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राहुल के प्लान पर अखिलेश- गठबंधन में BSP ही नहीं, कांग्रेस भी साथ

लखनऊ

लखनऊ में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्वी यूपी प्रभारी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को रोड शो कर ताकत का एसहास कराया। रोड शो के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी रणनीति सामने रखी तो सियासी खेमों में हड़कंप मच गया। राहुल गांधी के राजनीतिक दांव चलने के बाद एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव आनन-फानन में सामने आए और उन्होंने कहा कि गठबंधन में कांग्रेस पार्टी भी शामिल है।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, ‘यह गठबंधन बीएसपी से तो है, वहीं आपकी और जानकारी होगी कि कांग्रेस पार्टी भी शामिल है, आरएलडी को भी तीन सीटें दी गई हैं, वह भी शामिल हैं। और निषाद पार्टी को भी क्योंकि पहले हम चुनाव उनके साथ लड़े हैं। इतना ही नहीं, अन्य छोटे दलों को लेकर अखिलेश यादव ने कहा, ‘आने वाले समय में कुछ लोकसभा में हमारे साथ रहेंगे और कुछ विधानसभा में भी हमारे साथ रहेंगे।’

जानिए, ‘मिशन यूपी’ के बारे में क्या बोले राहुल गांधी
बता दें कांग्रेस चीफ राहुल ने रोड शो के दौरान कहा, ‘इस देश का अगर कोई दिल है तो वह उत्तर प्रदेश है। मैंने प्रियंका और सिंधियाजी को यहां का जनरल सेक्रटरी बनाया है। मैंने उनको (प्रियंका गांधी वाड्रा और ज्योतिरादित्य सिंधिया) कहा है कि उत्तर प्रदेश में जो सालों से अन्याय हो रहा है, उसके खिलाफ इन दोनों को लड़ना है और यूपी में न्यायवाली सरकार लानी है। इनका लक्ष्य लोकसभा में जरूर है पर इनका लक्ष्य 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सरकार बनाने का है। हम यहां फ्रंट फुट पर खेलेंगे, बैक फुट पर नहीं खेलने वाले हैं। जब तक यहां कांग्रेस की विचारधारा वाली सरकार नहीं बनेगी तब तक मैं, प्रियंका और सिंधियाजी चैन से बैठने वाले नहीं हैं।’

गठबंधन में कांग्रेस तो सहयोगी बीएसपी क्यों करती है अटैक?
राहुल गांधी के इस बयान का असर सबसे ज्यादा समाजवादी पार्टी (एसपी) और बहुजन समाज पार्टी खेमे में देखा गया। उसकी वजह है लोकसभा चुनाव 2019 में एसपी-बीएसपी के गठबंधन से कांग्रेस को दूर रखते हुए दो सीटों (रायबरेली-अमेठी) पर प्रत्याशी न उतारने का समझौता। भले ही अखिलेश यादव लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर यूपी में हुए एसपी-बीएसपी के गठबंधन में कांग्रेस के शामिल होने का अब दावा करने लगे हैं, लेकिन मायावती लगातार कांग्रेस पर हमलावर हैं। पिछले दिनों मायावती ने कहा था, ‘कांग्रेस पार्टी की पूर्ववर्ती सरकारों का रेकॉर्ड और खासकर इंदिरा गांधी की सरकार के बहुचर्चित गरीबी हटाओ के नारे व घोषणा के परिणाम जनता के सामने हैं। कांग्रेस और बीजेपी इन दोनों ही पार्टियों द्वारा किसानों की दुर्दशा को समाप्त करने को लेकर किया गया वादा हवा-हवाई और छलावा ही साबित हुआ है।’

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