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भेल उद्योग नगरी के दलाल ठग रहे हैं 3500 व्यापारियों को

-बिजली और चौकीदारी के नाम पर कर रहे हैं ज्यादा वसूली

भोपाल

भेल नगर प्रशासन विभाग की नजर फेर लेने से भेल उद्योग नगरी के 3500 व्यापारियों को चंद दलाल सालों से ठग रहे हैं। चाहे मामला बिजली से जुड़ा हो या जनरेटर से दलाल मनमानी राशि वसूल रहे हैं। राजनीतिक संरक्षण प्राप्त यह लोग भेल में इस तरह की वसूली के लिए पंजीकृत तक नहीं हैं। मजेदार बात यह है कि संरक्षण प्राप्त होने के कारण यह फुटकर व्यापारी अपना दर्द किसी को बता भी नहीं सकते। भेल प्रशासन को सिर्फ दस रूपये की पर्ची कटवाने के अलावा अन्य समस्याओं की और ध्यान ही नहीं है। इसके चलते प्रभावशाली लोगों की दलाली फलफूल रही हैं।

जानकारी के मुताबिक भेल उद्योग नगरी के गोविन्दपुरा, पिपलानी, हबीबगंज और बरखेड़ा चार साप्ताहिक हाट बाजार लगते हैं। कुल मिलाकर 3500 फुटकर व्यापारी इन बाजारों में अपना व्यवसाय करते हैं। इन बाजारों में सब्जी के अलावा मनिहारी, कपड़ा, शूज, किराना, फल एवं मीट शॉप लगाये जाते है। चंद लोग इन व्यवसाय के लिए रात के समय 19 जनरेटर बाजार में व्यापारियों को मुहैया कराते हैं। बड़े दुकानदरों से बिजली के नाम पर 30 रूपये और 20 रूपये वसूले जाते है। जानकार बताते हैं कि करीब 19 हजार प्रतिमाह वसूला जाता है।

खास बात यह है कि यह जनरेटर की राशि वसूलने वाले से भी दलाल वसूली कर ले जाते हैं। इन पैसों का क्या करते है इसका कोई लेखा-जोखा नहीं है। इसी तरह इन बाजारों में काम करने वाले चौकीदारों के नाम पर हर माह 20 से 21 हजार की राशि दुकानदारों से वसूली जाती है। जबकि इन बाजारों में दो चौकीदार ही काम कर रहे है इन दोनों चौकीदारों 8500 का भुगतान किया जाता है। शेष राशि बाजार के दलाल ठेकेदारों की जेब में पहुंच जाती हैं। इसका कोई हिसाब किताब नहीं है। इस राशि से भेल के बाजारों में कोई विकास कार्य भी नहीं किया जाता। जबकि विकास कार्यों का खर्च भेल प्रशासन उठा रहा है।

कुछ फुटकर व्यापारी नाम न छापने की शर्त पर बताते है कि जो दुकानदार इन दलाल ठेकेदारों को एक बार भी वसूली की राशि देने में आनाकानी करता है तो या तो उसकी बिजली काट दी जाती है या फिर दूसरा साप्ताहिक हाट बाजार में जाने से रोकते है। इनका यह भी कहना है कि राजनैतिक संरक्षण प्राप्त यह लोग व्यापारियों से कहते हैं कि जब तक हम हैं तब तक भेल प्रशासन तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

मामला अड़तियों का
भेल में अड़तियों का खेल भी अजीबो-गरीब है। शुरू से ही हबीबगंज साप्ताहिक हाट बाजार में सब्जी नीलामी का 14 अड़तियें देखते थे। हाल ही भेल नगर प्रशासन ने पहली बार इस काम के टेन्डर जारी कर दिये। 18 नये अड़तियों के टेन्डर खुल गये है भेल की शर्तो के मुताबिक यह अड़तिये हबीबगंज की जगह गोविन्दपुरा हाट बाजार में सब्जी नीलामी का काम देखेंगे। अब चंद राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोग नये अड़तियों पर भी अड़ी डालने से बाज नहीं आ रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि इन अड़तियों से पांच-पांच सौ रूपये मांगे जा रहे हैं। गौरतलब है कि सब्जी नीलामी का काम रौजाना होता है।

इनका कहना है-
भेल उद्योग नगरी में काम करने वाले फुटकर व्यापारियों का ध्यान भेल प्रशासन को रखना चाहिए ताकि बिचौलियों से मुक्ति मिल सके।
अरूण नरवरिया, अध्यक्ष, भेल फुटकर हाथ ठेला महासंघ

भेल के बाजरों पर पूरी निगाह रखी जा रही है व्यापारियों को परेशान नहीं होने दिया जायेगा। अड़तियों का टेन्डर कर दिया गया है अन्य कामों को भी जल्द ही अंजाम दिया जायेगा।
अनंत टोप्पो, अपर महाप्रबंधक भेल टाउनशिप

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