Tuesday , March 19 2019
Home / Featured / लोकसभा चुनाव 2019: संघ का स्वयंसेवकों को संदेश, ‘लगाओ ज्यादा जोर’

लोकसभा चुनाव 2019: संघ का स्वयंसेवकों को संदेश, ‘लगाओ ज्यादा जोर’

नई दिल्ली

लोकसभा चुनाव के लिए दंगल शुरू होने के साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तरफ से भी अपने स्वयंसेवकों को संदेश दिया गया है कि इस बार ‘अपनी विचारधारा के अनुकूल’ सरकार लाने के लिए ज्यादा जोर लगाना होगा। संघ के लोग मतदाता जागरण के जरिए 100 फीसदी मतदान की कोशिश के साथ ही देशहित में ‘सही सरकार’ चुनने के लिए भी लोगों से कहेंगे। पिछले हफ्ते ग्वालियर में हुई संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के जरिए भी यह संदेश दिया गया।

संघ के एक नेता ने माना कि इस बार ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है। हम स्वयंसेवकों को भी यही बता रहे हैं। स्वयंसेवक लोगों के बीच जाकर 100 फीसदी मतदान की बात जाहिर तौर पर बोलते हैं। मतदान का प्रतिशत बढ़ाने की कोशिश में ही स्वयंसेवक काम करते हैं। ग्वालियर में समापन भाषण में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी यही कहा। हालांकि संघ के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने यह भी कहा कि लोगों को मालूम है कि देशहित में क्या करना है। उनका इशारा साफ था।

संघ के एक दूसरे नेता ने कहा कि इस बार चुनौतियां ज्यादा हैं। क्या चुनौतियां हैं, यह पूछने पर उन्होंने कहा कि इस बार सब ज्यादा शक्ति से लगेंगे क्योंकि इस बार ‘राष्ट्रविरोधी शक्तियां’ भी लगी हुई हैं। उन्होंने कहा कि 2014 के चुनाव में अनुकूलता (बीजेपी के पक्ष में) थी और माहौल पूरी तरह समर्थन का था। अब लोगों में राजी-नाराजगी सब है। ये सब जगह है, स्वयंसेवकों में भी है। इसलिए राष्ट्रविरोधी ताकतों को रोकने के लिए ज्यादा जोर लगाना होगा। कौन हैं राष्ट्रविरोधी ताकतें, यह पूछने पर संघ के नेता ने कहा कि संघ जिन्हें राष्ट्रविरोधी शक्तियां मानता है वह देश के अंदर भी हैं और बाहर भी। वे ताकतें नहीं चाहती कि संघ और संघ की राष्ट्रवादी विचारधारा देश में लंबे समय तक कायम रहे, इसलिए वह उस विचारधारा को परास्त करने के लिए तरह तरह के गठजोड़ कर रहे हैं।

संघ के लोग किस तरह मतदाताओं तक पहुंचेंगे यह पूछने पर संघ के एक नेता ने बताया कि संघ का सांगठनिक ढांचा सब जगह है। बूथ के हिसाब से स्वयंसेवकों की टोलियां बनेंगी और वह डोर-टू-डोर जाकर जागरण पत्र बांटेंगे। वह किसी पार्टी का नाम नहीं लेंगे, लेकिन राष्ट्रीय कर्तव्यों का बोध कराएंगे। मतदान अहम दायित्व है यह बताएंगे, साथ ही देशहित में सोचकर मतदान करने को कहेंगे। उन्होंने कहा कि स्वाभाविक है कि जब संघ के लोग जाएंगे तो लोगों को पता ही होगा कि वह जिस विचारधारा की बात कर रहे हैं, उस विचारधारा के साथ कौन सी पार्टी है। उन्होंने कहा कि जिन जगहों पर पहले चरण में मतदान होना है वहां टोलियां बनाने का काम शुरू कर दिया गया है और जल्द ही स्वयंसेवक डोर-टू-डोर जाना शुरू कर देंगे।

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

भारत से ही हो सकता है मेरा उत्तराधिकारी: दलाई लामा

धर्मशाला तिब्बती बौद्ध धर्मगुरू दलाई लामा का कहना है कि उनका उत्तराधिकारी भारत से हो …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)