबंधन तक इस बात को पहुंचा दिया। यह बात अलग है कि यह विवाद अनजाने में हुआ या जानबूझ कर। दूसरी और फर्जी मार्कशीट से भेल में नौकरी करने का मामला भी गर्माया हुआ है। इसमें एक अफसर को तो नौकरी तक से निकाल दिया, अब भेल के गेट नम्बर 1 के सामने एक शैक्षणिक संस्था से एक सुपरवाइजर ने फर्जी मार्कशीट बनवाई थी इसकी छानबीन पुलिस तत्परता से कर रही है।

मामला टूल एन गेज का

टूल एन गेज में अनाप-शनाप सामान खरीदी का मामला गर्माया हुआ है। पहले भी मटेरियल खरीदी और कबाड़ में फेेंकने का मामला काफी चर्चाओं में रहा। यहां तक कि मामला भेल की विजिलेंस के पास जांच में पेडिंग रहा। हाल ही में लाखों का मटेरियल को क् वालिटी में जांच के बाद कबाड़ में फेेंका गया तो दूसरी और यही मटेरियल काफी समय पहले मैसूर की एक कंपनी से खरीदा, लेकिन यह मटेरियल भी खराब होने के बाद कंपनी को वापस नहीं किया और भुगतान भी कर डाला। लोग कहने लगे हैं कि बड़े साहब तो छोटों से दस्तखत करवा कर खुद तो बेदाग भेल से अलविदा हो गये लेकिन अपने मातहतों को परेशानी मेें डाल गये। खबर है कि टूल एन गेज की अनाप-शनाप खरीदी की जांच को सीवीओं ने गंभीरता से लिया है।

स्वीचगियर के कॉपर का मामला

यूं तो भेल कारखाने में कॉपर-चांदी चोरी का मामला आम हो गया है। कार्यवाही भी भगवान भरोसे है। चर्चा है टॉम विभाग के स्टोर में चांदी चोरी के पहले स्वीचगियर के स्टोर से सीसीटीवी केमरे चार घंटे बंद रखकर ताला तोड़कर करीब 3 लाख के कॉपर चोरी की खबरें भी बाहर आने लगी है। इस मामले को लेकर सीआईएसएफ और विभाग के अफसरों के बीच तनातनी बनी हुई है। चर्चा है कि पहले भी इस तरह के मामले स्टोर में हो चुके है। यही कारण था यहां सीसीटीवी केमरे के साथ ताला भी लगाया था फि र भी कॉपर चोरी हो गया। अब कॉपर कहा गया इसे बताने कोई तैयार नहीं।

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