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मध्य प्रदेश में हलचल: BJP का दावा- अल्पमत में कमलनाथ

भोपाल

लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजों के बाद केंद्र के साथ ही राज्यों में भी सियासी हलचल तेज हो गई है। मध्य प्रदेश में बीजेपी ने कमलनाथ सरकार के अल्पमत में चले जाने का दावा किया है। बीजेपी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को चिट्ठी लिखकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग करने जा रही है। दूसरी ओर कमलनाथ सरकार ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा कि उनकी सरकार मजबूत है।

मध्य प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने दावा किया, ‘कमलनाथ सरकार अपने आप गिर जाएगी। मैं खरीद-फरोख्त पर यकीन नहीं करता लेकिन इसका समय आ गया है और यह जल्द ही होगा। हम विधानसभा सत्र बुलाने के लिए गर्वनर को पत्र भेज रहे हैं।’

विशेष सत्र बुलाने पर भार्गव की दलील
बीजेपी नेता और विधानसभा में नेता विपक्ष गोपाल भार्गव ने हालांकि इस बात से इनकार किया कि उन्होंने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग कमलनाथ सरकार के शक्ति परीक्षण के लिए की है। भार्गव ने कहा, ‘6 महीने चुनाव को हो गए हैं। 11 दिसंबर को राज्य में विधानसभा चुनाव हुआ था। राज्य में लोग कमलनाथ सरकार खुश नहीं हैं। चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजे भी साफ बता रहे हैं कि कांग्रेस के पास अब जनमत नहीं है। इस पर विधानसभा पर चर्चा होनी चाहिए। यह संभव है कि सत्र के दौरान स्पीकर से शक्ति परीक्षण की मांग की जाए।’

बीजेपी को कांग्रेस का जवाब
वहीं प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने बीजेपी को जवाब देते हुए कहा, ‘सरकार, मजबूत है, बीजेपी दिन में सपने देखा बंद करे।’ कांग्रेस नेता मुकेश नायक ने कहा, ‘जो संसदीय नियम और प्रक्रिया है, उसके मुताबिक विधानसभा का विशेष सत्र तभी बुलाया जा सकता है जब एक निश्चित अनुपात में विधायक यह मांग रखें या फिर मुख्यमंत्री सत्र आहूत करें।’

इससे पहले बीजेपी महासच‍िव और पश्च‍िम बंगाल के प्रभारी कैलाश व‍िजयवर्गीय से जब एक पत्रकार ने पूछा था क‍ि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ, लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की 22 सीटें जीतने का दावा कर रहे हैं. तब जवाब में व‍िजयवर्गीय ने कहा था क‍ि लोकसभा चुनाव के र‍िजल्ट के बाद इस बात में भी संशय है क‍ि वे 22 द‍िन भी मुख्यमंत्री रहते है या नहीं.

लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की व‍िद‍िशा में हुई रैली में उमा भारती के निशाने पर राज्य की कमलनाथ सरकार भी रही थी. उमा ने कहा था कि प्रदेश सरकार को बीजेपी नहीं बल्कि खुद कांग्रेस के लोग ही गिरा देंगे. कांग्रेस के कई व‍िधायक बीजेपी के संपर्क में हैं.

पूर्व मुख्यमंत्री श‍िवराज स‍िंह चौहान ने भी संकेतों में इशारा क‍िया था क‍ि बीजेपी का ऐसा कोई इरादा नहीं है कि वह कमलनाथ सरकार को गिराए. हालांकि, बीजेपी की चंद सीटें ही कम थीं लेकिन सोच समझकर ही पार्टी ने तय किया कि वह राज्य में सरकार नहीं बनाएगी. उनकी सहयोगी मायावती भी नाराज हैं. ऐसे में अगर यह सरकार अपने बोझ से गिरती है तो उसमें बीजेपी कुछ नहीं कर सकती.

इससे पहले बीएसपी विधायक रमाबाई ने भी कहा था क‍ि मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और वो सरकार हमारी सम्मानीय, आदरणीय बहनजी के सहयोग से बनी. ऐसे मौके पर आप लोगों ने मंत्री नहीं बनाया तो कब बनाएंगे. हम नहीं चाहते कि कर्नाटक जैसी स्थिति मध्य प्रदेश में हो.

एमपी का सियासी गणित
साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने शिवराज सरकार को शिकस्त देकर सत्ता हासिल की थी। 230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस को 114, बीजेपी को 109, बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) को 2, समाजवादी पार्टी (एसपी) को एक और निर्दलियों को 4 सीटों पर जीत मिली थी। बीएसपी और अन्य निर्दलीय विधायकों ने कमलनाथ सरकार को समर्थन देने का ऐलान किया था।

बात करें लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजों की, तो मध्य प्रदेश में अधिकांश सीटें बीजेपी के खाते में जाने का अनुमान है। टाइम्स नाउ-वीएमआर के सर्वे की मानें तो कांग्रेस को पिछले बार के मुकाबले कुछ सीटें बढ़ सकती हैं। बीजेपी को भले ही पिछले चुनाव के मुकाबले कम सीटें मिलें, लेकिन फिर भी कांग्रेस के मुकाबले काफी ज्यादा सीटें मिलने का अनुमान है।

कांग्रेस को बढ़त, फिर भी पीछे
टाइम्स नाउ-वीएमआर के एग्जिट पोल की मानें तो यहां कांग्रेस को 2014 के मुकाबले चार गुना तक सीटें मिल सकती हैं, लेकिन फिर भी आंकड़ों के मामलें में यह बीजेपी से काफी पीछे है। एग्जिट पोल में बीजेपी को 24 सीटें मिलने का अनुमान है, वहीं 2014 में पार्टी को 27 सीटें मिली थीं। वहीं कांग्रेस को इस बार 5 सीटें मिल सकती हैं, जबकि 2014 में 2 सीटें मिली थी। वहीं सी-वोटर ने भी बीजेपी को 24 सीटों का अनुमान जताया है और कांग्रेस को 5 सीटें मिल सकती है।

घट सकता सकत है बीजेपी का वोट शेयर
एग्जिट पोल का अनुमान है कि बीजेपी के वोट शेयर 2014 के मुकाबले कम होगा। यहां बीजेपी को 2014 में 54 प्रतिशत वोट मिले थे, वहीं इस बार 48.7 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है। वहीं कांग्रेस को 2014 में 34.9 प्रतिशत वोट मिले थे, जबकि इस बार 41.2 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है।

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