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ममता का बड़ा आरोप: आयोग और कोर्ट भी हमारी नहीं सुनते, हम कहां जाएं

नई दिल्ली,

कोलकाता में मंगलवार को अमित शाह की रैली में हिंसा के बाद चुनाव आयोग ने कड़ा कदम उठाते हुए निर्देश दिया कि 16 मई को रात 10 बजे से लेकर 19 तारीख को मतदान निपटने तक दमदम, बारासात, बसीरहाट, जयनगर, मथुरापुरा, जाधवपुर, डायमंड हार्बर, दक्षिण और उत्तर कोलकाता संसदीय क्षेत्र में चुनाव प्रचार नहीं होगा. इसके साथ ही बंगाल के एडीजी (सीआईडी) राजीव कुमार को केंद्रीय गृह मंत्रालय में अटैच कर दिया गया. बंगाल के गृह सचिव को भी तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया गया है.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आयोग के इस फैसले की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर कहा कि ‘चुनाव आयोग ने नहीं बल्कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने गृह सचिव को हटाने का निर्देश दिया. चुनाव आयोग को कोलकाता की हिंसा के लिए अमित शाह के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी.’ ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि ‘हम कहां रह रहे हैं…कोई लोकतंत्र नहीं है…सुप्रीम कोर्ट भी सुन रहा..कई मुकदमे हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही. हमारे लोग कहां जाएं.’

ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘अमित शाह ने हिंसा कराई. ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़ी गई लेकिन नरेंद्र मोदी ने इसकी निंदा नहीं की. बंगाल के लोगों ने इसे काफी गंभीरता से लिया है. अमित शाह के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.’ उन्होंने कहा, ‘अमित शाह ने आज (बुधवार) प्रेस कॉन्फ्रेंस की और चुनाव आयोग को धमकी दी. क्या ये इसी का नतीजा (चुनाव आयोगी की कार्रवाई) है? बंगाल डरा नहीं है. बंगाल को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि मैं मोदी के खिलाफ बोलती हूं.’

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा, ‘चुनाव आयोग बीजेपी के इशारे पर काम कर रहा है. यह चौंकाने वाला फैसला है. कल की हिंसा अमित शाह के कारण फैली. चुनाव आयोग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस क्यों नहीं दिया और उन्हें बर्खास्त क्यों नहीं किया?’ ममता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आड़े हाथों लिया और कहा, ‘नरेंद्र मोदी आप अपनी पत्नी का ख्याल नहीं रख पाए, तो देश का क्या ख्याल रखेंगे.’

कोलकाता में मंगलवार को हुई हिंसा के बारे में उन्होंने कहा, ‘बाहर से गुंडे बुलाए गए. गेरुआ पहनकर उन्होंने हिंसा की. हिंसा ऐसी ही थी जैसी बाबरी मस्जिद तोड़ने के वक्त हुई थी.’ उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का फैसला अनुचित, असंवैधानिक और राजनीति से प्रेरित है. प्रधानमंत्री मोदी को कल दो रैलियां करने की इजाजत दे दी गई.

गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने बुधवार को पश्चिम बंगाल में 19 मई को होने वाले अंतिम चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार पर गुरुवार रात 10 बजे के बाद से रोक लगा दी है. चुनाव प्रचार को वास्तव में शुक्रवार शाम पांच बजे समाप्त होना था लेकिन राज्य में समय से पहले ही इस पर रोक लगा दी गई है. यह घोषणा बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के मंगलवार को रोडशो के दौरान हुई हिंसा के बाद लिया गया है.

उधर चुनाव प्रचार रोकने के फैसले को लेकर कांग्रेस ने सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गुरुवार को प्रस्तावित सभाओं के चलते ही तो चुनाव आयोग ने प्रचार पर यह पाबंदी नहीं लगाई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने ट्वीट कर कहा, ‘अगर बंगाल में स्थिति इतनी ही खराब है तो चुनाव प्रचार रोक दिया जाना चाहिए. चुनाव आयोग कल तक का इंतजार क्यों कर रहा है? क्या इसलिए ऐसा किया जा रहा है कि कल प्रधानमंत्री की रैलियां होनी हैं?’ उन्होंने पूछा, ‘क्या यह अप्रत्याशित नहीं है कि चुनाव आयोग यह दावा कर रहा है कि पश्चिम बंगाल में यह अप्रत्याशित परिस्थिति है लेकिन वह फिर भी प्रधानमंत्री की चुनावी सभाएं संपन्न होने की प्रतीक्षा कर रहा है?

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