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आधी रात को इमरान ने दिया राष्ट्र के नाम संबोधन, किया ये बड़ा ऐलान

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंगलवार आधी रात को राष्ट्र के नाम संबोधन दिया. सरकार का पहला बजट पेश होने और कई प्रमुख राजनेताओं की गिरफ्तारियों के बीच इमरान खान ने देशवासियों को संबोधित किया.राष्ट्र के नाम इमरान का यह संबोधन रात के 9.15 बजे होना था लेकिन बाद में 10.30 बजे तक आगे बढ़ा दिया गया. हालांकि, इमरान खान ठीक आधी रात को ही अपना संबोधन दे पाए. राष्ट्र के नाम संबोधन में इमरान ने प्रतिज्ञा ली कि ‘देश को कर्ज में डुबोने वाले चोरों’ को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा.

एक तरफ इमरान खान की सरकार गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रही है, दूसरी तरफ कई राजनेताओं की गिरफ्तारियों से सियासी हंगामा भी मचा हुआ है. मंगलवार को विपक्षी दल के नेता हमजा शहबाज और MQM संस्थापक अल्ताफ हुसैन की गिरफ्तारी हुई. इससे पहले सोमवार को पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को भी गिरफ्तार किया गया था.

इन घटनाक्रमों के बीच इमरान खान ने राजनीतिक और आर्थिक हालात को लेकर देशवासियों को विश्वास में लेने की कोशिश की. पाकिस्तानी पीएम ने देश की आर्थिक तंगहाली के लिए राजनीतिक दलों पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) और पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएल-एन) को जिम्मेदार ठहराया.बजट के ऐलान के कुछ घंटे बाद संबोधन में इमरान ने कहा, पाकिस्तान आर्थिक तौर पर अब स्थिर है और मेरी सरकार दिवालिया होने के किसी तनाव में नहीं है…अब मैं उन लोगों (विपक्षी दलों) के पीछे पड़ूंगा और देश की संपत्ति लूटने पर उनसे हिसाब लूंगा.

पाकिस्तानी प्रीमियर ने विपक्षी पार्टियों पर जमकर हमला बोला और देश की खस्ताहाल के लिए जिम्मेदार ठहराया. इमरान ने कहा कि अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के बाद अब उनका पूरा जोर देश को बर्बादी के कगार पर पहुंचाने वाले लोगों को सजा दिलाने पर होगा.

इमरान ने अपने संबोधन में एक उच्च स्तरीय जांच आयोग बनाने का ऐलान किया. इमरान ने कहा, इस जांच आयोग का केवल एक एजेंडा होगा कि विपक्षी दलों ने 10 वर्षों में पाकिस्तान पर 24000 अरब का कर्ज कैसे चढ़ा दिया? इसमें सारी बड़ी जांच संस्थाओं को भी शामिल किया जाएगा.उन्होंने आगे कहा, “यह आयोग सत्ता में रहे लोगों की पूरी जांच करेगा और एक रिपोर्ट तैयार करेगा ताकि इस देश को कोई भी दोबारा मुश्किल में डालने की हिम्मत ना कर सके.”

प्रीमियर ने कहा, “मुझे विरोध-प्रदर्शनों से ब्लैकमेल नहीं किया जा सकता है. अगर मेरी जान भी चली जाती है तो मैं चोरों को अकेला नहीं छोड़ूंगा. मैंने अल्लाह से एक मौका मांगा था और मैं उन्हें नहीं छोड़ूंगा.”

इमरान ने अपने संबोधन की शुरुआत रियासत-ए-मदीना के जिक्र के साथ किया. उन्होंने कहा, मेरा नया पाकिस्तान रियासत-ए-मदीना पर आधारित होगा. मेरे शब्द याद रखिएगा कि पाकिस्तान एक महान देश बनेगा.उन्होंने कहा, जब से मैं सत्ता में आया हूं, तभी से लोग मुझसे पूछते हैं कि नया पाकिस्तान कहां है? मैं उन्हें बता दूं कि मदीना पहले दिन से ही मदीना नहीं बन गया था, एक कल्याणकारी राज्य बनने में उसे भी वक्त लगा था.

कई बड़े राजनेताओं की गिरफ्तारी पर इमरान खान ने कहा, मैं अल्लाह के प्रति शुक्रगुजार हूं कि इन लोगों को जेल हो गई है, किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि ऐसा हो सकता है. आज न्यायिक व्यवस्था स्वतंत्र है. जांच एजेंसियां हमारी नहीं हैं. हमने किसी की नियुक्ति नहीं की है. यही नया पाकिस्तान है और आप संस्थाओं में इस स्वतंत्रता को महसूस कर सकेंगे.

प्रधानमंत्री इमरान ने विपक्षी दलों पर हमला बोला. उन्होंने कहा, नवाज शरीफ और जरदारी के बीच एक समझौता हो गया था कि दोनों बारी-बारी से पांच वर्षों के लिए शासन करेंगे और एक-दूसरे के खिलाफ कुछ नहीं कहेंगे. इन दोनों की साझेदारी की वजह से 6000 अरब रुपए का कर्ज 30,000 अरब रुपए तक पहुंच गया. मैं सवाल पूछता हूं कि कर्ज के पैसे का क्या किया गया?. जब कर्ज नियंत्रण से बाहर हो गया तो क्या हुआ? पाकिस्तान के तीन राजनीतिक घरानों की दौलतों में बेशुमार बढ़ोतरी हुई. 2008 के बाद पाकिस्तान पर जो कर्ज बढ़ा, उसके पीछे सबसे बड़ी वजह भ्रष्टाचार थी. जब कर्ज बढ़ रहा था तो उनकी दौलत 85 फीसदी की दर से बढ़ रही थी.

सरकार आने के बाद मुश्किल हालात का जिक्र करते हुए इमरान ने कहा, “हमारी हुकूमत आने से पहले साढ़े 19 अरब डॉलर का कर्ज था. साढ़े नौ महीने हो गए हैं, मैंने मुश्किल से 8 दिन की छुट्टी ली है. हम भारी दबाव से होकर गुजर रहे थे कि देश को कैसे स्थिर करेंगे. मैं खौफ में रहता था कि अगर हम पहले की सरकारों के लिए कर्ज की किस्ते ना भर पाएं तो मुल्क डिफॉल्टर बन जाएगा. डिफॉल्टर बनने के बाद मुल्क पता नहीं कितना पीछे चला जाता. पाकिस्तानी रुपया इतना नीचे गिर जाता कि वेनेजुएला की तरह हम बोरों में भरकर पैसे ले जा रहे होते.

इमरान ने अंत में देशवासियों से ‘कुर्बानी’ देने की अपील की. उन्होंने कहा, “मैं अपना सारा खर्चा खुद उठाता हूं इसमें मेरे परिवार का गुजारा नहीं होता लेकिन मैं अपने मुल्क के लिए कुर्बानी दे रहा हूं क्योंकि मेरा मुल्क मुश्किल में है. पाकिस्तानी आर्मी ने जिस तरह की कुर्बानी दी है, मैं उनको भी सलाम करता हूं. एक तरफ दहशतगर्दी है, हर तरफ हमारे सैनिक शहीद होते हैं, उसके बावजूद आर्मी ने अपना वेतन नहीं बढ़ाने का ऐलान किया. पहली दफा हमारी सरकार ने अपना खर्च 50 अरब रुपए तक कम किया है. हमने सांसदों, कैबिनेट सबके वेतन में 10 फीसदी तक कटौती की है. हम सब मिलकर कुर्बानी देंगे और मुल्क को मुश्किल से निकाल लेंगे.”

पाकिस्तानियों से भावुक अपील करते हुए इमरान ने कहा, पाकिस्तानी कौम दुनिया में सबसे ज्यादा खैरात देती है लेकिन सबसे कम टैक्स. हमें इसी कौम से टैक्स इकठ्ठा करना है और इसके लिए मुझे आपकी जरूरत है. खुद्दार मुल्क बनने के लिए ये नहीं हो सकता है कि हम दुनिया में सबसे कम टैक्स भरें और सबके सामने हाथ फैलाएं. मेरे साथ मिलकर पैसा इकठ्ठा करवाएं. मैं आपके साथ मिलकर कुर्बानी दूंगा. ये चंद महीने केवल हमारा मुश्किल वक्त है, फिर यहां लोग निवेश करने के लिए दौड़े हुए आएंगे. ”

इमरान ने एमनेस्टी स्कीम का फायदा उठाने की भी अपील की और चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तानी नागरिक 30 जून तक अपनी बेनामी संपत्तियों और अकाउंट का ऐलान नहीं करते हैं तो उसे कानूनन जब्त कर लिया जाएगा. इससे पहले दिए राष्ट्र के नाम संबोधन में उन्होंने बेनामी संपत्तियों को लेकर सभी पाकिस्तानियों को चेतावनी दी थी.

इमरान के इस संबोधन पर विपक्षी दल ने भी प्रतिक्रिया दी है. पीपीपी चेरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी ने इसे घबराहट में आधी रात को दिया गया संबोधन करार दिया. उन्होंने कहा, पीएम को डर है कि वह PTIMF (तंज से PTI के साथ IMF) बजट पास नहीं करा पाएंगे और उनकी सरकार गिर जाएगी. बढ़ते टैक्स और महंगाई और बेरोजगारी के पक्ष में एक भी पाकिस्तानी खड़ा नहीं होगा. यह बजट आर्थिक आत्महत्या है और हम इसे पास नहीं होने देंगे.

बता दें कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से 6 अरब डॉलर का कर्ज लिया है जिसके लिए आईएमएफ की कर राजस्व बढ़ाने समेत कई कड़ी शर्तें पाकिस्तान को माननी पड़ी है. यह बजट भी आईएमएफ की इन्हीं कड़ी शर्तों की छाया में पेश किया गया.

इमरान का यह संबोधन बजट को देखते हुए अहम माना जा रहा है. मंगलवार को पेश किए बजट में पीटीआई (पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ) सरकार ने अर्थव्यवस्था के लगभग हर क्षेत्र में भारी-भरकम टैक्स लगाया है. पीटीआई सरकार आईएमएफ की बेलआउट पैकेज के लिए तय की गई शर्तों के अनुरूप आयकर व बिक्री कर से राजस्व बढ़ाने की कोशिश कर रही है. 1 जुलाई से पाकिस्तानी नागरिकों को भारी-भरकम टैक्स का बोझ झेलना होगा.

सरकार ने वर्तमान के आयकर की अधिकतम दर को 25 फीसदी से बढ़ाकर 35 फीसदी कर दिया है. इसके अलावा, टैक्स स्लैब को भी बढ़ा दिया गया है जिसके तहत अब सैलरी क्लास को 50,000 मासिक आय और नॉन सैलरीड क्लास को 33,333 रुपए की मासिक आय पर टैक्स चुकाना पड़ेगा. आयकर के दम पर ही सरकार ने आने वाले वित्तीय वर्ष में करीब 258 अरब रुपए का अतिरिक्त राजस्व बढ़ाने का लक्ष्य रखा है.

इसके अलावा बजट में जो अहम फैसला लिया गया है, वह है- पांच निर्यातक आधारित क्षेत्रों की मिलने वाली जोरी रेटिंग फैसिलिटी खत्म कर 17 फीसदी जीएसटी लागू करना. बिक्री कर से सरकार करीब 250 अरब राजस्व की उम्मीद कर रही है. इमरान सरकार ने पहले बजट में 1.405 ट्रिलियन रुपए के भारी-भरकम कर संग्रहण की योजना बनाई है. इसके बावजूद, पाकिस्तान के कुल वित्तीय घाटे में कोई कमी नहीं आई है. पाक का वित्तीय घाटा जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) का 7.2 फीसदी यानी 3.15 ट्रिलियन रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने वाला है.

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