Wednesday , October 23 2019
Home / Featured / सीरियल ब्लास्ट: गम और खौफ में श्री लंका, आज रात से इमर्जेंसी

सीरियल ब्लास्ट: गम और खौफ में श्री लंका, आज रात से इमर्जेंसी

कोलंबो

8 बम धमाके और करीब 290 लोगों की मौत। रविवार सुबह हुए सीरियल ब्लास्ट के बाद पड़ोसी मुल्क श्रीलंका गम और खौफ में डूबा है। राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना ने आज आधी रात से देश में आपातकाल लागू करने का ऐलान किया है। इस बीच श्रीलंकाई सरकार ने पहली बार इन हमलों के लिए जिम्मेदार संगठन का नाम लिया है। सरकार के प्रवक्ता राजीथा सेनारत्ने ने सीरियल ब्लास्ट के लिए स्थानीय इस्लामी चरमपंथी संगठन नैशनल तौहीद जमात (NTJ) को जिम्मेदार ठहराया है।

विस्फोटों की जांच के लिए कमिटी
श्रीलंका की नैशनल सिक्यॉरिटी काउंसिल की ओर से सोमवार को देश में आधी रात से आपातकाल लगाने की सिफारिश की गई। विस्फोटों के मद्देनजर देश में फिर से कर्फ्यू भी लगाया जाएगा। यह सोमवार रात आठ बजे से लेकर मंगलवार तड़के चार बजे तक लगा रहेगा। राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना ने विस्फोटों की जांच के लिए एक तीन सदस्यीय समिति नियुक्त की है। समाचार पत्र डेली मिरर के अनुसार, समिति में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश विजित माललगोडा शामिल हैं। राष्ट्रपति ने समिति को विस्फोटों से संबंधित सभी मामलों की जांच करने, इसकी पृष्ठभूमि और अन्य तथ्यों की जांच करने के और दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

मरनेवालों में करीब 35 विदेशी नागरिक
सीरियल ब्लास्ट में मरने वाले लोगों का आंकड़ा 290 तक पहुंच गया है। इसमें चार जनता दल सेक्युलर (JDS) के कार्यकर्ताओं समेत सात भारतीय भी शामिल हैं। जेडीएस नेता किसी कार्यक्रम में हिस्सा लेने श्रीलंका गए थे और वहां होटल में ठहरे हुए थे। बड़ी तादाद में लोगों के गंभीर रूप से घायल होने के कारण मरनेवाले लोगों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

आतंकियों को बाहर से मिली मदद?
श्रीलंका पुलिस इस हमले की कड़ियों को जोड़ने में लगी है। अब तक करीब 24 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। श्रीलंका सरकार में मंत्री सेनारत्ने के मुताबिक इस बात की जांच की जा रही है कि क्या इस संगठन को बाहर से मदद मिल रही थी।

आखिर भगवान कहां है?
ब्लास्ट के बाद चर्च में जहां-तहां बिखरी लाशें और मांस को लोथड़े। श्रीलंका में जिसने भी यह मंजर देखा, वह सदमे में है। लोगों की जुबां पर सवाल है-आखिर भगवान कहां है? ईस्टर के मौके पर जब हजारों लोग प्रार्थना के लिए चर्च पहुंचे थे, उस समय हमलावरों ने चर्च और होटलों को निशाना बनाया था। सुरक्षाबलों को सर्च ऑपरेशन के दौरान दो जिंदा बम और मिल चुके हैं। इन्हें बाद में डिफ्यूज कर दिया गया।

‘मैं 8 बच्चों को लेकर हॉस्पिटल गया’
हमले में घायल हुए शांता प्रसाद घायल बच्चों को कोलंबो के हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। इस हमले के बाद उनके जेहन में सिविल वॉर की याद ताजा हो गई। उन्होंने न्यूज एजेंसी एएफपी से बातचीत में कहा, ‘मैं अपने साथ 8 घायल बच्चों को लेकर गया। इनमें 2 बच्चियां 6 और 8 साल की थीं। मेरी बेटियों की उम्र भी लगभग यही है। उनके कपड़े खून से लथपथ थे। एक दशक के बाद ऐसी हिंसा फिर से देखकर दिल दहल गया।’

अभी तक खौफ में है श्रीलंका
राजधानी कोलंबों में सड़क साफ करने वाले एक कर्मचारी ने कहा कि उनके लिए यह काम करना रविवार को काफी दुख पहुंचाने वाला था। अब हम लोगों को कोई भी काला प्लास्टिक बैग छूते हुए भी डर लग रहा है। बीता रविवार उन दिनों की याद दिलाता है, जब हम लोग बसों और ट्रेनों में जाने से भी डरते थे। श्रीलंका में सोमवार को स्कूल, कॉलेज और स्टॉक मार्केट तो बंद रहे, लेकिन कुछ दुकानें और पब्लिक ट्रांसपोर्ट खुल नजर आए।

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

कश्मीर पर बयान: मलयेशिया, तुर्की को बड़ा झटका देगा भारत!

नई दिल्ली कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान का साथ देने वाले तुर्की और मलयेशिया को …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)