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अमेरिका ने चीन की दिग्गज कंपनी हुवावेई को डाला ब्लैक लिस्ट में

वॉशिंगटन

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी कंपनियों को विदेश में बने उन दूरसंचार उपकरणों का उपयोग करने से रोक दिया है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं. यह कदम चीन की दूरसंचार नेटवर्क और उपकरण कंपनी हुआवेइ को ध्यान में रख कर उठाया गया है और इससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों में कटुता और बढ़ने के आसार है.हुवावेई ने कदम को अनुचित और अपने अधिकारों का उल्लंघन बताया है.

राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बाबत बुधवार को एक आदेश पर हस्ताक्षर किए. इस आदेश में सीधे तौर पर किसी कंपनी या देश का नाम नहीं है लेकिन अधिकारी पहले कह चुके हैं कि हुवावेई सुरक्षा के लिहाज से खतरा है. अमेरिका ने अपने सहयोगी देशों को हुवावेई 5जी दूरसंचार टेक्नोलॉजी के लिए उपकरण नहीं खरीदने के लिए कहा है.

राष्ट्रपति का यह आदेश आने वाले दिनों में लागू हो जाएगा. इसके तहत हुवावेई को अमेरिकी टेक्नोलॉजी खरीदने के लिए अमेरिकी सरकार से लाइसेंस लेने की जरूरत होगी. अमेरिका के वाणिज्य विभाग के उद्योग और सुरक्षा ब्यूरो (बीआईएस) ने घोषणा की है कि वह हुवावेई टेक्नोलॉजीज कंपनी लिमिटेड और उससे संबद्ध कंपनियों को व्यापार के लिए प्रतिबंधित इकाइयों की सूची में डालेगा.

उद्योग और सुरक्षा ब्यूरो इस सूची में उन विदेशी पक्षों को रखता है जो राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति हितों के विरुद्ध गतिविधियों में शामिल हों. इनमें व्यक्ति , कंपनी , कारोबार , शोध संस्थान या सरकारी संगठन हो सकते हैं.

वाणिज्य विभाग का आरोप है कि हुवावेई की गतिविधियां अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा या विदेश नीति के हितों के खिलाफ है. इस सूची में शामिल कंपनी या व्यक्ति को अमेरिकी टेक्नोलॉजी की बिक्री या स्थानांतरण करने के लिए बीआईएस के लाइसेंस की जरूरत होती है. यदि बिक्री या स्थानांतरण अमेरिकी सुरक्षा या विदेश नीति को नुकसान पहुंचाने वाला हो तो लाइसेंस देने से मना किया जा सकता है.

वाणिज्य मंत्री विल्बर रॉस ने कहा, “अमेरिकी राष्ट्रपति के सहयोग से वाणिज्य विभाग के उद्योग और सुरक्षा ब्यूरो ने कार्रवाई करते हुए हुवावेई को ब्लैक लिस्ट वाली इकाइयों में डाला है.’हुवावेई दुनिया की सबसे बड़ी दूरसंचार उपकरण निर्माता कंपनी है. वाणिज्य विभाग का फैसला संघीय राज-पत्र में प्रकाशित होने के बाद लागू हो जाएगा.

रॉस ने कहा कि यह कदम विदेशी स्वामित्व वाली इकाइयों को अमेरिकी टेक्नोलॉजी का उन तरीकों से उपयोग करने से रोकेगा , जो अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा या विदेश नीति के हितों को संभावित रूप से कमजोर करते हैं. उन्होंने कहा कि ट्रंप के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है.हुवावेई ने ट्रंप सरकार की ओर से अमेरिकी कंपनियों को विदेशी दूरसंचार उपकरणों के इस्तेमाल से रोकने पर कहा कि अमेरिका का ‘ अनुचित प्रतिबंध ‘ उसके अधिकारों का उल्लंघन है.

कंपनी ने बयान में कहा , ” हुवावेई को अमेरिका में कारोबार करने से रोककर अमेरिका बहुत ज्यादा सुरक्षित या मजबूत नहीं होगा बल्कि , यह कदम अमेरिका के लिए नुकसानदेह होगा और उसे अधिक महंगे विकल्प अपनाने होंगे.”कंपनी ने कहा कि अमेरिका के अनुचित प्रतिबंध हुवावेई के अधिकारों में हस्ताक्षेप करेंगे और अन्य गंभीर कानून मुद्दे खड़े करेंगे.

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