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25 से पहले साफ होगी बिहार में महागठबंधन की तस्वीर

नई दिल्ली

आम चुनाव के करीब आने के साथ ही गठबंधन को अंतिम रूप देने में तेजी आने लगी है। बिहार की 40 लोकसभा सीटों के लिए 25 फरवरी से पहले महागठबंधन के समझौते को अंतिम रूप दिये जाने की उम्मीद है। सूत्रों का कहना है कि अगले दो दिनों में गठबंधन के सभी सीनियर नेता आपस में बात कर इसे अंतिम रूप देंगे।

कांग्रेस नेताओं के अनुसार, लगभग चार-पांच सीटों के अलावा कुछ नेताओं को लेकर अब भी मतभेद हैं। मतभेद खत्म करने के बाद सीटों का एलान किया जाएगा। हालांकि इन सीटों पर टिकट का बंटवारा कब हो, इसका ऐलान एनडीए के टिकट बंटवारे के बाद होगा। महागठबंधन में कांग्रेस, आरजेडी के अलावा उपेंद्र कुशवाहा, जीतन राम मांझी और मुकश सहनी की पार्टी भी शामिल है।

अभी तक लेफ्ट को इसमें जगह नहीं दी गई है। हालांकि सीपीआई ने इस गठबंधन में जगह पाने के लिए आरजेडी के शीर्ष नेताओं से बात की थी। खासकर कन्हैया कुमार को बेगुसराय से सीट दिलवाने के लिए डी राजा ने रांची जाकर लालू प्रसाद यादव से भी आग्रह किया था।

कांग्रेस की तरफ से सीनियर नेता अहमद पटेल गठबंधन से जुड़ी चीजो को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। तेजस्वी यादव और राहुल गांधी की भी मुलाकात अगले दो दिनों में हो सकती है, जिसके बाद तस्वीर साफ हो जाएगी। सूत्रों के अनुसार आरजेडी लगभग 20 सीटों पर और कांग्रेस 10 सीटों पर लड़ेगी जबकि बाकी सीटें छोटे सहयोगियों के लिए छोड़ी जाएंगी।

बिहार में साथ लेकिन बाकी जगह अलग लड़ेगी जेडीयू
वहीं बिहार में बीजेपी की सहयोगी जेडीयू ने राज्य के बाहर अलग से लड़ने की तैयारी की है। सूत्रों के अनुसार कहां-कहां और कितनी सीटों पर जेडीयू लड़ेगी इसपर रणनीति तय करने के लिए 4 मार्च को पटना में पार्टी ने अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग बुलाई है। दिलचस्प बात यह है कि 3 मार्च को पटना से ही पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार संयुक्त रूप से रैली कर एनडीए का चुनाव प्रचार अभियान शुरू करेंगे।

पार्टी के सीनियर नेता केसी त्यागी ने एनबीटी से कहा कि पार्टी नेता मिलकर तय करेंगे कि कहां और किस तरह चुनाव लड़ा जाना है। जब त्यागी से पूछा गया कि क्या वह बीजेपी के खिलाफ लड़ेंगे तो उन्होंने कहा कि उनका गठबंधन सिर्फ बिहार तक है। सूत्रों का कहना है कि जेडीयू असम में बीजेपी की सहयोगी रह चुकी असम गण परिषद के साथ चुनाव लड़ सकती है। जेडीयू ने नागरिकता कानून में बीजेपी की नीति के खिलाफ आक्रामक रूख अपनाया हुआ है। इसके अलावा झारखंड और बिहार से सटे उत्तर प्रदेश की सीटों पर जेडीयू अपने उम्मीदवार खड़े करेगी।

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