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‘भगवा तूफान’ का खुद सामना करेंगी ममता बनर्जी, लेंगी कड़े फैसले

कोलकाता

लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में बीजेपी के ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद राज्‍य की मुख्‍यमंत्री बनर्जी ने भगवा तूफान का खुद ही सामना करने का फैसला किया है। अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस को इस गंभीर संकट से उबारने के लिए ममता बनर्जी कई कड़े फैसले लेने जा रही हैं। साथ ही ममता बनर्जी राजनीतिक और प्रशासनिक स्‍तर पर कई बड़े बदलाव करेंगी। इस संबंध में उन्‍होंने 31 मई को अंतिम समीक्षा बैठक बुलाई है।

शनिवार को ममता बनर्जी की बैठक में मौजूद टीएमसी के नेताओं के मुताबिक संगठन को मजबूत करने के लिए ममता कुछ कड़े फैसले कर सकती हैं। ममता आगे बढ़कर भगवा लहर का खुद सामना करेंगी। उन्‍होंने पार्टी को और ज्‍यादा समय देने का भी फैसला किया है। उन्‍होंने बताया कि टीएमसी के दो से तीन नेता ममता के रेडार पर हैं।

भीतरघातियों की तलाश जारी
बैठक के दौरान ममता ने कहा, ‘हमने दो-तीन ऐसे टीएमसी नेताओं की पहचान की है जिन्‍होंने बीजेपी से पैसा लिया और पार्टी के खिलाफ काम क‍िया है।’ अपने इस बयान के जरिए ममता ने यह संकेत दिया कि भीतरघातियों की तलाश जारी है और जल्‍द ही उनके खिलाफ वह ऐक्‍शन लेंगी। टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले नेताओं का नाम लिए बिना ममता ने कहा, ‘अब हमारे सामने समस्‍या है। जब हम भ्रष्‍ट नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करेंगे तो वे दूसरे दलों में जगह बना लेंगे। यह खतरनाक ट्रेंड है।’

ममता बनर्जी ने शनिवार की बैठक के बाद संगठन के अंदर बदलाव के निर्देश दिए हैं। ममता के भतीजे और टीएमसी एमपी अभिषेक बनर्जी को वोटर लिस्‍ट को अपडेट करने और पार्टी विधायकों के साथ समन्‍वय का जिम्‍मा दिया गया है। राज्‍य के शहरी विकास मंत्री फिरहद हकीम को हावड़ा, बीरभूम, हुगली और बर्दवान की जिम्‍मेदारी दी गई है। इसी तरह से कई अन्‍य बड़े नेताओं को नई जिम्‍मेदारी दी गई है।

ममता ने की थी इस्तीफे की पेशकश
बता दें कि शनिवार की बैठक के बाद ममता बनर्जी ने इस्तीफे की पेशकश की थी। इसके अलावा उन्होंने चुनाव आयोग, केंद्रीय सुरक्षा बल समेत केंद्र सरकार पर उनके खिलाफ काम करने का आरोप भी लगाया। इस मीटिंग के बाद ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने कहा कि मैंने मीटिंग की शुरुआत में ही कह दिया था कि मैं अब सीएम के तौर पर काम नहीं करना चाहती। टीएमसी नेताओं ने उनके इस्तीफे की इस पेशकश को नामंजूर कर दिया है।

ममता ने कहा, ‘केंद्रीय सुरक्षा बल ने मेरे खिलाफ काम किया। आपातकाल की सी स्थिति पैदा कर दी गई थी। हिंदू-मुस्लिम के नाम पर वोटों को बांटा गया। हमने चुनाव आयोग को शिकायत की, लेकिन उन्होंने भी कुछ नहीं किया।’ गौरतलब है क‍ि लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे आने के बाद पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की अगुआई वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को बड़ा झटका लगा है।

बंगाल में बीजेपी को 18 सीटें
बीजेपी ने राज्य में शानदार प्रदर्शन करते हुए 18 सीटें हासिल की हैं। वहीं टीएमसी अपने पिछले प्रदर्शन को नहीं दोहरा सकी है। टीएमसी ने 43.3 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 42 में से 22 लोकसभा सीटें जीतीं। इस बार के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 40.3 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 2 करोड़ 30 लाख 28 हजार 343 वोट हासिल हुए हैं। वहीं, टीएमसी को 43.3 फीसदी वोट शेयर के साथ 2 करोड़ 47 लाख 56 हजार 985 मत मिले हैं।

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