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बेंगलुरु : दिव्यांगों को ‘गिफ्ट’, अब मदद करेगा ‘मेरा मित्र’

बेंगलुरु

कर्नाटक के बेंगलुरु के रहने वाले दो भाइयों ने भारत में दिव्यांगों के अधिकार संबंधी जानकारियों का एक चैटबोट तैयार किया है। मेरा मित्र नाम के इस चैटबोट को उन्होंने दिव्यांग लोगों का व्यक्तिगत साथी करार दिया है। इसमें उन्होंने भारत में दिव्यांग व्यक्तियों को मिले अधिकारों की जानकारी को प्रमुख रूप से शामिल किया है, जिसके बारे में बहुत से लोगों को सामान्य जानकारी भी नहीं है। फिलहाल, यह गूगल असिस्टैंट और फेसबुक मैसेंजर वाले डिवाइस में उपलब्ध है।

दिव्यांग अधिकारों के बारे में बताएगा चैटबोट
प्रतीक जिंदल और अंकित राजीव जिंदल नाम के दोनों भाई किसी जेनेटिक डिसऑर्डर की वजह से अपनी आंखों की रोशनी खो चुके हैं। अंकित जहां एक मल्टीनैशनल कंपनी में मार्केटिंग स्पेशलिस्ट के बतौर काम करते हैं वहीं प्रतीक एक तकनीकी दिग्गज के एचआर असिस्टैंट हैं। दोनों ने मिलकर दिव्यांगों की मदद के लिए फ्रेंड्स फॉर इन्क्लूजन नाम से एक सोशल स्टार्ट-अप भी शुरू किया था। दोनों भाई बताते हैं कि भारत में दिव्यांग अधिकारों को लेकर लोगों में सीमित जानकारी है। उन्हें ऐसा लगता है कि इस चैटबोट में शामिल की गई जानकारियां दिव्यांग सशक्तिकरण के लिए मील का पत्थर साबित होंगी।

खुद के अनुभव ने किया प्रेरित
प्रतीक और अंकित ने बताया कि एक दिव्यांग होने के नाते जो कुछ परेशानियां उन्होंने झेलीं, उसी ने उन्हें यह चैटबोट बनाने के लिए प्रेरित किया है। इसके लिए उन्होंने दिव्यांग अधिकारों पर कई वर्कशॉप्स में हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि उनके लिए परेशान करने वाली बात यह थी कि वह इसे कितना याद रख पाएंगे। वे बताते हैं, ‘हमने महसूस किया कि तकनीकी प्रगति के इस दौर में भी दिव्यांगों के लिए जानकारी हासिल करने का कोई उपयुक्त मंच नहीं था। ऐसे में हम एक ऐसा ऐप लॉन्च करना चाहते थे जो इन्फॉर्मेटिव और इंटरैक्टिव हो।

इन सवालों के देगा जवाब
मेरा मित्र चैटबोट का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले अपने स्मार्टफोन पर गूगल असिस्टैंट खोलना होगा और सवाल पूछने से पहले ‘टाक टू मेरा मित्र’ बोलना होगा। दिव्यांग इस चैटबोट के माध्यम से दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के लिए निकटतम अस्पताल, उच्च शिक्षा में दिव्यांगों के लिए आरक्षण के बारे में, दिव्यांगों के साथ किए अपराध के लिए सजा के संबंध में और सरकारों द्वारा दिव्यांगों के लिए शुरू की गई वित्तीय योजनाओं की जानकारी तथा उसके इस्तेमाल के बारे में सवाल पूछ सकते हैं।

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