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भेल कारखाने में क्रेडिट कार्ड का खेल

 भोपाल

भेल कारखाने में एक महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे हंै। मैं जो चाहूं जो भी करूं मेरी मर्जी की तर्ज पर वह आज भी काम कर रहे हैं। चर्चा है कि उन्होंने भेल कारखाने की सुरक्षा को ध्यान में न रखते हुए अपने एक चहेते बैंक को क्रेडिट कार्ड बनाने की अनुमति तक दे डाली। इसके चलते भेल कारखाने के प्रवेश द्वार पर के्रडिट कार्ड बनाने वालों को प्रवेश पत्र भी जारी करना शुरू कर दिये। साथ ही उन्हें कारखाने के भीतर मोबाइल प्रतिबंधित होने के बाद भी ले जाने की अनुमति दे डाली। इसकी खबर लगते ही एक यूनियन के नेता ने भेल के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत तक कर डाली, लेकिन पॉवरफुल महाप्रबध्ंाक साहब के खिलाफ प्रबंधन ने आज तक कोई कार्यवाही नहीं की। यहां तक कि भेल की विजिलेंस भी मौन साधे हुए हैं।

डायरेक्टर एचआर की कतार में

भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल)के डायरेक्टर एचआर पद पाने के लिए कंपनी के कई अधिकारी कतार में खड़े हैं। मजेदार बात यह है कि पिछले साल ही महाप्रबध्ंाक और फिर मानव संसाधन जैसे महत्वपूर्ण पद पाने में सफल हो गये अब इन्हें भी किस्मत से डायरेक्टर एचआर पद की शर्तो के मुताबिक पात्र होने के कारण इन्टरव्यू का मौका मिल गया। उन्होंने इस पद के लिए अप्लाई भी कर डाला। किस्मत उनका कितना साथ देती हैं यह तो साक्षात्कार के बाद पता चल पायेगा। इस बार इस पद के दावेदारों में भेल के ईडी अनिल कपूर, समीर मुखर्जी, एम ईसादोर, केपी श्रीवास्तव, टीएस मुरली और श्री आनंदा के नाम चर्चाओं में है। यूं तो अनिल कपूर और समीर मुखर्जी के नाम की अटकलें ज्यादा लगाई जा रही है फिर भी भोपाल यूनिट में पूरी जिन्दगी एचआर विभाग का काम संभालने वाले एम ईसादोर भी किसी से कम दिखाई नहीं देते। प्रशासनिक स्तर पर चर्चा है कि इन तीनों में से किसी एक के नाम पर मुहर लग सकती हैं।

अब लोक सभा की तैयारी

गोविन्दपुरा विधान सभा क्षेत्र में भले की चार दशक बाद भी कांग्रेस हार गई हो लेकिन यहां के नेताओं का जोश आज भी कम नहीं हुआ है। अब वह लोक सभा चुनाव की तैयारी में जुट गये हैं। कुछ ईमानदार कांग्रेसी यह कहने से गुरेज नहीं करते कि मिशन 2018 हारने के बाद जैसे ही लोक सभा उम्मीदवार के नाम की घोषणा होगी वैसे ही कांग्रेस में विधान सभा चुनाव की तरह इस चुनाव में गुटबाजी उभरकर सामने आयेगी। चर्चा है कि इस विधान सभा क्षेत्र में लगातार कांग्रेस प्रत्याशियों की हार के बाद भी यहां के कांंग्रेसी आज तक नहीं चेते बल्कि उन्हें प्रदेश कांग्रेस कमेटी में बड़े-बड़े पद देकर नवाजा गया। लगता है लोक सभा चुनाव में कुछ इसी तरह का नजारा देखने को मिलेगा। ऐसा भी नहीं कि इस बात से वरिष्ठ कांग्रेस नेता वाकिफ न हों।

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