Tuesday , July 16 2019
Home / Featured / मोदी 2.0: पाइपलाइन से हर गांव को पानी, तैनात होंगे जलदूत

मोदी 2.0: पाइपलाइन से हर गांव को पानी, तैनात होंगे जलदूत

नई दिल्ली

पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री के तौर पर अपने पहले कार्यकाल में ‘स्वच्छ भारत मिशन’ को अपनी फ्लैगशिप स्कीम बनाया था। अब दूसरी पारी में मोदी सरकार ग्रामीण भारत के सभी घरों तक पाइपलाइन से पानी पहुंचाने की योजना पर काम करेगी। इस स्कीम के तहत केंद्र सरकार पाइपलाइन के जरिए पानी की सप्लाई और जल संरक्षण पर फोकस करेगी। जल संसाधन मंत्रालय को ‘जल शक्ति’ बनाकर पीएम मोदी ने पहले ही इस बात के संकेत दे दिए थे कि आने वाले वक्त में जल की उपलब्धता सरकार की प्राथमिकता में होगी।

सौभाग्य योजना के तहत मोदी सरकार ने देश के हर घर में बिजली पहुंचाने के अपने लक्ष्य को लगभग हासिल कर लिया है। हालांकि अब हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने का अभियान आसान नहीं है। नीति आयोग की मीटिंग में शनिवार को पीएम मोदी ने केंद्र सरकार का अजेंडा पेश करते हुए कहा कि हमारा मुख्य लक्ष्य साथ मिलकर जल से जुड़े मुद्दों को हल करना है। यह काम जल शक्ति मंत्रालय की ओर से किया जाएगा। मोदी सरकार फिलहाल ग्रामीण भारत में 2024 तक हर घर तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक गांवों में पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने की वृद्धि दर 2013-14 में 12 पर्सेंट थी, लेकिन 2017-18 में इस स्कीम में 17% का इजाफा हुआ है।

ग्रामीणों को जागरूक करेंगे जलदूत
सूत्रों के मुताबिक 2024 तक गांवों में हर घर तक पाइपलाइन से पानी पहुंचाने की स्कीम भी शौचलय निर्माण जैसी ही है। अक्टूबर 2014 में ग्रामीण भारत के 33 फीसदी घरों में ही शौचालय थे, लेकिन आज यह आंकड़ा 99 फीसदी तक पहुंच गया है। सरकार ने जल पहुंचाने के अलावा उसके संरक्षण और सदुपयोग के लिए भी लोगों को जागरूक करने का फैसला लिया है। आमलोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए सरकार ‘जलदूतों’ की नियुक्ति की योजना बना रही है। इससे पहले सरकार ने स्वच्छता मिशन के तहत स्वच्छदूत या स्वच्छाग्रहियों का चयन किया था।

राज्यों ने सूखे की स्थिति पर जताई चिंता
नीति आयोग की बैठक में कई राज्यों में सूखे की स्थिति को लेकर भी चर्चा हुई। राज्यों की ओर से आपदा प्रबंधन के नियमों की समीक्षा किए जाने की भी मांग उठी। नीति आयोग ने इस पर विचार करने की बात कही। मीटिंग के दौरान खास तौर पर जल की उपलब्धता को लेकर बात हुई और कई राज्यों ने अपने यहां के उदाहरण भी प्रस्तुत किए।

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

सामूहिक नकल: 959 छात्रों ने लिख डाला एक जैसा गलत जवाब

अहमदाबाद गुजरात सेकंडरी ऐंड हायर सेकंडरी एजुकेशन बोर्ड (GSHSEB) के अधिकारी उस वक्त हैरान रह …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)