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क्‍या भारत के लिए एयरस्पेस खोलेगा PAK? हर रोज करोड़ों का नुकसान

नई दिल्ली,

इस साल फरवरी में पुलवामा आतंकी हमले के बाद से ही भारत और पाकिस्‍तान के बीच तनाव बना हुआ है. यह तनाव तब और बढ़ गया जब भारतीय वायुसेना ने पाकिस्‍तान की सीमा में घुसकर एयरस्‍ट्राइक कर दी. इस हमले के बाद डर की वजह से पाकिस्‍तान ने अपने हवाई क्षेत्र को पूरी तरह से बंद कर दिया था.

हालांकि करीब एक महीने बाद 27 मार्च को दिल्ली, बैंकॉक और क्वालंमपुर को छोड़ कर अन्य जगहों के विमानों को आने की इजाजत दी थी. अब पूरी तरह से हवाई रास्‍ते को खोलने के मुद्दे पर पाकिस्तान सिविल एविएशन अथॉरिटी (CCA) और सभी मंत्रालयों की आज यानी 15 मई को साझा बैठक होने वाली है. इस बैठक में भारतीय फ्लाइट के लिए पाकिस्तानी एयर स्पेस के इस्तेमाल की इजाजत देने के मुद्दे पर विचार किया जाएगा.

भारतीय विमानों के लिए पाकिस्‍तान का वायुक्षेत्र बंद होने की वजह से भारतीय एयरलाइंस को काफी नुकसान हो रहा है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अब तक विमानन कंपनियों को 300 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा है.

पाकिस्तानी एयर स्पेस के बंद होने का प्रतिदिन 400 उड़ानों पर असर पड़ रहा है. वहीं इससे सबसे ज्‍यादा एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया प्रभावित है.ऐसा नहीं है कि सिर्फ भारत ही इसकी मार झेल रहा है. पाकिस्‍तान एयरलाइन को भी करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है. पाकिस्‍तान एयरलाइन अधिकारियों के मुताबिक बैंकाक और क्वालंमपुर जैसे इंटरनेशनल रुट के बंद होने से पाकिस्तान को नुकसान हो रहा है.

दरअसल, पाकिस्‍तान के एयरस्‍पेस बंद करने के फैसले से भारतीय एयरलाइन कंपनियों को दूसरे रास्‍ते अपनाने पड़ रहे हैं. पहले भारतीय विमान पाकिस्‍तान के एयर स्‍पेस का इस्‍तेमाल करते थे. इससे ईंधन और समय की बचत हुआ करती थी. खासतौर पर यूरोपीय देशों में जाने वाले विमानों के लिए यह मार्ग सबसे सही था. लेकिन अब वै‍कल्पिक मार्ग से जाना पड़ रहा है. इसकी वजह से ईंधन और समय दोनों ही अधिक लग रहा है.

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