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वंदे भारत एक्सप्रेस पर फिर पत्थरबाजी, 10 खिड़कियों के शीशे टूटे

नई दिल्ली,

देश की सबसे तेज रफ्तार ट्रेन ‘ट्रेन 18’ यानी ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ एक बार फिर पत्थरबाजी का शिकार हुई है. इस बार हुई पत्थरबाजी में ट्रेन के 10 साइड विंडो टूट गए. यह घटना यूपी के बदायूं जिले के सिरसौल गांव में हुई है. मामले में 3 लोगों को हिरासत में ले लिया गया है. बता दें कि 24 फरवरी को भी इस ट्रेन पर पत्थरबाजी हुई, जिमसें कुछ कोचों के साइड विंडो और ड्राइवर स्क्रीन क्षतिग्रस्त हो गए थे.

उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि वंदे एक्सप्रेस ट्रेन पर रविवार को 2 बार पत्थर फेंके गए. रविवार सुबह जब पत्थरबाजी हुई तो उसमें 7 साइड विंडो ग्लास टूटे जबकि शाम को हुई पत्थरबाजी में 3 खिड़कियों के शीशे टूट गए. इस घटना में किसी यात्री या रेलवे कर्मचारी के घायल होने की सूचना नहीं है.

वहीं, डीआरएम इलाहाबाद की सूचना के अनुसार मामले में 3 लोगों को हिरासत में ले लिया गया है. बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ ट्रेन पथराव का शिकार हुई हो इससे पहले 2 फरवरी 2019 को ट्रायल के दौरान इस पर पत्थर फेंके गए थे. तब ट्रेन के एक साइड विंडो का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 फरवरी को ट्रेन-18 को देश को समर्पित किया था.

वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की खूबियां
वंदे भारत एक्सप्रेस भारत में ‘मेक इन इंडिया’ के तहत बनी सेमी बुलेट ट्रेन है. जोकि नई दिल्ली से वाराणसी के बीच चलती है. 16 डिब्बों की यह ट्रेन एयरो डायनामिक्स के हिसाब से डिजाइन की गई है. इसमें शीशे की बड़ी-बड़ी खिड़कियां है. पूरी ट्रेन में ऑटोमेटिक दरवाजे लगे हैं. इस ट्रेन में दिव्यांगों के लिए खास तरीके के टॉयलेट हैं. इसके अंदर की कुर्सियां खास तरीके से डिजाइन की गई हैं, जिससे इनको जिस डायरेक्शन में ट्रेन जा रही होती है उस डायरेक्शन की तरफ मोड़ा जा सकता है. पूरी ट्रेन में एलईडी लाइटिंग है.

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