Sunday , May 19 2019
Home / Featured / MP: 13 साल बाद शिव ‘राज’ का टूटा वनवास

MP: 13 साल बाद शिव ‘राज’ का टूटा वनवास

भोपाल

बीजेपी के शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए जिस शहर में 13 सालों में नहीं गए वहां गुरुवार को पहुंचकर उन्होंने लोगों से मुलाकात की। यह शहर है- अशोकनगर। 13 साल के शासनकाल में शिवराज का इस शहर में कोई दौरा नहीं हुआ, यहां तक कि चुनाव प्रचार के लिए भी वह यहां नहीं आए। इसके पीछे वजह कभी स्पष्ट नहीं की गई लेकिन ऐसा अंधविश्वास है कि जो इस शहर में सीएम के रूप में दौरा करता है वह अगली बार चुनाव हार जाता है।

इस ‘मनहूस’ माने वाले शहर में गुरुवार को शिवराज सिंह चौहान विजय संकल्प यात्रा के लिए पहुंचे। उन्होंने वहां विधानसभा चुनाव में मिली हार के लिए लोगों से पूछा, ‘हमसे क्या भूल हुई जो ये सजा हमको मिली?’ इससे पहले 2003 में विदिशा से सांसद रहते हुए शिवराज यहां पहुंचे थे। गुरुवार को पूर्व सीएम ने अपने भाषण की शुरुआत में अशोकनगर की जनता से माफी मांगते हुए कहा, ‘देर आए, दुरुस्त आए।’

बताते हैं कि शिवराज सिंह चौहान ने शहर में विकास परियोजनाओं के शिलान्यास तक के लिए कदम नहीं रखा था। सीएम रहते हुए एक बार जब ऐसा मौका आया तो उन्होंने शहर की सीमा के बाहरी हिस्से में ही शिलान्यास किया था। पिछले साल जून में उन्होंने यहां के अपनी सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए। इसमें नया कलेक्टर ऑफिस और 200 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास भी शामिल था।

13 साल में कभी अशोकनगर न आने की जब शिवराज से वजह पूछी गई तो उन्होंने कहा, ‘मैंने भले ही अशोकनगर शहर का दौरा न किया हो लेकिन मैं जिले में अक्सर आता रहता था। यहां के लोगों ने मुझे समर्थन दिया और मेरा दिल अशोकनगर के लिए ही धड़कता है।’ बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि यहां अंधविश्वास गहरा है। उन्होंने बताया, ‘पहले के कई मुख्यमंत्री जैसे कांग्रेस के श्याम चरण शुक्ला, पीसी सेठी, अर्जुन सिंह और मोतीलाल वोरा और बीजेपी के सुंदरलाल पटवा अशोकनगर का दौरा करने के बाद कभी दोबारा सत्ता में नहीं लौटे।’

उन्होंने दावा किया, ‘अशोकनगर के एक पुजारी ने शिवराज सिंह चौहान को इस अंधविश्वास के बारे में बताया था।’ पूर्व सीएम ने कहा कि उन्होंने यहां की जनता के लिए वह सब कुछ किया जो किया जा सकता था। उन्होंने कहा, ‘फिर भी हम सरकार नहीं बना पाए और दो से तीन सीटों से रह गए।’

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

क्या PM मोदी से अब भी रूठे हैं भाजपा की धरोहर मुरली मनोहर?

नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से क्या बीजेपी के संस्थापक सदस्य और पूर्व अध्यक्ष मुरली …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)