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3 करोड़ के बीमा रकम के लिए जला दिए दो दोस्त

फरीदाबाद

मिन्डकोला गांव के 4 लोगों के रहस्यमयी हालात में लापता होने का मामला उत्तरप्रदेश पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में मिले दो शवों की पहचान भी हो गई है। दोनों शव मिन्डकोला गांव के लेखन व कुंवरपाल के हैं। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपित लालाराम को पकड़ लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। वहीं, रोहताश अभी फरार है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह सब हत्याकांड 3 करोड़ से ज्यादा की बीमा राशि हड़पने के इरादे से फिल्मी अंदाज में किया गया।

पुलिस के अनुसार, 6 फरवरी की रात इस घटना को अंजाम दिया गया है। 7 फरवरी की सुबह बरसाना छाता रोड पर ईको गाड़ी में दो शव जले हुए मिले थे। पहले तो उत्तरप्रदेश पुलिस इसे दुर्घटना मान रही थी। लेकिन लालाराम और रोहताश के बारे में जानकारी जुटाई तो पूरा मामला सामने आ गया। घटनाक्रम के मुताबिक, 6 फरवरी बुधवार को हथीन थाने के गांव मिन्डकोला निवासी लालाराम व रोहताश ईको कार लेकर घर से निकले थे। इनके साथ गांव के ही लेखन और कुंवरपाल भी थे। जब लालाराम और रोहताश घर नहीं पहुंचे तो लालाराम के बड़े भाई चिरंजीलाल ने हथीन थाना में गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कराया।

उधर, बरसाना छाता रोड पर कार में मिले कंकालनुमा दोनों शवों की पहचान नहीं हो पाई। उत्तरप्रदेश प्रदेश पुलिस उनकी डीएनए जांच करने के ही प्रक्रिया में ही थी कि रविवार को उनकी गिरफ्त में लालाराम आ गया। पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस के आधार पर लालाराम को गिरफ्तार कर लिया। लालाराम से सख्ती से पूछताछ की गई तो सब राज खुल गया। हत्याकांड में एक अन्य आरोपी गौढोता का बताया गया है। जिसका नाम पुलिस को पता चल गया है। उसे और रोहताश को अरेस्ट करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। मृतक लेखन के भाई अजीत ने बरसाना थाना में हत्या का मुकदमा दर्ज करने की तहरीर दे दी है।

गाड़ी में सीएनजी लीक कर लगा दी आग
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि लालाराम और रोहताश ने हाल ही में 3 करोड़ 20 लाख रुपये का बीमा कराया था। इस मामले में पुलिस ने एक बीमा एजेंट को भी हिरासत में लिया और पूछताछ की, जिसमें बीमा प्रक्रिया के मामले में सारा रहस्य खोल दिया। वारदात से पहले दोनों ने उन दोनों को खूब शराब पिलाई। शराब में नींद की गोलियां भी डाली गई थी। नशे में धुत्त लेखन और कुंवरपाल को ईको में बैठा दिया। इसके बाद गाड़ी में सीएनजी लीक करके आग लगा दी गई।

पुलिस ने दिखाई लापरवाही
मृतक लेखन के भाई अजीत ने बताया कि इस मामले में हथीन पुलिस का रवैया लापरवाही पूर्ण बना हुआ है। उन्होंने अपने भाई के मामले में प्रार्थना पत्र दिया लेकिन आज तक केस दर्ज नहीं किया गया। मृतक कुंवरपाल की पत्नी का पहले ही निधन हो गया था और उसके दो लड़के हेमन्त और पुनीत हैं, जिनकी उम्र 9 और 12 साल है। वहीं, लेखन के 3 बच्चे हैं, दो लड़के व एक लड़की। उसकी पत्नी मेमवती की शादी उसके बड़े भाई महेंद्र के साथ हुई थी। महेंद्र की मौत होने के साथ लेखन के साथ उसका विवाह कर दिया गया। इस तरह वह दूसरी बार विधवा हुई है।

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