Tuesday , July 16 2019
Home / Featured / पैंट-पायजामा पहनना भी नहीं सीखे थे मोदी, तब नेहरू-इंदिरा ने बनाई फौज: कमलनाथ

पैंट-पायजामा पहनना भी नहीं सीखे थे मोदी, तब नेहरू-इंदिरा ने बनाई फौज: कमलनाथ

मध्य प्रदेश,

लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उस दावे पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हमला किया है, जिसमें पार्टी यह दावा करती है कि देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में सुरक्षित है. सीएम कमलनाथ ने पीएम मोदी पर रविवार को निशाना साधते हुए कहा कि जब उन्होंने (मोदी) पायजामा-पैंट पहनना सीखा नहीं था, तब पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी ने इस देश की फौज, एयरफोर्स और नेवी बनाई थी.

सीएम कमलनाथ ने यहां के खंडवा जिले के हरसूद में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि मोदीजी आप देश की सुरक्षा की बात करते हैं. क्या 5 साल पहले (मोदी के प्रधानमंत्री बनने से पहले) देश सुरक्षित हाथों में नहीं था?’ उन्होंने आगे कहा, ‘मोदी जी जब आपने पायजामा और पैंट पहनना सीखा नहीं था, तब जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी ने इस देश की फौज बनाई थी, एयरफोर्स बनाई थी, नेवी बनाई थी. और आप कहते हो देश आपके हाथ में सुरक्षित है.’

BJP सरकार में सबसे ज्यादा हमले
बीजेपी पर निशाना साधते हुए कमलनाथ ने कहा, ‘सबसे ज्यादा आतंकवादी हमले किसकी सरकार में हुए? किसके कार्यकाल में हुए? किसकी सरकार थी दिल्ली में जब संसद पर आतंकी हमला हुआ? बीजेपी की सरकार थी और आंकड़े बताते हैं कि सबसे ज्यादा आतंकी हमले जब बीजेपी की सरकार रहती है, तब होते हैं.’

GST ने व्यापारियों की कमर तोड़ी
उन्होंने कहा कि मोदी जी कहते थे कि करोड़ों युवाओं को रोजगार देंगे. कितने युवाओं को रोजगार मिला है? आज भी युवा रोजगार के लिए भटक रहा है. मोदीजी कहते थे अच्छे दिन आएंगे. किसके अच्छे दिन आए? मोदी जी कहते थे काला धन आएगा. क्या काला धन आया? कमलनाथ ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार द्वारा की गई नोटबंदी ने छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ दी.

पिता-पुत्र दोनों चुनावी मैदान में
बता दें कि मुख्यमंत्री कमलनाथ छिंदवाड़ा विधानसभा और उनके पुत्र नकुलनाथ छिंदवाड़ा संसदीय सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में हैं. मध्य प्रदेश की राजनीति में यह पहला उदाहरण है जब पिता और पुत्र एक ही जिले से एक ही दल से लोकसभा और विधानसभा का चुनाव लड़ने जा रहे हैं. कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद छिंदवाड़ा से निर्वाचित विधायक दीपक सक्सेना ने कमलनाथ के लिए विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. अब छिंदवाड़ा विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव होने जा रहा है. कमलनाथ इससे पहले 9 बार छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित हो चुके हैं. 17 दिसंबर 2018 को कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और उस तारीख से 6 माह की अवधि के भीतर उन्हें विधायक निर्वाचित होना आवश्यक है.

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के लिए चौथे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होने वाला है जबकि मध्य प्रदेश के लिए यह पहला चरण होगा. इस दिन मध्य प्रदेश की 6 लोकसभा सीटों सीधी, शहडोल, जबलपुर, मण्डला, बालाघाट और छिंदवाड़ा में वोटिंग होगी.

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

सामूहिक नकल: 959 छात्रों ने लिख डाला एक जैसा गलत जवाब

अहमदाबाद गुजरात सेकंडरी ऐंड हायर सेकंडरी एजुकेशन बोर्ड (GSHSEB) के अधिकारी उस वक्त हैरान रह …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)