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सरकार के खिलाफ IAS खेमका की बड़ी जीत

चंडीगढ़

हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अशोक खेमका को बड़ी राहत देते हुए पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार को आदेश दिया कि वह खेमका की एसीआर में से नकारात्मक टिप्पणी को तुरंत हटाए। यह आदेश हाई कोर्ट ने खेमका की ही याचिका पर सुनवाई के बाद दिया है। गौरतलब है कि अशोक खेमका की अप्रेजल रिपोर्ट में उनके नंबर काटकर नकारात्मक टिप्पणी की गई थी

बेंच ने खेमका की याचिका पर अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि खेमका जैसे ईमानदार अधिकारियों को सरंक्षण दिया जाना बेहद ही जरुरी है। मुख्यमंत्री ने भी उनकी एसीआर में अंक कम करते हुए यह स्वीकार किया है कि खेमका एक ईमानदार और सत्यनिष्ठ अधिकारी हैं, जो ईमानदारी के लिए देशभर में जाने जाते हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि जब हमारी राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासकीय व्यवस्था में बड़ी तेजी से ईमानदारी और सत्यनिष्ठा का पतन होता जा रहा है, ऐसे माहौल में ईमानदार अधिकारियों को संरक्षण दिया जाना बेहद जरुरी है।

सीएम मनोहर लाल खट्टर ने किए थे निगेटिव कॉमेंट
आपको बता दें कि खेमका ने हरियाणा के मुख्यमंत्री द्वारा उनके एसीआर में नंबर कम करके नकारात्मक टिप्पणी करने को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। इससे पहले खेमका ने कैट में गुहार लगाई थी लेकिन कैट ने खेमका की याचिका खारिज कर दी थी। उसके बाद खेमका ने कैट के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस बार मामला उनकी 2016-17 की वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (एसीआर) से जुड़ा है। एसीआर में सीएम मनोहर लाल ने खेमका के अंक घटाते हुए प्रतिकूल टिप्पणी की थी। इससे पदोन्नति रुकने का खतरा देख खेमका ने कैट (केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण) में अर्जी लगाई लेकिन वहां से कोई राहत नहीं मिली।

1991 बैच के आईएएस अशोक खेमका ने 7 जून 2017 को वर्ष 2016-17 के लिए अप्रेजल भरा था। इसमें मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने उन्हें 10 में से 8.22 नंबर दिए। 27 जून को खेल एवं युवा मामलों के मंत्री अनिल विज ने उन्हें 10 में से 9.92 अंक देते हुए टिप्पणी की है, ‘कैबिनेट मंत्री के रूप में मैंने तीन साल में 20 से अधिक आईएएस अफसरों के साथ काम किया लेकिन कोई भी अधिकारी खेमका के करीब नहीं था। खेमका की योग्यता, सच्चाई, ईमानदारी का कोई सानी नहीं।’ 31 दिसंबर 2017 को खेमका की अप्रेजल रिपोर्ट सीएम मनोहर लाल के पास पहुंची। सीएम ने खेमका के नंबर काट दिए और 10 में से 9 अंक दिए। साथ ही लिखा कि खेमका पर अनिल विज की रिपोर्ट में थोड़ा बढ़ा-चढ़ाकर वर्णन किया गया है।

नंबर कम होने से प्रमोशन पर हो सकता है असर
दरअसल, एसीआर में 10 में से 9 अंक होने के बावजूद सीएम की टिप्पणी से खेमका की केंद्र में अतिरिक्त सचिव के रूप में पदोन्नति प्रभावित हो सकती है। एक बैच से केवल 20 फीसदी आईएएस अफसरों को ही उच्च स्तर के लिए प्रमोट किया जाता है। मुख्यमंत्री की टिप्पणी खेमका के खिलाफ काम कर सकती है।

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